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उठान न होने से सड़ रहा 180 टन कचरा, अनिश्चिकालीन हड़ताल पर गए सफाई कर्मी
Updated Sat, 12 May 2018 01:12 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
192 सफाई कर्मियों के हड़ताल पर होने से शहर की सड़कों व घरों के बाहर करीब 180 टन कचरा सड़ रहा है। बीते तीन दिनों से शहर में कूड़े का उठान नहीं हुआ है और केंद्र सरकार के निर्देशों पर शहर में स्वच्छता अभियान चलाने वाले भाजपा नेता भी गायब हैं। जबकि इस समय शहर को उनकी सबसे ज्यादा जरूरत है। वहीं, कर्मियों के हड़ताल पर जाने के बाद से शहर के सभी 21 वार्डों से कचरे का उठान नहीं होने से यह कचरा सड़ रहा है और इससे शहरवासी परेशान हैं। नगर परिषद परिसर में धरने पर बैठे कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपना रोष जाहिर किया।
शुक्रवार को नगर परिषद कार्यालय में धरना स्थल पर कर्मियों द्वारा आपात बैठक का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता प्रधान राजेंद्र सिंह बागड़ी व सचिव अजीत सिंहपुरिया ने की। इसमें सरकार के अभी तक रहे नकारात्मक रुख को लेकर सभी कर्मियों ने गुस्सा जाहिर किया और विरोध में नारेबाजी की। इस दौरान नगरपालिका सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ हरेंद्र सिंहमार व अन्य साथियों ने सफाई कर्मियों की मांगों को पूर्ण समर्थन प्रदान किया। राजेंद्र सिंह बागड़ी ने कहा कि शायद सरकार सफाई कर्मियों की बातों को बहुत हलके में ले रही है। अपना पूरा दिन समस्त क्षेत्र को कूड़े से निजात दिलाने वाले इन कर्मियों के जायज हकों को देने से भी सरकार पीछे हट रही है, इसके नतीजे काफी गंभीर होंगे। अगर प्रदेश सरकार व उच्च अधिकारियों का यही रुख रहा तो आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ेगी।
बैठक में निर्णय लिया गया कि जब तक अब सरकार उनकी मांगों समान काम समान वेतन, कच्चे कर्मियों को पक्का करना, ठेका प्रथा बंद कर विभाग के रोल पर कर्मी रखना, 10 लाख का बीमा, पांच हजार का जोखिम भत्ता, एनपीएस स्कीम बंद कर पुरानी पेंशन नीति लागू करना सहित अन्य मांगें पूरी नहीं करेगी तब तक कर्मचारी काम पर नहीं लौटेंगें। इस अवसर पर सलाहकार महेंद्र सिंह बिडलान, रामकिशन, पवन, राजेश, कर्मचंद, शशी, सूरज, छाजू, ऋषि, महेंद्र शंभू, रीटा, सुनिता, सुमन, बबली सहित अन्य सफाई कर्मी उपस्थित थे।
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डंपिंग प्वाइंटों के समीप से गुजरना हुआ दूभर
इस समय शहर में करीब 25 अस्थायी डंपिंग प्वाइंट पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। बीते तीन दिन से उठान न होने पर कचरा सड़ने लगा है। ऐसे में यहां से गुजरना दूभर हो गया है। ये डंपिंग प्वाइंट शहर के मुख्य मार्गों पर ही हैं और वार्डों का कचरा यहां लाकर लोग डालते हैं। बता दें कि नगर परिषद के सभी 192 सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं और प्रतिदिन करीब 60 टन कचरा शहर से निकलता है।
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चरखी दादरी।
192 सफाई कर्मियों के हड़ताल पर होने से शहर की सड़कों व घरों के बाहर करीब 180 टन कचरा सड़ रहा है। बीते तीन दिनों से शहर में कूड़े का उठान नहीं हुआ है और केंद्र सरकार के निर्देशों पर शहर में स्वच्छता अभियान चलाने वाले भाजपा नेता भी गायब हैं। जबकि इस समय शहर को उनकी सबसे ज्यादा जरूरत है। वहीं, कर्मियों के हड़ताल पर जाने के बाद से शहर के सभी 21 वार्डों से कचरे का उठान नहीं होने से यह कचरा सड़ रहा है और इससे शहरवासी परेशान हैं। नगर परिषद परिसर में धरने पर बैठे कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपना रोष जाहिर किया।
शुक्रवार को नगर परिषद कार्यालय में धरना स्थल पर कर्मियों द्वारा आपात बैठक का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता प्रधान राजेंद्र सिंह बागड़ी व सचिव अजीत सिंहपुरिया ने की। इसमें सरकार के अभी तक रहे नकारात्मक रुख को लेकर सभी कर्मियों ने गुस्सा जाहिर किया और विरोध में नारेबाजी की। इस दौरान नगरपालिका सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ हरेंद्र सिंहमार व अन्य साथियों ने सफाई कर्मियों की मांगों को पूर्ण समर्थन प्रदान किया। राजेंद्र सिंह बागड़ी ने कहा कि शायद सरकार सफाई कर्मियों की बातों को बहुत हलके में ले रही है। अपना पूरा दिन समस्त क्षेत्र को कूड़े से निजात दिलाने वाले इन कर्मियों के जायज हकों को देने से भी सरकार पीछे हट रही है, इसके नतीजे काफी गंभीर होंगे। अगर प्रदेश सरकार व उच्च अधिकारियों का यही रुख रहा तो आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ेगी।
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बैठक में निर्णय लिया गया कि जब तक अब सरकार उनकी मांगों समान काम समान वेतन, कच्चे कर्मियों को पक्का करना, ठेका प्रथा बंद कर विभाग के रोल पर कर्मी रखना, 10 लाख का बीमा, पांच हजार का जोखिम भत्ता, एनपीएस स्कीम बंद कर पुरानी पेंशन नीति लागू करना सहित अन्य मांगें पूरी नहीं करेगी तब तक कर्मचारी काम पर नहीं लौटेंगें। इस अवसर पर सलाहकार महेंद्र सिंह बिडलान, रामकिशन, पवन, राजेश, कर्मचंद, शशी, सूरज, छाजू, ऋषि, महेंद्र शंभू, रीटा, सुनिता, सुमन, बबली सहित अन्य सफाई कर्मी उपस्थित थे।
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डंपिंग प्वाइंटों के समीप से गुजरना हुआ दूभर
इस समय शहर में करीब 25 अस्थायी डंपिंग प्वाइंट पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। बीते तीन दिन से उठान न होने पर कचरा सड़ने लगा है। ऐसे में यहां से गुजरना दूभर हो गया है। ये डंपिंग प्वाइंट शहर के मुख्य मार्गों पर ही हैं और वार्डों का कचरा यहां लाकर लोग डालते हैं। बता दें कि नगर परिषद के सभी 192 सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं और प्रतिदिन करीब 60 टन कचरा शहर से निकलता है।