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Jhajjar-Bahadurgarh News: बीटेक प्रोमिला की सोशल इंजीनिरिंग...ड्यूटी खत्म होते ही बन जाती हैं शिक्षिका
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11jjrp11- बच्चों को पढ़ाती प्रोमिला। स्रोत : संस्था
झज्जर। सेक्टर-6 निवासी इंजीनियर प्रोमिला दिन में अपनी ड्यूटी करती हैं और शाम को मजदूरी और दिहाड़ी करके अपना जीवन यापन करने वाले अभिभावकों के बच्चों को पढ़ाती हैं। ताकि वह मुख्यधारा से जुड़ सकें। वह शाम को चार से छह बजे तक निशुल्क बच्चों को पढ़ाती हैं।
नव पंख सोशल वेलफेयर सोसाइटी से जुड़ी बीटेक इंजीनियर प्रोमिला रिलायंस मेट दादरी तोय स्थित निजी कंपनी में काम करती हैं। ड्यूटी के बाद पांच वर्ष की बेटी को साथ लेकर वंचित वर्ग के बच्चों को निशुल्क शिक्षा देती हैं। परिवार और नौकरी की जिम्मेदारियों के बीच भी प्रोमिला ने समाजसेवा का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया है जो हर किसी को प्रेरित करता है।
बेटी भी साथ पढ़ती
प्रोमिला शाम को जब संस्था में आती है तो उनके साथ बेटी भी साथ होती है। उनकी बेटी भी इन वंचित बच्चों के साथ बैठकर पढ़ाई करती है। इससे वहां मौजूद हर बच्चा खुद को परिवार का हिस्सा महसूस करता है। प्रोमिला मूल रूप से झज्जर के सेक्टर-6 की रहने वाली है। उनकी शादी पलवल में हुई है। जॉब के कारण वह झज्जर में रहती हैं।
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फरीदाबाद में भी स्लम के बच्चों को पढ़ाया
प्रोमिला के पिता बिजेंद्र बैनीवाल बिजली निगम से सेवानिवृत्त है। वह भी कई सालों से सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेते रहे हैं। उनको देखकर ही प्रोमिला ने सामाजिक कार्य करने की ठानी और फरीदाबाद में भी 5 साल तक स्लम में जाकर बच्चों को पढ़ाने का काम किया। अब पिछले एक साल से झज्जर में वंचित वर्ग के बच्चों का भविष्य संवार रही हैं। प्रोमिला का कहना है कि बच्चों को शिक्षित कर उनको मन की शांति मिलती है। उनके पति भी पेशे से इंजीनियर हैं।
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नव पंख सोशल वेलफेयर सोसाइटी से जुड़ी बीटेक इंजीनियर प्रोमिला रिलायंस मेट दादरी तोय स्थित निजी कंपनी में काम करती हैं। ड्यूटी के बाद पांच वर्ष की बेटी को साथ लेकर वंचित वर्ग के बच्चों को निशुल्क शिक्षा देती हैं। परिवार और नौकरी की जिम्मेदारियों के बीच भी प्रोमिला ने समाजसेवा का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया है जो हर किसी को प्रेरित करता है।
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बेटी भी साथ पढ़ती
प्रोमिला शाम को जब संस्था में आती है तो उनके साथ बेटी भी साथ होती है। उनकी बेटी भी इन वंचित बच्चों के साथ बैठकर पढ़ाई करती है। इससे वहां मौजूद हर बच्चा खुद को परिवार का हिस्सा महसूस करता है। प्रोमिला मूल रूप से झज्जर के सेक्टर-6 की रहने वाली है। उनकी शादी पलवल में हुई है। जॉब के कारण वह झज्जर में रहती हैं।
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फरीदाबाद में भी स्लम के बच्चों को पढ़ाया
प्रोमिला के पिता बिजेंद्र बैनीवाल बिजली निगम से सेवानिवृत्त है। वह भी कई सालों से सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेते रहे हैं। उनको देखकर ही प्रोमिला ने सामाजिक कार्य करने की ठानी और फरीदाबाद में भी 5 साल तक स्लम में जाकर बच्चों को पढ़ाने का काम किया। अब पिछले एक साल से झज्जर में वंचित वर्ग के बच्चों का भविष्य संवार रही हैं। प्रोमिला का कहना है कि बच्चों को शिक्षित कर उनको मन की शांति मिलती है। उनके पति भी पेशे से इंजीनियर हैं।