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किसान अब 72 घंटे तक दर्ज करवा सकेंगे प्राकृतिक आपदा से खराब फसल की शिकायत
Updated Tue, 11 Dec 2018 01:35 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। प्राकृतिक आपदा से खराब हुई फसल की शिकायत अब किसान 48 की बजाय 72 घंटों में दर्ज करवा सकेंगे। इसके लिए सरकार की तरफ से नया सर्कुलर जारी किया गया है। वहीं मौजूदा रबी सीजन की फसलों की बीमा करवाने के लिए किसान को 15 दिसंबर तक बैंक के जरिए व ऑनलाइन आवेदन कर अपनी फसलों की बिजाई का आंकड़ा दर्ज करवाना होगा।
प्राकृतिक आपदा से नष्ट हुई फसलों के मुआवजा के लिए किसानों को समय- समय पर काफी दिक्कतें झेलनी पड़ती रही है। कई बार आखिरी समय में फसल कटाई के दौरान ओलावृष्टि, तूफान, जलभराव व अन्य प्राकृतिक आपदा से फसलों में भारी नुकसान हो जाता है। कई बार ऐसा होता है कि प्रशासन द्वारा गिरदावरी सर्वे में ढील बरतने पर किसान उस फसल की कटाई कर लेता है। ऐसे में उस फसल की सर्वे रिपोर्ट नहीं हो पाती। इससे किसान मुआवजे की सुविधा से वंचित हो जाता है। जिले का कृषि योग्य रकबा कुल एक लाख 22 हजार हेक्टेयर क्षेत्र है। जिले में हर साल जलभराव की समस्या बनती है। रबी की फसलों में मार्च- अप्रैल में ओलावृष्टि होने से गेहूं, चना, जौ व सरसों आदि फसलों में नुकसान हो जाता है। ऐसे में किसान 48 घंटे में संबंधित विभाग को नुकसान होने का विवरण नहीं दे पाते थे जिससे किसानों को मुआवजा नहीं मिलने पर दोहरी आर्थिक मार झेलनी पड़ती रही है। अब प्राकृतिक आपदा से नुकसान होने पर किसान को 72 घंटे में नुकसान के विवरण की सूचना विभाग को देनी होगी जबकि इससे पहले यह समयावधि 48 घंटे थी। ऐसे में किसानों को यह समयावधि बढ़ने पर काफी फायदा हो सकेगा। मौजूदा रबी की फसलों में किसानों ने चना, गेहूं, जौ व सरसों की ज्यादा मात्रा में बिजाई कर रखी है। सरसों का आंकड़ा इस बार 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्र के करीब है। इसी प्रकार गेहूं की बिजाई का आंकड़ा भी 45 हजार हेक्टेयर क्षेत्र तक पहुंचने की उम्मीद है। इस समय गेहूं की पछेती बिजाई का समय चल रहा है।
ऋणी किसान को बैंक में करना होगा आवेदन
जो किसी बैंक का ऋणी है उसे अब फसल बीमा के लिए बैंक में ही आवेदन करना होगा। इसी प्रकार जो किसान बैंक के ऋणी नहीं हैं वे किसी भी सीएचसी केंद्र से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की सरकार की ओर से कोई फीस नहीं है। यह आवेदन 15 दिसंबर तक किया जा सकता है। सरकार ने आवेदन करने की अंतिम तिथि को 31 दिसंबर से घटाकर अब 15 दिसंबर कर दिया है। सरकार का मानना है कि रबी की फसलों की बिजाई का काम 15 दिसंबर तक आमतौर पर पूरा हो जाता है।
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सरकार की तरफ से नया सर्कुलर हुआ जारी: एसडीओ
इस संबंध में नया सर्कुलर आया है। अब किसान प्राकृतिक आपदा से नष्ट हुई फसलों की शिकायत 72 घंटे में दर्ज करवा सकेगा। उन्होंने कहा कि 15 दिसंबर से पहले गेहूं की पछेती फसल की बिजाई कर लें। पछेती बिजाई पर अब रोजाना प्रतिदिन प्रति एकड़ औसत पैदावार में कमी होगी। - डॉ. ईश्वर सिंह, एसडीओ, कृषि विभाग
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चरखी दादरी। प्राकृतिक आपदा से खराब हुई फसल की शिकायत अब किसान 48 की बजाय 72 घंटों में दर्ज करवा सकेंगे। इसके लिए सरकार की तरफ से नया सर्कुलर जारी किया गया है। वहीं मौजूदा रबी सीजन की फसलों की बीमा करवाने के लिए किसान को 15 दिसंबर तक बैंक के जरिए व ऑनलाइन आवेदन कर अपनी फसलों की बिजाई का आंकड़ा दर्ज करवाना होगा।
प्राकृतिक आपदा से नष्ट हुई फसलों के मुआवजा के लिए किसानों को समय- समय पर काफी दिक्कतें झेलनी पड़ती रही है। कई बार आखिरी समय में फसल कटाई के दौरान ओलावृष्टि, तूफान, जलभराव व अन्य प्राकृतिक आपदा से फसलों में भारी नुकसान हो जाता है। कई बार ऐसा होता है कि प्रशासन द्वारा गिरदावरी सर्वे में ढील बरतने पर किसान उस फसल की कटाई कर लेता है। ऐसे में उस फसल की सर्वे रिपोर्ट नहीं हो पाती। इससे किसान मुआवजे की सुविधा से वंचित हो जाता है। जिले का कृषि योग्य रकबा कुल एक लाख 22 हजार हेक्टेयर क्षेत्र है। जिले में हर साल जलभराव की समस्या बनती है। रबी की फसलों में मार्च- अप्रैल में ओलावृष्टि होने से गेहूं, चना, जौ व सरसों आदि फसलों में नुकसान हो जाता है। ऐसे में किसान 48 घंटे में संबंधित विभाग को नुकसान होने का विवरण नहीं दे पाते थे जिससे किसानों को मुआवजा नहीं मिलने पर दोहरी आर्थिक मार झेलनी पड़ती रही है। अब प्राकृतिक आपदा से नुकसान होने पर किसान को 72 घंटे में नुकसान के विवरण की सूचना विभाग को देनी होगी जबकि इससे पहले यह समयावधि 48 घंटे थी। ऐसे में किसानों को यह समयावधि बढ़ने पर काफी फायदा हो सकेगा। मौजूदा रबी की फसलों में किसानों ने चना, गेहूं, जौ व सरसों की ज्यादा मात्रा में बिजाई कर रखी है। सरसों का आंकड़ा इस बार 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्र के करीब है। इसी प्रकार गेहूं की बिजाई का आंकड़ा भी 45 हजार हेक्टेयर क्षेत्र तक पहुंचने की उम्मीद है। इस समय गेहूं की पछेती बिजाई का समय चल रहा है।
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ऋणी किसान को बैंक में करना होगा आवेदन
जो किसी बैंक का ऋणी है उसे अब फसल बीमा के लिए बैंक में ही आवेदन करना होगा। इसी प्रकार जो किसान बैंक के ऋणी नहीं हैं वे किसी भी सीएचसी केंद्र से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की सरकार की ओर से कोई फीस नहीं है। यह आवेदन 15 दिसंबर तक किया जा सकता है। सरकार ने आवेदन करने की अंतिम तिथि को 31 दिसंबर से घटाकर अब 15 दिसंबर कर दिया है। सरकार का मानना है कि रबी की फसलों की बिजाई का काम 15 दिसंबर तक आमतौर पर पूरा हो जाता है।
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सरकार की तरफ से नया सर्कुलर हुआ जारी: एसडीओ
इस संबंध में नया सर्कुलर आया है। अब किसान प्राकृतिक आपदा से नष्ट हुई फसलों की शिकायत 72 घंटे में दर्ज करवा सकेगा। उन्होंने कहा कि 15 दिसंबर से पहले गेहूं की पछेती फसल की बिजाई कर लें। पछेती बिजाई पर अब रोजाना प्रतिदिन प्रति एकड़ औसत पैदावार में कमी होगी। - डॉ. ईश्वर सिंह, एसडीओ, कृषि विभाग