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Jhajjar-Bahadurgarh News: बीसीसीआई के 11 मई को प्रस्तावित चुनाव स्थगित
Sun, 10 May 2026 01:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sun, 10 May 2026 01:26 AM IST
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-फोटो 59 : वोटर लिस्ट में खामियों को लेकर सवाल खड़े करते प्रोग्रेसिव फ्रंट पैनल से जुड़े उद्यमी।
बहादुरगढ़। उद्यमियों की पुरानी संस्था बहादुरगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (बीसीसीआई) के 11 मई को प्रस्तावित चुनाव फिलहाल स्थगित हो गए है। टीम प्रोग्रेसिव फ्रंट पैनल से जुड़े प्रवीण गर्ग समेत अन्य ने मतदाता सूची में कई तरह की खामियों को लेकर सवाल खड़े करते हुए जिला रजिस्ट्रार, फर्म्स एंड सोसाइटी, जिला झज्जर के समक्ष औपचारिक शिकायत की।
इस पर जिला रजिस्ट्रार ने चुनाव प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित कर दिया है। संपूर्ण मतदाता सूची की निष्पक्ष और विस्तृत जांच सुनिश्चित करने के लिए 4 सदस्यों की स्वतंत्र समिति का गठन किया है। समिति परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इसके आधार पर आगे की चुनावी प्रक्रिया को लेकर कोई निर्णय लिया जाएगा।
शिकायतकर्ताओं की मानें तो मतदाता सूची में 70 से अधिक संदिग्ध और फर्जी मतदाता पाए गए जबकि कई वास्तविक और पात्र औद्योगिक सदस्यों के नाम सूची से अनुपस्थित थे। यह स्थिति न केवल चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रश्न चिह्न लगाती है बल्कि निष्पक्ष एवं लोकतांत्रिक व्यवस्था के मूल सिद्धांतों के भी विपरीत है।
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उद्योग विकास मंच से जुड़े उद्यमियों नरिंदर छिकारा और अन्य ने टीम प्रोग्रेसिव फ्रंट और कोबी से जुड़े लोगों पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि चुनावी हार सामने देख ही उन्होंने ओछे हथकंडे अपनाकर चुनाव प्रक्रिया रुकवाने की साजिश रची। मंच सदस्यों ने कहा कि कुछ लोग वर्षों से बीसीसीआई को कमजोर और खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं।
मंच का आरोप है कि फ्रंट सदस्यों ने पहले सदस्य सूची पर सवाल उठाया, फिर नामांकन फार्मों को लेकर हंगामा किया और बाद में वोटों पर आपत्तियां लगाकर चुनाव प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश की गई। जबकि निर्वाचन अधिकारी द्वारा सभी आपत्तियों का समाधान किया जा चुका था। यहां तक कि टीम प्रोग्रेसिव फ्रंट के जिन 12 नामांकन फार्मों में तकनीकी खामियां थीं उन्हें भी निष्पक्ष चुनाव कराने की भावना से स्वीकार किया गया ताकि कोई पक्षपात के आरोप न लगा सकें। मंच सदस्यों का कहना है कि फ्रंट की ओर से मतदाता सूची को लेकर लगाए गए आरोप निराधार है। कुछ व्यक्ति बीसीसीआई को कमजोर और खत्म करने का प्रयास कर रहे हैं। उद्योग विकास मंच सदस्यों ने कहा कि उन्होंने उद्यमियों की आवाज उठाने का कार्य किया है निजी स्वार्थों से उनका कोई लेना देना नहीं।
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इस पर जिला रजिस्ट्रार ने चुनाव प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित कर दिया है। संपूर्ण मतदाता सूची की निष्पक्ष और विस्तृत जांच सुनिश्चित करने के लिए 4 सदस्यों की स्वतंत्र समिति का गठन किया है। समिति परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इसके आधार पर आगे की चुनावी प्रक्रिया को लेकर कोई निर्णय लिया जाएगा।
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शिकायतकर्ताओं की मानें तो मतदाता सूची में 70 से अधिक संदिग्ध और फर्जी मतदाता पाए गए जबकि कई वास्तविक और पात्र औद्योगिक सदस्यों के नाम सूची से अनुपस्थित थे। यह स्थिति न केवल चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रश्न चिह्न लगाती है बल्कि निष्पक्ष एवं लोकतांत्रिक व्यवस्था के मूल सिद्धांतों के भी विपरीत है।
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उद्योग विकास मंच से जुड़े उद्यमियों नरिंदर छिकारा और अन्य ने टीम प्रोग्रेसिव फ्रंट और कोबी से जुड़े लोगों पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि चुनावी हार सामने देख ही उन्होंने ओछे हथकंडे अपनाकर चुनाव प्रक्रिया रुकवाने की साजिश रची। मंच सदस्यों ने कहा कि कुछ लोग वर्षों से बीसीसीआई को कमजोर और खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं।
मंच का आरोप है कि फ्रंट सदस्यों ने पहले सदस्य सूची पर सवाल उठाया, फिर नामांकन फार्मों को लेकर हंगामा किया और बाद में वोटों पर आपत्तियां लगाकर चुनाव प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश की गई। जबकि निर्वाचन अधिकारी द्वारा सभी आपत्तियों का समाधान किया जा चुका था। यहां तक कि टीम प्रोग्रेसिव फ्रंट के जिन 12 नामांकन फार्मों में तकनीकी खामियां थीं उन्हें भी निष्पक्ष चुनाव कराने की भावना से स्वीकार किया गया ताकि कोई पक्षपात के आरोप न लगा सकें। मंच सदस्यों का कहना है कि फ्रंट की ओर से मतदाता सूची को लेकर लगाए गए आरोप निराधार है। कुछ व्यक्ति बीसीसीआई को कमजोर और खत्म करने का प्रयास कर रहे हैं। उद्योग विकास मंच सदस्यों ने कहा कि उन्होंने उद्यमियों की आवाज उठाने का कार्य किया है निजी स्वार्थों से उनका कोई लेना देना नहीं।