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टीकरी बार्डर के पास आंदोलनकारी किसान की मौत
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बहादुरगढ़। कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों के टीकरी बॉर्डर पड़ाव में बुधवार की रात में पंजाब के एक किसान की मौत हो गई। मौत के कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। लेकिन हृदयाघात होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
पंजाब के जिला संगरूर के गांव बलड़ा के रहने वाले मगर सिंह किसान आंदोलन के शुरुआत से ही सक्रिय थे। वह कई महीने टीकरी बॉर्डर पड़ाव में बिता चुके थे। बुधवार को वह संयुक्त किसान मोर्चा के सभास्थल पर मौजूद थे।
इस दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई। साथी किसान उन्हें चिकित्सक के पास लेकर गए, जहां से दवा लेने के बाद वह एमआईई में पंडित श्रीराम शर्मा मेट्रो स्टेशन के पास अपने टेंट में आराम करने लगे, पर कुछ समय बाद फिर से उसकी तबीयत खराब हो गई। साथी किसानों को पता चला तो वे उन्हें लेकर नागरिक अस्पताल गए, जहां पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। एमआईई पुलिस चौकी इंचार्ज सत्यनारायण ने बताया कि मगर सिंह करीब 65 साल के थे। वह दो बच्चों के पिता थे। कुछ रोज पहले ही अपने गांव से धरनास्थल पर लौटे थे। इससे पहले भी वह यहां आते-जाते रहे हैं। परिजनों के बयान पर कार्रवाई करने के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया उन्हें सौंप दिया है।
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पंजाब के जिला संगरूर के गांव बलड़ा के रहने वाले मगर सिंह किसान आंदोलन के शुरुआत से ही सक्रिय थे। वह कई महीने टीकरी बॉर्डर पड़ाव में बिता चुके थे। बुधवार को वह संयुक्त किसान मोर्चा के सभास्थल पर मौजूद थे।
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इस दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई। साथी किसान उन्हें चिकित्सक के पास लेकर गए, जहां से दवा लेने के बाद वह एमआईई में पंडित श्रीराम शर्मा मेट्रो स्टेशन के पास अपने टेंट में आराम करने लगे, पर कुछ समय बाद फिर से उसकी तबीयत खराब हो गई। साथी किसानों को पता चला तो वे उन्हें लेकर नागरिक अस्पताल गए, जहां पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। एमआईई पुलिस चौकी इंचार्ज सत्यनारायण ने बताया कि मगर सिंह करीब 65 साल के थे। वह दो बच्चों के पिता थे। कुछ रोज पहले ही अपने गांव से धरनास्थल पर लौटे थे। इससे पहले भी वह यहां आते-जाते रहे हैं। परिजनों के बयान पर कार्रवाई करने के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया उन्हें सौंप दिया है।
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