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प्रशासन ने मांगी उपद्रव की विडियो, नाम रहेगा गुप्त
ब्यूरो/अमर उजाला/झज्जर
Updated Fri, 26 Feb 2016 01:01 AM IST
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जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान उपद्रवियों की वीडियो व फोटो यदि किसी के पास उपलब्ध हैं तो वे प्रशासन तक उक्त वीडियो, फोटो तथा अन्य जरूरी सामग्री पहुंचा सकते हैं। डीसी अनीता यादव ने कहा कि उपद्रव से संबंधित वीडियो क्लिपिंग, फोटो व अन्य सामग्री मामले की जांच में काफी सहायक साबित होगी। उन्होंने भरोसा दिया कि आपका नंबर और पहचान गुप्त ही रखा जाएगा।
उपायुक्त ने बताया कि झज्जर जिला प्रशासन को इस प्रकार की सामग्री प्रशासन के वाट्सऐप नंबर 8199820068 पर अपलोड करके अथवा मेल कर जानकारी दे सकते हैं। इस नंबर पर आने वाले मैसेज व मेल की जानकारी प्रशासनिक स्तर पर जांच में शामिल की जाएगी और सूचना देने वाले का नाम व ब्यौरा पूर्णतया गुप्त रखा जाएगा। उन्होंने जिलावासियों से आह्वान किया कि वे भयमुक्त होकर उपद्रव से संबंधित वीडियो क्लिपिंग अथवा फोटो प्रशासन तक पहुंचा सकते हैं ताकि जांच में इसे शामिल किया जा सके।
आज से खुलेंगे शिक्षण संस्थान
झज्जर। जिलाधीश अनीता यादव ने कहा कि झज्जर जिले में पिछले दिनों हुई अप्रिय घटना के चलते अवरोध हुए रास्ते खुल चुके हैं। ऐसे में अब जिले के सभी शिक्षण संस्थान 26 फरवरी से नियमित रूप से खुलेंगे। शुक्रवार से जिले के सभी सरकारी व निजी शिक्षण संस्थानों में विधिवत रूप से कक्षाएं लगेंगी।
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पूर्णतया सुरक्षित हैं आप : डीसी
झज्जर। डीसी अनीता यादव ने कहा कि झज्जर जिले में अमन चैन कायम करने के लिए प्रशासन की ओर से हर पहलू पर ध्यान दिया जा रहा है। लोगों में आपसी भाईचारा कायम रहे और बिना भय के झज्जर जिले के लोग सुरक्षित रहें इसके लिए प्रशासन पर पूर्ण विश्वास रखें। उन्होंने कहा कि झज्जर, बेरी, बहादुरगढ़ शहरी क्षेत्र के साथ-साथ गांवों के मौजिज लोगों से सीधा संवाद करते हुए लोगों से भाईचारा बनाए रखने की अपील भी की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी रूप से शहर में उपद्रव करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
..तो क्या आज खुलेंगे बाजार
झज्जर। पिछले 6 दिन से मार्केट बंद हैं। वीरवार को सब्जीमंडी को भी बंद करा दिया गया। इसी बीच व्यापारियों की बैठक में मुद्दा भी उठा कि आखिर बंद कितने दिन रहेगा। असल में पूरा शहर की मार्केट बंद नहीं हो पा रही हैं। बाजार बंद के चलते सिलानी गेट पर हर तरह का सामान मिल जाता है। सुबह सब्जी मंडी भी आठ बजे तक आबाद रहती है। जरूरत का हर तरह का सामान यहां भी उपलब्ध है। व्यापारी सवाल उठा रहे हैं कि आखिर हम कब तक दुकानें बंद रखें। कहा यही भी जा रहा है कि शुक्रवार को मेन बाजार खुलेगा। प्रशासन भी कह चुका है कि दुकानदार बिना किसी झमेले के अपनी दुकानें खोलें। लेकिन कुछ व्यापारियों को लगता है कि बाजार खोले तो इसका असर उपद्रव में हुए नुकसान पर पड़ेगा और मुआवजे को लेकर दबाव कम होगा।
शहर के व्यापारी पूरा दिन इसी कशमकस से जूझ रहे हैं कि दुकानें खोले या नहीं। इसमें कुछ तो व्यापारी नेताओं के विरोध में भी उतर आए हैं। फिलहाल तीन दिन से शहर में कोई नया उपद्रव नहीं हुआ है। पिछले दो दिन से प्रशासन ने भी दिन के कफ्र्यू में ढ़ील दी है। बाजार में कुछ दुकानें खुल भी रही हैं, लेकिन अधिकतर बंद हैं। दुकानदार इसको लेकर खुलकर तो कुछ नहीं बोल रहे हैं, लेकिन पूरे शहर की मार्केट बंद होने की बजाय दुकानों के बंद होने का दर्द उनको जरूर है।
रात को कफ्र्यू, दिन में कड़ी निगाह
उपद्रव के बाद बिगड़े हालातों को लेकर फिलहाल सुरक्षा के मामले में प्रशासन किसी तरह की ढ़ील देने को तैयार नहीं है। रात को आठ बजे के बाद कफ्र्यू लग जाता है, जिसमें आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंधित है। वहीं दिन में लोगों पर हर कदम पर सेना का साय नजर आता है। शहर में आने वाले हर व्यक्ति से पूछताछ हो रही है, वहीं बसों में सेना उपद्रवियों को तलाशती है तो वहीं निजी वाहनों को भी जांच पड़ताल व तलाशी के बाद ही शहर में प्रवेश करने देती है। पूरी रात को पुलिस पेट्रोलिंग रहती है।
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उपायुक्त ने बताया कि झज्जर जिला प्रशासन को इस प्रकार की सामग्री प्रशासन के वाट्सऐप नंबर 8199820068 पर अपलोड करके अथवा मेल कर जानकारी दे सकते हैं। इस नंबर पर आने वाले मैसेज व मेल की जानकारी प्रशासनिक स्तर पर जांच में शामिल की जाएगी और सूचना देने वाले का नाम व ब्यौरा पूर्णतया गुप्त रखा जाएगा। उन्होंने जिलावासियों से आह्वान किया कि वे भयमुक्त होकर उपद्रव से संबंधित वीडियो क्लिपिंग अथवा फोटो प्रशासन तक पहुंचा सकते हैं ताकि जांच में इसे शामिल किया जा सके।
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आज से खुलेंगे शिक्षण संस्थान
झज्जर। जिलाधीश अनीता यादव ने कहा कि झज्जर जिले में पिछले दिनों हुई अप्रिय घटना के चलते अवरोध हुए रास्ते खुल चुके हैं। ऐसे में अब जिले के सभी शिक्षण संस्थान 26 फरवरी से नियमित रूप से खुलेंगे। शुक्रवार से जिले के सभी सरकारी व निजी शिक्षण संस्थानों में विधिवत रूप से कक्षाएं लगेंगी।
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पूर्णतया सुरक्षित हैं आप : डीसी
झज्जर। डीसी अनीता यादव ने कहा कि झज्जर जिले में अमन चैन कायम करने के लिए प्रशासन की ओर से हर पहलू पर ध्यान दिया जा रहा है। लोगों में आपसी भाईचारा कायम रहे और बिना भय के झज्जर जिले के लोग सुरक्षित रहें इसके लिए प्रशासन पर पूर्ण विश्वास रखें। उन्होंने कहा कि झज्जर, बेरी, बहादुरगढ़ शहरी क्षेत्र के साथ-साथ गांवों के मौजिज लोगों से सीधा संवाद करते हुए लोगों से भाईचारा बनाए रखने की अपील भी की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी रूप से शहर में उपद्रव करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
..तो क्या आज खुलेंगे बाजार
झज्जर। पिछले 6 दिन से मार्केट बंद हैं। वीरवार को सब्जीमंडी को भी बंद करा दिया गया। इसी बीच व्यापारियों की बैठक में मुद्दा भी उठा कि आखिर बंद कितने दिन रहेगा। असल में पूरा शहर की मार्केट बंद नहीं हो पा रही हैं। बाजार बंद के चलते सिलानी गेट पर हर तरह का सामान मिल जाता है। सुबह सब्जी मंडी भी आठ बजे तक आबाद रहती है। जरूरत का हर तरह का सामान यहां भी उपलब्ध है। व्यापारी सवाल उठा रहे हैं कि आखिर हम कब तक दुकानें बंद रखें। कहा यही भी जा रहा है कि शुक्रवार को मेन बाजार खुलेगा। प्रशासन भी कह चुका है कि दुकानदार बिना किसी झमेले के अपनी दुकानें खोलें। लेकिन कुछ व्यापारियों को लगता है कि बाजार खोले तो इसका असर उपद्रव में हुए नुकसान पर पड़ेगा और मुआवजे को लेकर दबाव कम होगा।
शहर के व्यापारी पूरा दिन इसी कशमकस से जूझ रहे हैं कि दुकानें खोले या नहीं। इसमें कुछ तो व्यापारी नेताओं के विरोध में भी उतर आए हैं। फिलहाल तीन दिन से शहर में कोई नया उपद्रव नहीं हुआ है। पिछले दो दिन से प्रशासन ने भी दिन के कफ्र्यू में ढ़ील दी है। बाजार में कुछ दुकानें खुल भी रही हैं, लेकिन अधिकतर बंद हैं। दुकानदार इसको लेकर खुलकर तो कुछ नहीं बोल रहे हैं, लेकिन पूरे शहर की मार्केट बंद होने की बजाय दुकानों के बंद होने का दर्द उनको जरूर है।
रात को कफ्र्यू, दिन में कड़ी निगाह
उपद्रव के बाद बिगड़े हालातों को लेकर फिलहाल सुरक्षा के मामले में प्रशासन किसी तरह की ढ़ील देने को तैयार नहीं है। रात को आठ बजे के बाद कफ्र्यू लग जाता है, जिसमें आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंधित है। वहीं दिन में लोगों पर हर कदम पर सेना का साय नजर आता है। शहर में आने वाले हर व्यक्ति से पूछताछ हो रही है, वहीं बसों में सेना उपद्रवियों को तलाशती है तो वहीं निजी वाहनों को भी जांच पड़ताल व तलाशी के बाद ही शहर में प्रवेश करने देती है। पूरी रात को पुलिस पेट्रोलिंग रहती है।