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शहर में वायु प्रदूषण बढ़ा रहा आंखों में इंफेक्शन 21-56-22
Updated Wed, 08 Nov 2017 01:22 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
शहर में वायु प्रदूषण के कारण आंखों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। आंखों में जलन होना आम बात हो गई है। शहर के अस्पताल में डॉक्टरों के पास ज्यादातर मरीज यही शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं कि आंखों में जलन हो रही है। पिछले महीने और इस महीने के पहले दिनों की अपेक्षा मंगलवार को अस्पतालों में आंखों के लगभग 30 फीसदी मरीज ज्यादा पहुंचे।
नेत्र रोग डाक्टरों का कहना है कि यह वायु प्रदूषण के कारण हो रही है। मंगलवार को शहर में वायु प्रदूषण की मात्रा कुछ ज्यादा रही। इससे शहर के नागरिक अस्पताल मे आई ओपीडी में आंखों के मरीजों की संख्या भी अधिक रही। खास बात यह रही कि मरीजों में काफी नवजात शिशु भी शामिल रहे। माना जा रहा है कि आने वाले कई दिनों तक क्षेत्र में वायु प्रदूषण इसी तरह छाया रहेगा और इससे आंखों के रोगियों की संख्या और बढ़ेगी। नेत्र रोग चिकित्सकाें ने लोगों से इस मौसम में घर से बाहर निकलते समय आंखों पर चश्मा जरूर लगाने की सलाह दी है। अभी भी शहर में वायु प्रदूषण का स्तर ऐसा बना हुआ है कि आंखों में इंफेक्शन कर सकता है।
क्षेत्र में वायु प्रदूषण अधिक होने के कारण मंगलवार को शहर के नागरिक अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की लंबी लाइन लगी रही। इनमें अधिकतर नए रोगी शामिल रहे। जोकि वायु प्रदूषण से परेशान थे। नेत्र रोग चिकित्सक ओमबीर राठी ने बताया कि सामान्य दिनों में आंखों की ओपीडी में लगभग 175 मरीज रोज आते हैं, जबकि मंगलवार को करीब 224 मरीज आए। उनका कहना है कि ऐसे मरीजों की संख्या ज्यादा है जो सिर्फ वायु प्रदूषण से परेशान हैं। आंखों में जलन होना वायु प्रदूषण के दौरान कोई नई बात नहीं है और इससे लोगों को घबराने की जरूरत भी नहीं है, लेकिन आंखों में जलन की अनदेखी करना भी सही नहीं है। इसके लिए डॉक्टर को दिखाना जरूरी है। इन दिनों आंखों को प्रदूषण से बचाव करने के प्रबंध करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कोई भी आंखों में जलन होने पर बगैर चिकित्सक की सलाह के मेडिकल स्टोर से दवा लेकर आंख की जलन ठीक करने की कोशिश न करें। इससे आंखों को अधिक नुकसान भी हो सकता है। चिकित्सक की सलाह बेहद जरूरी है।
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- प्रदूषण के कारण 30 फीसदी बढ़ी आंखों के मरीजों की संख्या
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बहादुरगढ़।
शहर में वायु प्रदूषण के कारण आंखों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। आंखों में जलन होना आम बात हो गई है। शहर के अस्पताल में डॉक्टरों के पास ज्यादातर मरीज यही शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं कि आंखों में जलन हो रही है। पिछले महीने और इस महीने के पहले दिनों की अपेक्षा मंगलवार को अस्पतालों में आंखों के लगभग 30 फीसदी मरीज ज्यादा पहुंचे।
नेत्र रोग डाक्टरों का कहना है कि यह वायु प्रदूषण के कारण हो रही है। मंगलवार को शहर में वायु प्रदूषण की मात्रा कुछ ज्यादा रही। इससे शहर के नागरिक अस्पताल मे आई ओपीडी में आंखों के मरीजों की संख्या भी अधिक रही। खास बात यह रही कि मरीजों में काफी नवजात शिशु भी शामिल रहे। माना जा रहा है कि आने वाले कई दिनों तक क्षेत्र में वायु प्रदूषण इसी तरह छाया रहेगा और इससे आंखों के रोगियों की संख्या और बढ़ेगी। नेत्र रोग चिकित्सकाें ने लोगों से इस मौसम में घर से बाहर निकलते समय आंखों पर चश्मा जरूर लगाने की सलाह दी है। अभी भी शहर में वायु प्रदूषण का स्तर ऐसा बना हुआ है कि आंखों में इंफेक्शन कर सकता है।
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क्षेत्र में वायु प्रदूषण अधिक होने के कारण मंगलवार को शहर के नागरिक अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की लंबी लाइन लगी रही। इनमें अधिकतर नए रोगी शामिल रहे। जोकि वायु प्रदूषण से परेशान थे। नेत्र रोग चिकित्सक ओमबीर राठी ने बताया कि सामान्य दिनों में आंखों की ओपीडी में लगभग 175 मरीज रोज आते हैं, जबकि मंगलवार को करीब 224 मरीज आए। उनका कहना है कि ऐसे मरीजों की संख्या ज्यादा है जो सिर्फ वायु प्रदूषण से परेशान हैं। आंखों में जलन होना वायु प्रदूषण के दौरान कोई नई बात नहीं है और इससे लोगों को घबराने की जरूरत भी नहीं है, लेकिन आंखों में जलन की अनदेखी करना भी सही नहीं है। इसके लिए डॉक्टर को दिखाना जरूरी है। इन दिनों आंखों को प्रदूषण से बचाव करने के प्रबंध करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कोई भी आंखों में जलन होने पर बगैर चिकित्सक की सलाह के मेडिकल स्टोर से दवा लेकर आंख की जलन ठीक करने की कोशिश न करें। इससे आंखों को अधिक नुकसान भी हो सकता है। चिकित्सक की सलाह बेहद जरूरी है।
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- प्रदूषण के कारण 30 फीसदी बढ़ी आंखों के मरीजों की संख्या