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सिवाना में सरपंच गुट व ग्रामीण हुए आमने-सामने, दोनों गुटों ने झज्जर पहुंच कर सौपा एडीसी को ज्ञापन
Updated Tue, 21 Nov 2017 12:50 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
सिवाना में जन समस्याओं को लेकर ग्रामीण व गांव का सरपंच गुट आमने-सामने आ गए हैं। दोनों ने एक-दूसरे पर गांव के विकास में बाधा बनने का आरोप लगाते हुए झज्जर पहुंचकर एडीसी को ज्ञापन सौंपा है। सरपंच विरोधी गुट ने जहां गांव के सरपंच पर अपने समर्थकों के साथ गांव की शामलात भूमि पर कब्जे कराने का आरोप लगाया है तो वहीं, गांव के सरपंच ने अपने विरोधियों पर गांव की शामलात भूमि में कब्जे करने और संबंधित अधिकारियों पर मिलीभगत करने का आरोप लगाया है। सोमवार को सरपंच पक्ष और दूसरा पक्ष विभिन्न मुद्दों को लेकर सैकड़ों की संख्या में सोमवार को लघु सचिवालय पहुंचे और एडीसी से मुलाकात की और अपनी मांगों को रखा। सरपंच पक्ष ने जहां गांव में पानी, बिजली की समस्या और बीपीएल कार्ड धारकों को सौ-सौ गज के प्लॉट न मिलने को लेकर अपनी बात रखी और ज्ञापन सौंपा। वहीं दूसरे पक्ष ने सरपंच पर गांव में विकास कार्य न करवाने, कब्जे को न हटवाने सहित अन्य कई गंभीर आरोप लगाते हुए ज्ञापन सौंपा।
गौरतलब है कि गांव सिवाना में कई दिनों से सरपंच पक्ष और दूसरा पक्ष में कई दिनों सेे विवाद छिड़ा हुआ है और दोनों ही पक्ष एक दूसरे पर आरोप लगा रहे है। इसी के चलते आज ग्रामीण लघुसचिवालय परिसर में उपायुक्त से मिलने पहुंचे थे, लेकिन उपायुक्त की अनुपस्थिति में उन्होंने एडीसी से मुलाकत कर अपना ज्ञापन सौंपा। वहीं गांव के सरपंच हरिओम ने प्रशासन को अपनी गांव की समस्याओं का समाधान न होने पर इस्तीफा सौंपने की धमकी भी दी है। गांव के सरपंच हरिओम, रामस्वरूप व अन्य ग्रामीणों का कहना था कि गांव में न तो पानी आता है और न ही बिजली। इसके अलावा बीपीएल कार्ड धारकों को सौ-सौ गज के प्लॉट भी नहीं मिले हैं। जिसके चलते ग्रामीणों में रोष बना हुआ है। उधर, दूसरे पक्ष के सुरेश व महेंद्र का कहना था कि सरपंच गांव में मनमानी कर रहा है। जिसके चलते गांव में विकास कार्य नहीं हो रहे है। उन्होंने सरपंच पर गांव में कब्जा न हटवाने का आरोप लगाया। उन्होंने समस्या का समाधान नहीं होता है तो वो इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों को करेंगे।
- एक-दूसरे पर लगाया गांव के विकास में बाधा बनने का आरोप
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झज्जर।
सिवाना में जन समस्याओं को लेकर ग्रामीण व गांव का सरपंच गुट आमने-सामने आ गए हैं। दोनों ने एक-दूसरे पर गांव के विकास में बाधा बनने का आरोप लगाते हुए झज्जर पहुंचकर एडीसी को ज्ञापन सौंपा है। सरपंच विरोधी गुट ने जहां गांव के सरपंच पर अपने समर्थकों के साथ गांव की शामलात भूमि पर कब्जे कराने का आरोप लगाया है तो वहीं, गांव के सरपंच ने अपने विरोधियों पर गांव की शामलात भूमि में कब्जे करने और संबंधित अधिकारियों पर मिलीभगत करने का आरोप लगाया है। सोमवार को सरपंच पक्ष और दूसरा पक्ष विभिन्न मुद्दों को लेकर सैकड़ों की संख्या में सोमवार को लघु सचिवालय पहुंचे और एडीसी से मुलाकात की और अपनी मांगों को रखा। सरपंच पक्ष ने जहां गांव में पानी, बिजली की समस्या और बीपीएल कार्ड धारकों को सौ-सौ गज के प्लॉट न मिलने को लेकर अपनी बात रखी और ज्ञापन सौंपा। वहीं दूसरे पक्ष ने सरपंच पर गांव में विकास कार्य न करवाने, कब्जे को न हटवाने सहित अन्य कई गंभीर आरोप लगाते हुए ज्ञापन सौंपा।
गौरतलब है कि गांव सिवाना में कई दिनों से सरपंच पक्ष और दूसरा पक्ष में कई दिनों सेे विवाद छिड़ा हुआ है और दोनों ही पक्ष एक दूसरे पर आरोप लगा रहे है। इसी के चलते आज ग्रामीण लघुसचिवालय परिसर में उपायुक्त से मिलने पहुंचे थे, लेकिन उपायुक्त की अनुपस्थिति में उन्होंने एडीसी से मुलाकत कर अपना ज्ञापन सौंपा। वहीं गांव के सरपंच हरिओम ने प्रशासन को अपनी गांव की समस्याओं का समाधान न होने पर इस्तीफा सौंपने की धमकी भी दी है। गांव के सरपंच हरिओम, रामस्वरूप व अन्य ग्रामीणों का कहना था कि गांव में न तो पानी आता है और न ही बिजली। इसके अलावा बीपीएल कार्ड धारकों को सौ-सौ गज के प्लॉट भी नहीं मिले हैं। जिसके चलते ग्रामीणों में रोष बना हुआ है। उधर, दूसरे पक्ष के सुरेश व महेंद्र का कहना था कि सरपंच गांव में मनमानी कर रहा है। जिसके चलते गांव में विकास कार्य नहीं हो रहे है। उन्होंने सरपंच पर गांव में कब्जा न हटवाने का आरोप लगाया। उन्होंने समस्या का समाधान नहीं होता है तो वो इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों को करेंगे।
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- एक-दूसरे पर लगाया गांव के विकास में बाधा बनने का आरोप