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आंदोलनकारी किसानों ने फिर टोल फ्री करवाया केएमपी
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राहगीर के वाहनों को कड़ी सुरक्षा में निकाला गया।
- फोटो : Bahadurgarh
बहादुरगढ़। तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने और एमएसपी की गारंटी का कानून बनाने के लिए आंदोलन कर रहे किसानों ने वीरवार को मांडोठी टोल प्लाजा पर भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे को टोल फ्री करवा दिया। इस मार्ग पर टोल वसूली को लेकर पुलिस-प्रशासन और किसानों में तीन घंटे से अधिक समय तक जद्दोजहद चली। आखिर प्रशासन को फिलहाल केएमपी को टोल फ्री करने की किसानों की बात माननी पड़ी।
केएमपी पर करीब दो सप्ताह से टोल वसूली चल रही थी। जो आंदोलनकारी किसानों मंजूर नहीं हुआ। किसानों का कहना है कि वे अपनी मांगें पूरी नहीं होने तक केएमपी पर टोल संग्रह नहीं करने देंगे। गत 18 अप्रैल को किसानों ने मांडोठी टोल प्लाजा पहुंचकर केएमपी को टोल फ्री करवाने की कोशिश की थी। लेकिन प्रशासनिक अधिकारी नहीं माने तो किसानों ने वीरवार 22 अप्रैल को 12 बजे तक का समय दिया था। वीरवार 12 बजे तक भी प्रशासन व संबंधित टोल कंपनी ने केएमपी को टोल फ्री नहीं किया तो किसान केएमपी के मांडोठी टोल प्लाजा पहुंचने शुरू हो गए। किसानों की अगुआई दलाल खाप के किसानों ने की। उधर, पुलिस व प्रशासन भी अलर्ट हो गए। एसडीएम हितेंद्र कुमार, डीएसपी पवन कुमार व राहुल देव ने स्थानीय पुलिस और आरएएफ के सैकड़ों जवानों के साथ मोर्चा संभाल लिया।
किसान नेशनल हाईवे नंबर-9 के पुल समीप एकत्रित हुए। इसके बाद लगभग एक बजे टोल प्लाजा पर अधिकारियों से मुलाकात कर केएमपी को टोल फ्री करने के उस वादे की याद दिलाई जो उन्होंने 18 अप्रैल को किया था। किसान एक्सप्रेस को जाम करने लगे तो पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें समझाया। करीब एक घंटे वाहनों को पुलिस ने अपनी कड़ी सुरक्षा में टोल बैरियर पार करवाया। इस बीच अपडाउन के एक-एक गेट से टोल संग्रह भी चलता रहा। किसान नेताओं भूप सिंह दलाल, बुल्लड़ पहलवान, जयकरण मांडोठी, बल्लू प्रधान व महेंद्र सिंह दलाल और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच कई बार बातचीत हुई।
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करीब दो बजे टीकरी बॉर्डर से करीब भारतीय किसान यूनियन उग्राहां से जुड़े 200 किसान पहुंच गए और अपनी संख्या बढ़ते ही किसानों ने 18 अप्रैल को दी गई अपनी चेतावनी के अनुसार किसानों लगभग पौने दो बजे केएमपी पर चक्का जाम कर दिया। वे धूप में ही केएमपी पर बैठ गए। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को आड़ा-तिरछा कर सड़क पर अवरोध बना दिए। कुछ ही देर बाद मजबूर होकर प्रशासन को केएमपी टोल फ्री करने की आंदोलकारियों की बात माननी पड़ी, तब जाकर किसानों ने चक्का जाम के लिए लगाए अवरोध हटाए। लगभग डेढ़-दो घंटा आम जनता को हुई परेशानी के लिए किसानों ने प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया।
टोल प्लाजा पर धरने पर बैठे किसानों को संबोधित करते हुए ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के प्रदेश सचिव जयकरण मांडोठी ने कहा कि हमारी लड़ाई प्रशासन से नहीं है। किसानों की सीधी लड़ाई मोदी सरकार और उसके आका अडानी-अंबानी व कारपोरेट जगत से है। हम तीन कानून रद्द करवाकर ही घर वापस लौटेंगे। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि दलाल खाप ने यह टोल प्लाजा फ्री करवाने का वादा किया है। इसलिए सरकार को यह चेतावनी है कि आगे इस बात का ध्यान रखें।
आंदोलनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल के खिलाफ नारेबाजी की। इस अवसर पर दयानंद चेयरमैन, कैप्टन दलाल, कपूर सिंह प्रधान, अतर सिंह शर्मा, जय किशन, महेंद्र सिंह, हजारीलाल, किसान सभा के प्रीत सिंह, राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के धाकड़ नेता जसवीर सिंह भट्टी, भारतीय किसान यूनियन के चिंटू प्रधान छारा भी उपस्थित थे।
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केएमपी पर करीब दो सप्ताह से टोल वसूली चल रही थी। जो आंदोलनकारी किसानों मंजूर नहीं हुआ। किसानों का कहना है कि वे अपनी मांगें पूरी नहीं होने तक केएमपी पर टोल संग्रह नहीं करने देंगे। गत 18 अप्रैल को किसानों ने मांडोठी टोल प्लाजा पहुंचकर केएमपी को टोल फ्री करवाने की कोशिश की थी। लेकिन प्रशासनिक अधिकारी नहीं माने तो किसानों ने वीरवार 22 अप्रैल को 12 बजे तक का समय दिया था। वीरवार 12 बजे तक भी प्रशासन व संबंधित टोल कंपनी ने केएमपी को टोल फ्री नहीं किया तो किसान केएमपी के मांडोठी टोल प्लाजा पहुंचने शुरू हो गए। किसानों की अगुआई दलाल खाप के किसानों ने की। उधर, पुलिस व प्रशासन भी अलर्ट हो गए। एसडीएम हितेंद्र कुमार, डीएसपी पवन कुमार व राहुल देव ने स्थानीय पुलिस और आरएएफ के सैकड़ों जवानों के साथ मोर्चा संभाल लिया।
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किसान नेशनल हाईवे नंबर-9 के पुल समीप एकत्रित हुए। इसके बाद लगभग एक बजे टोल प्लाजा पर अधिकारियों से मुलाकात कर केएमपी को टोल फ्री करने के उस वादे की याद दिलाई जो उन्होंने 18 अप्रैल को किया था। किसान एक्सप्रेस को जाम करने लगे तो पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें समझाया। करीब एक घंटे वाहनों को पुलिस ने अपनी कड़ी सुरक्षा में टोल बैरियर पार करवाया। इस बीच अपडाउन के एक-एक गेट से टोल संग्रह भी चलता रहा। किसान नेताओं भूप सिंह दलाल, बुल्लड़ पहलवान, जयकरण मांडोठी, बल्लू प्रधान व महेंद्र सिंह दलाल और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच कई बार बातचीत हुई।
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करीब दो बजे टीकरी बॉर्डर से करीब भारतीय किसान यूनियन उग्राहां से जुड़े 200 किसान पहुंच गए और अपनी संख्या बढ़ते ही किसानों ने 18 अप्रैल को दी गई अपनी चेतावनी के अनुसार किसानों लगभग पौने दो बजे केएमपी पर चक्का जाम कर दिया। वे धूप में ही केएमपी पर बैठ गए। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को आड़ा-तिरछा कर सड़क पर अवरोध बना दिए। कुछ ही देर बाद मजबूर होकर प्रशासन को केएमपी टोल फ्री करने की आंदोलकारियों की बात माननी पड़ी, तब जाकर किसानों ने चक्का जाम के लिए लगाए अवरोध हटाए। लगभग डेढ़-दो घंटा आम जनता को हुई परेशानी के लिए किसानों ने प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया।
टोल प्लाजा पर धरने पर बैठे किसानों को संबोधित करते हुए ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के प्रदेश सचिव जयकरण मांडोठी ने कहा कि हमारी लड़ाई प्रशासन से नहीं है। किसानों की सीधी लड़ाई मोदी सरकार और उसके आका अडानी-अंबानी व कारपोरेट जगत से है। हम तीन कानून रद्द करवाकर ही घर वापस लौटेंगे। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि दलाल खाप ने यह टोल प्लाजा फ्री करवाने का वादा किया है। इसलिए सरकार को यह चेतावनी है कि आगे इस बात का ध्यान रखें।
आंदोलनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल के खिलाफ नारेबाजी की। इस अवसर पर दयानंद चेयरमैन, कैप्टन दलाल, कपूर सिंह प्रधान, अतर सिंह शर्मा, जय किशन, महेंद्र सिंह, हजारीलाल, किसान सभा के प्रीत सिंह, राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के धाकड़ नेता जसवीर सिंह भट्टी, भारतीय किसान यूनियन के चिंटू प्रधान छारा भी उपस्थित थे।

टोल प्लाजा पर सभा करते आंदोलनकारी।- फोटो : Bahadurgarh