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ट्रेन हादसे के बाद भी अलर्ट नहीं रेलवे प्रशासन
Updated Tue, 22 Aug 2017 01:47 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के पास हुए भीषण रेल हादसे से देशभर के लोग आहत हैं। कहीं न कहीं रेलवे विभाग की लापरवाही को इस ट्रेन हादसे के लिए पूरी तरह जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। इस प्रकार के हादसों का दोहराव न हो, इसके लिए सभी जगह रेलवे विभाग के तकनीकी विंग को खासकर अलर्ट कर दिया गया है। बहादुरगढ़ की बात करें तो यह अलर्ट यहां पर दिखाई नहीं दिया। विभाग के कर्मचारी भी रेलवे ट्रैक के आसपास दिखाई नहीं दिए। यही नहीं इसके अलावा भी स्टेशन पर राजकीय रेलवे पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल की ओर से भी किसी प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई नहीं पड़ी।
सोमवार को रेलवे स्टेशन पर अन्य दिनों जैसा ही माहौल रहा। पहले के जैसे ही लोग फुट ओवर ब्रिज के बजाय बिना डर के रेलवे ट्रैक नीचे से पार करते नजर आए। यह नजारा पहला नहीं था। बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन पर यह नजारा आम तौर पर देखने को मिल जाता है। लोगों को अपनी जान की परवाह नहीं है। पैदल ट्रैक पार कर रहे लोगों से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने जवाब दिया कि वह पहले ट्रेन को दोनों तरफ देखते हैं कि ट्रेन आ रही है या नहीं। इसके बाद वे ट्रैक पार करते हैं। ऐसे में कैसे हादसा हो सकता है।
लोग भी नहीं हो रहे जागरूक, नियमों को रखा जाता है ताक पर
रेलवे अधिनियम होने के बावजूद लोग कानून को ताक पर रखकर ट्रैक अवैध रूप से पार करते हैं। पैदल ही नहीं वाहनों के साथ ट्रैक पार करने में लोग नहीं घबराते। कई लोग थोड़ा समय बचाने के लिए निर्धारित रास्तों को छोड़ रेल ट्रैक पार करते हैं। कई लोग इन्हीं पटरियों पर ट्रेन के नीचे आकर दम तोड़ देते हैं। लोग झुंड में अवैध तरीके से रेल लाइन पार करते हैं।
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जागरूकता कार्यक्रम नहीं आते काम
बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन पर हर साल रेल ट्रैक न पार करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम कई बार आरपीएफ द्वारा चलाए गए लेकिन फिर भी लोगों में जागरूकता नहीं बढ़ी। रेलवे भी लोगों को एसएमएस भेज और एनाउंसमेंट कर ऐसा नहीं करने के लिए प्रेरित करने की कोशिश कई बार कर चुका है लेकिन लोगों की नासमझी की वजह से बड़ा हादसा हो सकता है।
क्या हैं रेलवे नियम
लोग रेल ट्रैक अवैध रास्तों से न पार करें। इसके लिए रेलवे अधिनियम बना है। इस अधिनियम की धारा 147 के तहत अवैध तरह से ट्रैक पार करना जुर्म है। पकड़े जाने पर 500 रुपये तक जुर्माना और तीन महीने की कैद हो सकती है। दोनों दंड भी इस धारा के तहत दिए जा सकते हैं।
क्या कहता है संघ
रेल यात्री संघ के अध्यक्ष सतपाल हांडा के अनुसार उनका संघ कई बार दैनिक यात्रियों से अपील कर चुका है कि वे किसी भी स्टेशन पर जान जोखिम में डालकर ट्रैक पार न करें, यह कानून का भी उल्लंघन है। अपनी जान की परवाह करते यात्रियों को रेल ट्रैक की बजाय आरओबी का प्रयोग करना चाहिए।
क्या कहत हैं रेलवे अधिकारी
स्थानीय रेलवे स्टेशन के अधीक्षक यशपाल सिंह का कहना है कि यहां की सभी लाइनें पूरी तरह दुुरुस्त हैं। किसी तरह की कोई खामी यहां पर नहीं है। यदि लाइनों को चेक कराने की जरूरत हुई तो इसे जरूर चेक कराया जाएगा।
स्टाफ की कमी के चलते नहीं मिल पाती कामयाबी : एसपी सिंह
आरपीएफ के इंस्पेक्टर एसपी सिंह ने कहा कि पुलिस की ओर से गलत तरीके से टै्रक पार करने वाले लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जाती है। पिछले दनिों भी चालान किए गए थे और जुर्माना लगाया गया था। स्टाफ की कमी के चलते पूरी तरह कामयाबी नहीं मिल पाती। लोगों को जागरूक भी किया जाता है। मगर फिर भी लोग रेलवे ट्रैक को गलत तरीके से पार करने से बाज नहीं आ रहे हैं।
- सोमवार को भी पहले जैसा रहा बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन का माहौल
- फुट ओवरब्रिज की बजाय नीचे से रेलवे ट्रैक पार करते नजर आए लोग
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बहादुरगढ़।
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के पास हुए भीषण रेल हादसे से देशभर के लोग आहत हैं। कहीं न कहीं रेलवे विभाग की लापरवाही को इस ट्रेन हादसे के लिए पूरी तरह जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। इस प्रकार के हादसों का दोहराव न हो, इसके लिए सभी जगह रेलवे विभाग के तकनीकी विंग को खासकर अलर्ट कर दिया गया है। बहादुरगढ़ की बात करें तो यह अलर्ट यहां पर दिखाई नहीं दिया। विभाग के कर्मचारी भी रेलवे ट्रैक के आसपास दिखाई नहीं दिए। यही नहीं इसके अलावा भी स्टेशन पर राजकीय रेलवे पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल की ओर से भी किसी प्रकार की संवेदनशीलता दिखाई नहीं पड़ी।
सोमवार को रेलवे स्टेशन पर अन्य दिनों जैसा ही माहौल रहा। पहले के जैसे ही लोग फुट ओवर ब्रिज के बजाय बिना डर के रेलवे ट्रैक नीचे से पार करते नजर आए। यह नजारा पहला नहीं था। बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन पर यह नजारा आम तौर पर देखने को मिल जाता है। लोगों को अपनी जान की परवाह नहीं है। पैदल ट्रैक पार कर रहे लोगों से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने जवाब दिया कि वह पहले ट्रेन को दोनों तरफ देखते हैं कि ट्रेन आ रही है या नहीं। इसके बाद वे ट्रैक पार करते हैं। ऐसे में कैसे हादसा हो सकता है।
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लोग भी नहीं हो रहे जागरूक, नियमों को रखा जाता है ताक पर
रेलवे अधिनियम होने के बावजूद लोग कानून को ताक पर रखकर ट्रैक अवैध रूप से पार करते हैं। पैदल ही नहीं वाहनों के साथ ट्रैक पार करने में लोग नहीं घबराते। कई लोग थोड़ा समय बचाने के लिए निर्धारित रास्तों को छोड़ रेल ट्रैक पार करते हैं। कई लोग इन्हीं पटरियों पर ट्रेन के नीचे आकर दम तोड़ देते हैं। लोग झुंड में अवैध तरीके से रेल लाइन पार करते हैं।
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जागरूकता कार्यक्रम नहीं आते काम
बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन पर हर साल रेल ट्रैक न पार करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम कई बार आरपीएफ द्वारा चलाए गए लेकिन फिर भी लोगों में जागरूकता नहीं बढ़ी। रेलवे भी लोगों को एसएमएस भेज और एनाउंसमेंट कर ऐसा नहीं करने के लिए प्रेरित करने की कोशिश कई बार कर चुका है लेकिन लोगों की नासमझी की वजह से बड़ा हादसा हो सकता है।
क्या हैं रेलवे नियम
लोग रेल ट्रैक अवैध रास्तों से न पार करें। इसके लिए रेलवे अधिनियम बना है। इस अधिनियम की धारा 147 के तहत अवैध तरह से ट्रैक पार करना जुर्म है। पकड़े जाने पर 500 रुपये तक जुर्माना और तीन महीने की कैद हो सकती है। दोनों दंड भी इस धारा के तहत दिए जा सकते हैं।
क्या कहता है संघ
रेल यात्री संघ के अध्यक्ष सतपाल हांडा के अनुसार उनका संघ कई बार दैनिक यात्रियों से अपील कर चुका है कि वे किसी भी स्टेशन पर जान जोखिम में डालकर ट्रैक पार न करें, यह कानून का भी उल्लंघन है। अपनी जान की परवाह करते यात्रियों को रेल ट्रैक की बजाय आरओबी का प्रयोग करना चाहिए।
क्या कहत हैं रेलवे अधिकारी
स्थानीय रेलवे स्टेशन के अधीक्षक यशपाल सिंह का कहना है कि यहां की सभी लाइनें पूरी तरह दुुरुस्त हैं। किसी तरह की कोई खामी यहां पर नहीं है। यदि लाइनों को चेक कराने की जरूरत हुई तो इसे जरूर चेक कराया जाएगा।
स्टाफ की कमी के चलते नहीं मिल पाती कामयाबी : एसपी सिंह
आरपीएफ के इंस्पेक्टर एसपी सिंह ने कहा कि पुलिस की ओर से गलत तरीके से टै्रक पार करने वाले लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जाती है। पिछले दनिों भी चालान किए गए थे और जुर्माना लगाया गया था। स्टाफ की कमी के चलते पूरी तरह कामयाबी नहीं मिल पाती। लोगों को जागरूक भी किया जाता है। मगर फिर भी लोग रेलवे ट्रैक को गलत तरीके से पार करने से बाज नहीं आ रहे हैं।
- सोमवार को भी पहले जैसा रहा बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन का माहौल
- फुट ओवरब्रिज की बजाय नीचे से रेलवे ट्रैक पार करते नजर आए लोग