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Jhajjar-Bahadurgarh News: एक जगह बैठकर घंटों काम करने से बढ़ रहे कमर दर्द के मामले
Wed, 16 Oct 2024 05:41 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Wed, 16 Oct 2024 05:41 AM IST
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झज्जर। आजकल की भागदौड़ की जिंदगी में एक ही जगह पर घंटों बैठकर काम करना, खानपान में बदलाव, वजन ज्यादा उठाने के चलते कमर दर्द या फिर रीढ़ की हड्डी में दर्द की शिकायतें बढ़ रही है। ऐसे में बीच में ब्रेक लेकर काम करना चाहिए। साथ ही ज्यादा वजन का सामान नहीं उठान चाहिए। व्यायाम व योग करना चाहिए।
इन दिनों लगातार काम करने की वजह से भी कमर दर्द या रीढ़ की हड्डी में दर्द के मामले बढ़ रहे हैं, जिनमें ज्यादातर महिलाओं की संख्या है। इनमें चाहे घर का काम संभालने वाली महिलाएं हों या फिर ऑफिस में काम करने वाली महिलाएं। जिला सिविल अस्पताल में प्रतिदिन 70 से 75 मामले कमर दर्द या रीढ़ की हड्डी में दर्द के आ रहे हैं। इस महीने अभी तक 985 मरीज आए हैं। इसमें से 60 प्रतिशत मरीज कमर दर्द, रीढ़ की हड्डी में दर्द से पीड़ित मिले हैं।
रीढ़ की हड्डी में गैप आने की समस्या सामने आ रही है। इसके अलावा रीढ़ की हड्डी में टीबी मिलने के मरीज भी प्रति माह एक से दो आ रहे हैं। पिछले सात महीनों में 13718 मरीजों ने सिविल अस्पताल में उपचार कराया। खासकर महिलाओं को यह समस्या ज्यादा हो रही है। ज्यादातर महिलाएं भार उठाती हैं और भार उठाते समय महिलाओं को कमर दर्द से या फिर रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो जाता है। इसलिए समय रहते डॉक्टर से सलाह ले लेनी चाहिए।
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क्या है लक्षण.
-अधिक दिनों तक पीठ में तेज दर्द महसूस होना।
-दर्द जांघों से होते हुए पैरों तक पहुंचना।
-एक समय बाद पूरे शरीर में अकड़न महसूस होना।
-रीढ़ की हड्डी में कट-कट की आवाज आना।
-बिना वजह पसीने आना, पैरों की कमजोरी
-चलने में समस्या होना।
-समय-समय पर चक्कर आना।
-सांस लेने में दिक्कत
-पेशान पर कंट्रोल न हीं करना पाना।
-शरीर का बैलेंस बनाने में परेशानी।
इंसेट
सिविल अस्पताल में आए मरीजों पर एक नजर
महीना मरीजों की संंख्या
अप्रैल 2150
मई 2046
जून 2205
जुलाई 2184
अगस्त 2094
सितंबर 2054
अक्तूबर अब तक 985
वर्जन
आजकल कमर दर्द की समस्या लोगों में आम हो गई है। हर रोज 60 प्रतिशत लोगों में यह समस्या आ रही है। महिलाएं इस समस्या से ज्यादा परेशान हैं। लोगों को अपनी जीवन शैली बदलनी चाहिए। व्यायाम करना चाहिए।-डॉ. विकास अहलावत, हड्डी रोग विशेषज्ञ, सिविल अस्पताल, झज्जर
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इन दिनों लगातार काम करने की वजह से भी कमर दर्द या रीढ़ की हड्डी में दर्द के मामले बढ़ रहे हैं, जिनमें ज्यादातर महिलाओं की संख्या है। इनमें चाहे घर का काम संभालने वाली महिलाएं हों या फिर ऑफिस में काम करने वाली महिलाएं। जिला सिविल अस्पताल में प्रतिदिन 70 से 75 मामले कमर दर्द या रीढ़ की हड्डी में दर्द के आ रहे हैं। इस महीने अभी तक 985 मरीज आए हैं। इसमें से 60 प्रतिशत मरीज कमर दर्द, रीढ़ की हड्डी में दर्द से पीड़ित मिले हैं।
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रीढ़ की हड्डी में गैप आने की समस्या सामने आ रही है। इसके अलावा रीढ़ की हड्डी में टीबी मिलने के मरीज भी प्रति माह एक से दो आ रहे हैं। पिछले सात महीनों में 13718 मरीजों ने सिविल अस्पताल में उपचार कराया। खासकर महिलाओं को यह समस्या ज्यादा हो रही है। ज्यादातर महिलाएं भार उठाती हैं और भार उठाते समय महिलाओं को कमर दर्द से या फिर रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो जाता है। इसलिए समय रहते डॉक्टर से सलाह ले लेनी चाहिए।
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क्या है लक्षण.
-अधिक दिनों तक पीठ में तेज दर्द महसूस होना।
-दर्द जांघों से होते हुए पैरों तक पहुंचना।
-एक समय बाद पूरे शरीर में अकड़न महसूस होना।
-रीढ़ की हड्डी में कट-कट की आवाज आना।
-बिना वजह पसीने आना, पैरों की कमजोरी
-चलने में समस्या होना।
-समय-समय पर चक्कर आना।
-सांस लेने में दिक्कत
-पेशान पर कंट्रोल न हीं करना पाना।
-शरीर का बैलेंस बनाने में परेशानी।
इंसेट
सिविल अस्पताल में आए मरीजों पर एक नजर
महीना मरीजों की संंख्या
अप्रैल 2150
मई 2046
जून 2205
जुलाई 2184
अगस्त 2094
सितंबर 2054
अक्तूबर अब तक 985
वर्जन
आजकल कमर दर्द की समस्या लोगों में आम हो गई है। हर रोज 60 प्रतिशत लोगों में यह समस्या आ रही है। महिलाएं इस समस्या से ज्यादा परेशान हैं। लोगों को अपनी जीवन शैली बदलनी चाहिए। व्यायाम करना चाहिए।-डॉ. विकास अहलावत, हड्डी रोग विशेषज्ञ, सिविल अस्पताल, झज्जर