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रैंप पर ही बच्चे को दिया जन्म

Sat, 21 Nov 2015 02:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला बहादुरगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला बहादुरगढ़ Updated Sat, 21 Nov 2015 02:30 AM IST
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 सिविल हॉस्पिटल की व्यवस्थाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही। प्रसूतिगृह में ही गर्भवती महिलाओं की सभी जांचें न होने के कारण उन्हें दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं।
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 शुक्रवार को प्रसव कराने आई एक महिला ने यहां पर चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में हॉस्पिटल के रैंप पर बच्चे को जन्म दे दिया। यह घटना उस समय घटी जब प्रसूति गृह से उसे जांच कराने के लिए नीचे भेजा गया।
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गर्भवती द्वारा बच्चे को फर्श पर ही जन्म देने से यहां हड़कंप मच गया।
गांव कानोन्दा के राम भट्ठा पर पथेर का कार्य करने वाले हमीदउला ने बताया कि उसकी पत्नी सलमा गर्भवती थी।

 उसकी डिलीवरी कराने के लिए वह एंबुलेंस से शुक्रवार की सुबह सिविल हॉस्पिटल  लेकर आया था। बाद में यहां डॉक्टर व स्टाफ ने उसकी जांच की और उसे भर्ती कर लिया।
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इसी बीच प्रसूतिगृह से यहां के स्टाफ ने उसकी जांच कराने के लिए कमरा नंबर 18 व 42 में जाकर जांच कराकर वापस आने के लिए कहा।

जब अपनी पत्नी सलमा को जांच कराने के लिए ले जा रहा था तो उसे अचानक तेज प्रसव पीड़ा हुई। उसे एक कदम भी नहीं चला गया और वह रैंप पर ही लेट गई।

इसी बीच उसने ग्राउंड फ्लोर के साथ लगते रैंप के पास ही बच्ची को जन्म दे दिया। यही नहीं जहां बच्ची जन्मी वहां काफी देर तक साफ-सफाई भी नहीं हो पाई।


इस घटना से हमीदउला घबरा गया और तुरंत प्रसूतिगृह की ओर दौड़े। यहां के डाक्टर व स्टाफ को पूरी बात अवगत कराई।

जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे। आने-जाने वाले अन्य मरीजों को दूसरी जगह से जाने के लिए कहा और स्क्रीन लगाकर जच्चा-बच्चा को संभाला।

फिलहाल जच्चा-बच्चा स्वस्थ है लेकिन रैंप पर ही जन्म देने की इस घटना से यहां की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल भी उठने लगा है।

पहली मंजिल पर है प्रसूति गृह
सिविल हास्पिटल में रोजाना काफी महिलाएं डिलीवरी के लिए आती हैं। प्रसूति गृह यहां की पहली मंजिल पर होने के कारण प्रसव पीड़ा से परेशान गर्भवती महिलाओं को सीढ़ियां या रैंप चढ़ने में परेशानी होती है।

जिससे बीच रास्ते में बच्चा जन्म देने का अंदेशा काफी बढ़ जाता है। पहले भी हॉस्पिटल के फर्श व मेन गेट पर दो-तीन घटनाएं हो चुकी हैं।

गर्भवती महिलाओं के साथ आने वाले तिमारदारों का कहना है कि हॉस्पिटल प्रबंधन को ग्राउंड फ्लोर पर ही प्रसूतिगृह खोलना चाहिए।


इलाज में कोई लापरवाही नहीं
प्रसूति गृह में तैनात महिला डॉक्टर का कहना था कि जिस महिला ने रैंप पर बच्ची को जन्मा है वह पहली बार यहां हास्पिटल आई थी।

उसकी कोई जांच नहीं हो रही थी। उसे किसी ने भी जांच कराने के लिए लैब में नहीं भेजा बल्कि वे स्वयं बिना बताए चले गए। डिलीवरी होने की सूचना मिलते ही उन्हें पूरा ट्रीटमेंट दिया गया। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।


 किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई।

उनके संज्ञान में यह मामला नहीं आया है। यदि रैंप या फर्श पर बच्चा जन्मा है तो वे इसकी जांच कराएंगे कि प्रसूति गृह से किसने उन्हें लैब में जांच कराने के लिए भेजा था। यदि जांच में कोई दोषी मिलेगा तो कार्रवाई होगी। पहली मंजिल पर बने प्रसूतिगृह को ग्राउंड फ्लोर पर बनाए जाने पर भी विचार-विमर्श होगा।
-डॉ. एसआर सिवाच, सिविल सर्जन झज्जर।

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