{"_id":"5c6da18dbdec22738f5204cc","slug":"81550688653-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रैफिक पुलिस की ली मदद, अतिक्रमण हटाने में फिर भी खानापूर्ति कर लौटी नप टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्रैफिक पुलिस की ली मदद, अतिक्रमण हटाने में फिर भी खानापूर्ति कर लौटी नप टीम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। एक सप्ताह के ब्रेक के बाद बुधवार दोपहर नगर परिषद टीम शहर के बाजारों से अतिक्रमण हटाने के लिए फिर से ग्राउंड पर उतरी। इस बार ट्रैफिक पुलिस को भी साथ लिया गया लेकिन इसके बावजूद अतिक्रमण हटाने में खानापूर्ति ही की गई। करीब डेढ़ घंटे चले अभियान के दौरान नप टीम आधी ट्रॉली सामान ही जब्त कर पाई। सड़क पर रखे सामान को उठाने के लिए भी नप कर्मचारियों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। अभियान के दौरान कुछ दुकानों के बाहर बने नाले पर रखे सामान को हटवाने की बजाय नप टीम इसे अनदेखा कर आगे बढ़ती रही। सामान जब्त करने की कार्रवाई भी कुछ दुकानदारों व रेहड़ी धारकों पर ही की गई। सड़क के दोनों और अभियान चलाकर नप टीम दोपहर करीब चार बजे वापिस कार्यालय लौट गई।
शहर की प्रमुख सड़कें इस समय अतिक्रमण की जद में हैं। इसका कारण नगर परिषद की ओर से लंबे समय से अतिक्रमण अभियान न चलाना भी है। करीब सवा माह पहले आयोजित परिषद हाउस की बैठक में भी पार्षदों ने यह मुद्दा जोर-शोर से उठाया था। इस पर चेयरमैन व अधिकारियों ने एक सप्ताह के अंदर अभियान शुरू करने का तर्क पार्षदों को दिया था। इसके बाद भी चार सप्ताह बीतने पर ऐसी कार्रवाई धरातल पर नजर नहीं आई। बुधवार दोपहर ढाई बजे 10 सदस्यीय टीम नप कार्यालय से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने निकली। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस के पांच कर्मचारी भी टीम के साथ रहे। बस स्टैंड से परशुराम चौक तक यह अभियान चलाया। वहीं, जिन दुकानों के आगे टीम को सामान रखा मिला उन पर रुककर कार्रवाई की बजाय टीम जल्द हटा लेने की बात कहकर आगे बढ़ती रही। अभियान की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि डेढ़ घंट में टीम ने 300 मीटर की दूरी तय की और सात से आठ दुकानों के आगे रखा छोटा-मोटा सामान ही जब्त किया गया। पहले नप कार्यालय से परशुराम चौक तक टीम पहुंची और फिर यहीं से बस स्टैंड की तरफ यू-टर्न ले लिया। चार बजे नगर परिषद कार्यालय के मेन गेट पर पहुंचकर अभियान खत्म कर दिया। टीम के नप कार्यालय में घुसते ही स्थिति पहले जैसी ही हो गई। वहीं, नप अधिकारियों का कहना है कि अब अभियान लगातार चलाया जाएगा और इस बार कोई दुकानदार अतिक्रमण को बढ़ावा देता मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
तंग गलियों में घुसे रेहड़ी धारक
बस स्टैंड के सामने करीब 30 से 35 रेहड़ियां लगती हैं। टीम के आते ही ये रेहड़ी धारक पूर्ण मार्केट सहित अन्य गलियों में घुस गए। ऐसी ही स्थिति बस स्टैंड रोड की अन्य तंग गलियों में भी देखने को मिली। इन गलियों में रेहड़ी धारकों के घुसने से वाहनों का आवागमन ठप हो गया और दुपहिया वाहन चालक अपने वाहनों को मोड़कर अन्य गलियों से गुजरते नजर आए।
विज्ञापन
सामान उठाने का दुकानदारों ने किया विरोध
नप टीम ने अतिक्रमण हटाओ अभियान में पूरी नरमी बरती और बाहर रखे सामान की बजाय साइन बोर्ड व खाली कैरेट को उठाने तक ही कार्रवाई सीमित रखी। इसके बावजूद कुछ दुकानदारों ने दुकानों के आगे रखा सामान उठाने की कार्रवाई का विरोध किया। इसके चलते कुछ दुकानदारों को तो सामान वापिस भी दिया गया।
विज्ञापन
चरखी दादरी। एक सप्ताह के ब्रेक के बाद बुधवार दोपहर नगर परिषद टीम शहर के बाजारों से अतिक्रमण हटाने के लिए फिर से ग्राउंड पर उतरी। इस बार ट्रैफिक पुलिस को भी साथ लिया गया लेकिन इसके बावजूद अतिक्रमण हटाने में खानापूर्ति ही की गई। करीब डेढ़ घंटे चले अभियान के दौरान नप टीम आधी ट्रॉली सामान ही जब्त कर पाई। सड़क पर रखे सामान को उठाने के लिए भी नप कर्मचारियों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। अभियान के दौरान कुछ दुकानों के बाहर बने नाले पर रखे सामान को हटवाने की बजाय नप टीम इसे अनदेखा कर आगे बढ़ती रही। सामान जब्त करने की कार्रवाई भी कुछ दुकानदारों व रेहड़ी धारकों पर ही की गई। सड़क के दोनों और अभियान चलाकर नप टीम दोपहर करीब चार बजे वापिस कार्यालय लौट गई।
शहर की प्रमुख सड़कें इस समय अतिक्रमण की जद में हैं। इसका कारण नगर परिषद की ओर से लंबे समय से अतिक्रमण अभियान न चलाना भी है। करीब सवा माह पहले आयोजित परिषद हाउस की बैठक में भी पार्षदों ने यह मुद्दा जोर-शोर से उठाया था। इस पर चेयरमैन व अधिकारियों ने एक सप्ताह के अंदर अभियान शुरू करने का तर्क पार्षदों को दिया था। इसके बाद भी चार सप्ताह बीतने पर ऐसी कार्रवाई धरातल पर नजर नहीं आई। बुधवार दोपहर ढाई बजे 10 सदस्यीय टीम नप कार्यालय से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने निकली। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस के पांच कर्मचारी भी टीम के साथ रहे। बस स्टैंड से परशुराम चौक तक यह अभियान चलाया। वहीं, जिन दुकानों के आगे टीम को सामान रखा मिला उन पर रुककर कार्रवाई की बजाय टीम जल्द हटा लेने की बात कहकर आगे बढ़ती रही। अभियान की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि डेढ़ घंट में टीम ने 300 मीटर की दूरी तय की और सात से आठ दुकानों के आगे रखा छोटा-मोटा सामान ही जब्त किया गया। पहले नप कार्यालय से परशुराम चौक तक टीम पहुंची और फिर यहीं से बस स्टैंड की तरफ यू-टर्न ले लिया। चार बजे नगर परिषद कार्यालय के मेन गेट पर पहुंचकर अभियान खत्म कर दिया। टीम के नप कार्यालय में घुसते ही स्थिति पहले जैसी ही हो गई। वहीं, नप अधिकारियों का कहना है कि अब अभियान लगातार चलाया जाएगा और इस बार कोई दुकानदार अतिक्रमण को बढ़ावा देता मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
तंग गलियों में घुसे रेहड़ी धारक
बस स्टैंड के सामने करीब 30 से 35 रेहड़ियां लगती हैं। टीम के आते ही ये रेहड़ी धारक पूर्ण मार्केट सहित अन्य गलियों में घुस गए। ऐसी ही स्थिति बस स्टैंड रोड की अन्य तंग गलियों में भी देखने को मिली। इन गलियों में रेहड़ी धारकों के घुसने से वाहनों का आवागमन ठप हो गया और दुपहिया वाहन चालक अपने वाहनों को मोड़कर अन्य गलियों से गुजरते नजर आए।
विज्ञापन
सामान उठाने का दुकानदारों ने किया विरोध
नप टीम ने अतिक्रमण हटाओ अभियान में पूरी नरमी बरती और बाहर रखे सामान की बजाय साइन बोर्ड व खाली कैरेट को उठाने तक ही कार्रवाई सीमित रखी। इसके बावजूद कुछ दुकानदारों ने दुकानों के आगे रखा सामान उठाने की कार्रवाई का विरोध किया। इसके चलते कुछ दुकानदारों को तो सामान वापिस भी दिया गया।