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ब्लैक फंगस से युवक की मौत, गुरुग्राम के निजी अस्पताल में कराया था भर्ती
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झज्जर। जिले के अंतिम छोर पर स्थित लोहारी गांव में एक तीस साल के युवक की ब्लैक फंगस से मौत हो गई है। मृतक के ताऊ के लड़के ने इसकी पुष्टि की है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इसके बारे में सोमवार को पता करवाने की बात कह रहे हैं। युवक की कोरोना रिपोर्ट भी निगेटिव आ चुकी थी। उसे पीलिया की शिकायत होने के कारण शनिवार को गुरुग्राम के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का कहना है कि रविवार को इलाज के दौरान युवक ने दम तोड़ दिया।
लोहारी गांव निवासी योगश पुत्र सुरेश का कहना है कि चाचा के लड़के विक्की पुत्र मुकेश को शनिवार को गुरुग्राम के मैक्स अस्पताल में पीलिया की बीमारी को लेकर भर्ती कराया था। जांच के दौरान चिकित्सकों ने उसे ब्लैक फंगस बताया था। विक्की की रविवार को मौत हो गई। वह पोस्ट ग्रेजुएट की पढ़ाई करने के बाद घर पर कामकाज करता था। तीन साल पहले उसकी शादी हुई थी। वे दो भाई हैं।
किसी भी व्यक्ति की मौत के बाद श्मशान तक पैदल जाने का नहीं है रास्ता
गांव लोहारी में एक बुजुर्ग व्यक्ति व एक युवक की मौत हुई है। उनके शरीर को चार कंधों की बजाय ट्रैक्टर ट्राली से श्मशान तक ले जाना पड़ा। दरअसल, ऐसा करने की वजह बीच रास्ते की गली में जमा होने वाला गंदा पानी है। गंदे पानी से होकर गुजरने वाली दिक्कत से बचने के लिए यह रास्ता चुनना पड़ा। दो ट्रैक्टर-ट्राली के माध्यम से ग्रामीण श्मशान घाट तक पहुंचे। खास तौर पर अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए परिवार के लोग भी गांव की गलियों के हालात को देखकर काफी व्यथित दिखे। इधर, ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले करीब तीन साल से यह व्यवस्था चली आ रही है। हर स्तर पर समस्या के समाधान के लिए मांग उठाई गई है। लेकिन, कोई रास्ता नहीं निकल पा रहा। करीब 70 वर्षीय बुजुर्ग रामकुमार का रविवार को निधन हो गया है। इनके घर से श्मशान घाट तक जाने वाले रास्ते के बीच की एक गली के काफी हिस्से में गंदा पानी जमा होता है। ऐसी स्थिति में यहां से अन्य दिनों में भी पैदल चलना मुश्किल हो जाता है।
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वर्जन
फिलहाल तक ब्लैक फंगस से मौत होने की सूचना नहीं है। सोमवार को इसका पता करवाया जाएगा। अगर अस्पताल से ब्लैक फंगस की रिपोर्ट दी गई है तो ही उसकी मौत को विभाग की तरफ से ब्लैक फंगस से मौत माना जाएगा।
- डॉ संजीव मलिक, नोडल अधिकारी व उप सिविल सर्जन, झज्जर।
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लोहारी गांव निवासी योगश पुत्र सुरेश का कहना है कि चाचा के लड़के विक्की पुत्र मुकेश को शनिवार को गुरुग्राम के मैक्स अस्पताल में पीलिया की बीमारी को लेकर भर्ती कराया था। जांच के दौरान चिकित्सकों ने उसे ब्लैक फंगस बताया था। विक्की की रविवार को मौत हो गई। वह पोस्ट ग्रेजुएट की पढ़ाई करने के बाद घर पर कामकाज करता था। तीन साल पहले उसकी शादी हुई थी। वे दो भाई हैं।
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किसी भी व्यक्ति की मौत के बाद श्मशान तक पैदल जाने का नहीं है रास्ता
गांव लोहारी में एक बुजुर्ग व्यक्ति व एक युवक की मौत हुई है। उनके शरीर को चार कंधों की बजाय ट्रैक्टर ट्राली से श्मशान तक ले जाना पड़ा। दरअसल, ऐसा करने की वजह बीच रास्ते की गली में जमा होने वाला गंदा पानी है। गंदे पानी से होकर गुजरने वाली दिक्कत से बचने के लिए यह रास्ता चुनना पड़ा। दो ट्रैक्टर-ट्राली के माध्यम से ग्रामीण श्मशान घाट तक पहुंचे। खास तौर पर अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए परिवार के लोग भी गांव की गलियों के हालात को देखकर काफी व्यथित दिखे। इधर, ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले करीब तीन साल से यह व्यवस्था चली आ रही है। हर स्तर पर समस्या के समाधान के लिए मांग उठाई गई है। लेकिन, कोई रास्ता नहीं निकल पा रहा। करीब 70 वर्षीय बुजुर्ग रामकुमार का रविवार को निधन हो गया है। इनके घर से श्मशान घाट तक जाने वाले रास्ते के बीच की एक गली के काफी हिस्से में गंदा पानी जमा होता है। ऐसी स्थिति में यहां से अन्य दिनों में भी पैदल चलना मुश्किल हो जाता है।
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फिलहाल तक ब्लैक फंगस से मौत होने की सूचना नहीं है। सोमवार को इसका पता करवाया जाएगा। अगर अस्पताल से ब्लैक फंगस की रिपोर्ट दी गई है तो ही उसकी मौत को विभाग की तरफ से ब्लैक फंगस से मौत माना जाएगा।
- डॉ संजीव मलिक, नोडल अधिकारी व उप सिविल सर्जन, झज्जर।