फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   निर्माणधी फैक्टरी की दीवार गिरी, दबने से तीन बच्चे घायल

निर्माणधी फैक्टरी की दीवार गिरी, दबने से तीन बच्चे घायल

Tue, 26 Mar 2019 01:16 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 26 Mar 2019 01:16 AM IST
विज्ञापन
निर्माणधी फैक्टरी की दीवार गिरी, दबने से तीन बच्चे घायल
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

बहादुरगढ़। आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र (एमआईई) में निर्माणाधीन एक फैक्टरी की दीवार गिरने से एक ही परिवार के तीन मासूम दब गए। तीनों बच्चों को दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एमआईई चौकी पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं देर शाम तक इस संबंध में कोई केस दर्ज नहीं हो पाया था।
दरअसल, एमआईई में रोहतक-दिल्ली रोड पर मेट्रो पिलर नंबर-758 के सामने एक फैक्टरी के भवन का निर्माण कार्य चल रहा है। सोमवार को बेसमेंट की दीवार बनाने का काम चल रहा था। मूलत: दमोह (मध्यप्रदेश) निवासी विरन व उसकी पत्नी सीता भी यहां काम करते हैं। दोपहर को लंच समय में काम रुका तो सीमा खाना लेने चली गई। विरन व अन्य सभी मजदूर भी बेसमेंट से बाहर चले गए। विरन के तीनों बच्चे आठ वर्षीय पूनम, छह वर्षीय सोनम और दो वर्षीय भोला दीवार के पास खेलने लगे। इस दौरान एकाएक दीवार गिर गई और तीनों बच्चे दब गए। मलबे के नीचे दबे तीनों मासूम चीख-चिल्ला रहे थे लेकिन उनकी आवाज सुनने वाला कोई नहीं था। इत्तफाक से एक मजदूर पप्पू नहाने के लिए जब बेसमेंट के नजदीक गया तो उसे बच्चों की आवाज सुनाई दी। उसका ध्यान दीवार की तरफ गया। फिर उसने शोर मचाया तो विरन सहित सभी श्रमिक आए और बचाव कार्य शुरू किया गया। करीब दस मिनट तक मलबे में दबे बच्चों को बाहर निकालकर नजदीक स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से हालत गंभीर देखते हुए तीनों बच्चों को दिल्ली के एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया।
विज्ञापन


बच्चों की हालत में सुधार
बच्चों की हालत देख विरन व उसकी पत्नी सीमा भी रोने लगे। कुछ पलों के लिए तो सीमा बेसुध तक हो गई। सभी मजदूर उन्हें दिलासा दे रहे थे। देर शाम को अस्पताल से बच्चों की हालत में सुधार की सूचना मिली तो सीमा की जान में जान आई। उधर, सूचना मिलते ही एमआईई चौकी से पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद परिजनों के बयान लेने के लिए दिल्ली स्थित अस्पताल के लिए रवाना हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


श्रमिक बोले, फैक्टरी मालिक का फोन था बंद
निर्माणाधीन फैक्टरी का मालिक जितेंद्र न तो मौके पर मौजूद था और न ही अस्पताल में नजर आया। श्रमिकों के मुताबिक तो मालिक का फोन भी बंद था। वहीं ठेकेदार खुद को बार-बार बेकसूर साबित कर रहा था। ठेकेदार टोडरमल का कहना था कि दीवार की देखरेख के लिए फोरमैन की व्यवस्था भी कर रखी थी, हादसा कैसे हुआ उसे भी कुछ समझ नहीं आ रहा। दरअसल, बेसमेंट के लिए 70 फीट लंबी और करीब 10 फुट ऊंची दीवार का निर्माण किया जा रहा था। बताते हैं कि साथ वाली जगह से मिट्टी निकलने लगी। मिट्टी के दबाव के कारण यह दीवार गिर गई। खैर, दीवार गिरने के असल कारण क्या रहे, ये तो जांच पूरी होने के बाद ही पता चल पाएगा। वहीं इस घटना के पीछे कुछ हद तक बच्चों के परिजनों की भी लापरवाही रही है।

घायल बच्चों के परिजनों के बयान लेने के लिए टीम दिल्ली गई हुई है। बयान के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। हादसे के कारणों की भी जांच की जाएगी।
सत्यवीर सिंह, इंचार्ज, एमआईई चौकी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed