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करोड़ों का इहांसंमेंट भी चुकाया लेकिन डेवलप नहीं हुआ सपनों का सेक्टर

Tue, 04 Sep 2018 02:05 AM IST
Updated Tue, 04 Sep 2018 02:05 AM IST
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करोड़ों का इहांसंमेंट भी चुकाया लेकिन डेवलप नहीं हुआ सपनों का सेक्टर
करोड़ों का एन्हांसमेंट चुकाने के बाद भी विकास से महरूम रहा सेक्टर
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झज्जर। दस वर्ष पूर्व हुडा के द्वारा गुरुग्राम रोड पर जब सेक्टर-6 बनाया गया था तो पूर्व सैनिकों ने सोचा था कि शहर की भीड़-भाड़ से दूर सेक्टर में उनका आशियाना बनेगा। जिसमें वे रिटायरमेंट के बाद जिंदगी सुकून से जी सकेंगे। लेकिन दस साल बाद भी सेक्टर डेवलप न किए जाने के कारण अब यही सेक्टर वाला घर उनके लिए टेंशन का विषय बन गया है यहां पर करीब 200 से। 250 मकानों का निर्माण किया जा चुका है। जबकि काफी मकानों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। लेकिन यहां पर सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं है। हर तरफ झाड़ झंखाड़ खड़े हैं और घरों में जहरीले जीव घुस आते हैं। काफी संख्या में यहां पर सांप और अन्य जहरीले जीव हैं। सेक्टर में मूलभूत सुविधाएं मुहैया

एन्हांसमेंट में जमा किए करोड़ों
सेक्टर-6 के लोगों ने डेवलपमेंट चार्ज तो जमा करवाया ही है, इसके साथ उन पर एन्हांसमेंट की मार भी पड़ चुकी है। करोड़ों रुपये की राशि लेने के बाद यहां के लोग सुविधाओं को मोहताज हैं। जब भी कोई सेक्टर में मकान बनाता है तो उसे डेवलपमेंट चार्ज चुकाना होता, जिसके बाद ही उसका नक्शा पास होता है। लेकिन यहां पर केवल चार्ज वसूला जा रहा है, सुविधाएं नहीं मिल रही।
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2008 में काटा गया था सेक्टर छह
सेक्टर छह की स्थापना वर्ष 2008 में की गई थी। इस सेक्टर में 1435 प्लॉट काटे गए थे। इनमें से करीब 250 प्लाटों पर मकान बनाए जा चुके हैं। लोगों की सुविधा के लिए यहां पर सात पार्कों का निर्माण किया जाना था। लेकिन दस साल बीतने के बाद भी आज तक सभी पार्कों का निर्माण नहीं किया गया है। बिजली की लाइनों के तार नीचे लटक रहे हैं और एक स्थान पर तो लाइन के तार और खंभा भी टूटा पड़ा है। सड़कों में कई स्थानों पर बड़े-बड़े कटाव
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भी बने हुए हैं।

सड़क के गड्ढों में फंसी गाड़ी बचा बड़ा हादसा
सेक्टर छह के प्लाट नंबर एक के पास सड़क में गहरे गड्ढे होने के कारण सोमवार की सुबह एक बड़ा हादसा उस समय टल गया जब एक कार सड़क के साथ हुए कटाव के कारण बने गड्ढ़े में धंस गई और गाड़ी पलटने से बच गई। हादसे में गाड़ी चालक बाल-बाल बच गया। बाद में गाड़ी को ट्रैक्टर की सहायता से निकाला गया।

लोगों की प्रतिक्रिया
1. सेक्टर की सड़कें टूटी पड़ी हैं। यहां पर कई बार हादसों की संभावना रहती है। टूटी सड़कों से स्कूल बसें भी गुजरती हैं। सड़कों के मोड़ पर कटाव बने होने के कारण किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। लेकिन प्रशासनिक अधिकारी उनकी समस्याओं की और कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। - मास्टर विरेंद्र गहलावत।

2. सेक्टर में न तो कोई सफाई की व्यवस्था है और न ही कोई अन्य सुविधा जबकि बिजली के खंभों पर स्ट्रीट लाइट तक नहीं लगाई गई हैं। रात के समय यहां पर अंधेरा छाया रहता है। बिजली की लाइनों के तार कहीं टूटे पड़े हैं तो कहीं नीचे लटक रहे हैं। - ईशपति देवी।

3. सेक्टर की सड़कों के साथ बनाए गए नाले टूटे पड़े हैं। सड़कों के किनारे नाले टूटे होने के कारण वर्षा के पानी के बहाव कटाव भी बने हुए हैं। जिला प्रशासन और हुडा विभाग के अधिकारियों को अनेक बार शिकायत करने के बाद भी समस्या की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। - राजीव कुमार।

4. सेक्टर छह में मकान तो इस लिए बनाया था कि यहां पर गांव के मुकाबले अच्छी सुविधाएं मिलेंगी। लेकिन यहां तो हालत गांव से भी बुरी है। सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं है। बिजली पानी सड़क सीवर की सुविधाएं तक ठीक नहीं हैं।

- नरेंद्र कुमार।

दो साल से सेक्टर छह की सड़कों, स्ट्रीट और नालों की जिम्मेदारी नगर पालिका के पास है। सभी सुविधाएं नगर पालिका को उपलब्ध करानी हैं। अब तक डिस्पोजल पर पानी की निकासी के लिए मोटर तक नहीं लगाई गई है। नालों का पानी सीवर में घुस रहा रहा है। - यशवंत सिंह, जेई हुडा विभाग, झज्जर।
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