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बाजरे की खरीद और शर्तों को लेकर किसानों में रोष

Thu, 05 Oct 2017 11:39 PM IST
Updated Thu, 05 Oct 2017 11:39 PM IST
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बाजरे की खरीद और शर्तों को लेकर किसानों में रोष
बाजरे की खरीद और शर्तों पर किसानों में रोष
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
बाजरे की खरीद में सरकार के ढुलमुल और मनमाने रवैये को लेकर किसानों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। वीरवार को किसानों ने कांग्रेसी नेता राजू मान की अगुवाई में मंडी सुपरवाइजर रामकिशन और एग्री बिजनेस मैनेजर संजीव फौगाट की मार्फत प्रदेश के मुखिया के नाम ज्ञापन प्रेषित किया। इस दौरान किसानों ने सरकार के रवैये में सुधार न आने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है। ज्ञापन में किसानों ने कहा कि एक तरफ सरकार किसानों हितैषी होने का दम भर रही है तो धरातल पर स्थिति उसके विपरीत है। आज किसान अपने खून पसीने से सिंचित फसल को बेचने के लिए ठोकरें खा रहे हैं।

राजू मान ने कहा कि क्षेत्र में बाजरे की फसल कटाई का काम लगभग पूरा हो चुका है और किसान बड़ी संख्या में अपनी फसल लेकर मंडी पहुंच रहे हैं। अभी तक बाढड़ा अनाज मंडी में सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई है। इससे किसानों को भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि दादरी अनाज मंडी में खरीद शुरू हो चुकी है पर यहां सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य 1425 रुपये प्रति क्विंटल की बजाए महज 1170 रुपये में खरीद हो रही है। ऐसे में न्यूनतम समर्थन मूल्य का क्या औचित्य रह जाता है। इससे किसान की लागत भी पूरी नहीं हो पा रही है। उनके अनुसार खरीद में अनेक शर्तें थोप दी गई है जिसके चलते एक किसान से प्रति एकड़ आठ क्विंटल बाजरा खरीदा जा रहा है जबकि इस इलाके में एक एकड़ में 12 क्विंटल के आसपास उत्पादन होता है ऐसे में किसान को मजबूरी में कम दाम पर अपनी फसल बेचनी पड़ रही है। इसके साथ किसान को पटवारी के बाद तहसीलदार से तस्दीक करवाना भी अनिर्वाय कर रखा है जिसे ढूंढना बहुत ही दूभर है। आधार कार्ड और पास बुक भी मांगे जा रहे हैं। इन सब बातों किसान वर्ग का गुस्सा उबाल पर है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग करते हुए कहा कि इन सब शर्तों को हटाया जाए और किसान की पूरी फसल का एक एक दाना न्यूनतम समर्थन मूल्य से अधिक पर खरीदा जाए। इस मौके पर रामपाल शर्मा, अधिवक्ता संदीप बलोदा, पूर्व सरपंच ओमप्रकाश, बनी सिंह, वेदप्रकाश चिड़िया, रिछपाल आदमपुर, अजय सांगवान, प्रदीप सांगवान, धर्मेंद्र बलकरा, प्रकाश आदमपुर, अशोक साहू, राजेश बेरला, विजय सांगवान, मंजीत समेत ग्रामीण मौजूद थे।
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