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अप्रेंटिस चला रहे रोडवेज वर्कशॉप, मैकेनिक के अभाव में जुगाड़ का सहारा

Thu, 01 Feb 2018 01:28 AM IST
Updated Thu, 01 Feb 2018 01:28 AM IST
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अप्रेंटिस चला रहे रोडवेज वर्कशॉप, मैकेनिक के अभाव में जुगाड़ का सहारा
अमर उजाला ब्यूरो
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झज्जर।
रोडवेज लारी अगर खराब हो जाए तो झज्जर डिपो में उसके ठीक होने में दो से तीन दिन लग रहे हैं। जिसका सीधा असर ग्रामीण रूटों पर पड़ता है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि रोडवेज वर्कशॉप में कर्मचारियों का भारी टोटा चल रहा है। वर्कशॉप में मैकेनिक और हेल्पर के कुल 190 पद हैं। इन पर केवल 20 कर्मचारी ही कार्यरत हैं। बाकी के 170 पद खाली पड़े हैं। वर्कशॉप को चलाने के लिए रोडवेज द्वारा अप्रेंटिस करने वाले 30 छात्रों को रखा गया है। सही मायने में इस समय ये अप्रेंटिस छात्र ही रोडवेज वर्कशॉप के खेवनहार बने हुए हैं।
ये स्टाफ के नार्म्स
रोडवेज विभाग के नार्म्स के अनुसार वर्कशॉप में बसों की संख्या के हिसाब से स्टाफ 1:2 का अनुपात होना चाहिए। झज्जर डिपो में इस समय 165 बसें हैं। इसके हिसाब से वर्कशॉप में 190 स्थायी कर्मचारी होने चाहिए। लेकिन डिपो में केवल 20 कर्मचारी कार्यरत हैं।
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1992 में बंद हो गई थी स्थायी भर्ती
रोडवेज के निजीकरण को लेकर सरकारें किस ओर बढ़ रही हैं, इसका स्पष्ट उदाहरण यह है कि वर्कशॉप स्टाफ की स्थायी भर्ती 1992 में ही बंद हो गई थी। उसके बाद जिस भी पार्टी की सरकार बनी, किसी ने भी रोडवेज वर्कशॉप की ओर ध्यान नहीं दिया। जिसका परिणाम यह है कि रोडवेज की वर्कशॉप कर्मचारियों के अभाव से जूझ रही हैं। अगर यही हाल रहा तो कुछ दिन बाद रोडवेज वर्कशॉप को ठेके पर दिए जाने से कोई नहीं रोक पाएगा।
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एक स्थायी कर्मचारी के बदले लगाते हैं छह अप्रेंटिस छात्र
रोडवेज विभाग की वर्कशॉप में स्थायी तौर पर लगने वाले नए कर्मचारी को करीब 30 हजार रुपये तनख्वाह मिलती है। वहीं, अप्रेंटिस करने वाले छात्रों को स्टाईफंड के तौर पर पांच-छह हजार रुपये मिलते हैं। इसके हिसाब से एक कर्मचारी की जगह छह अप्रेंटिस करने वाले छात्र रोडवेज की वर्कशॉप में कार्य करते हैं। लेकिन अनट्रेंड छात्रों द्वारा किए जाने वाले कार्य की वजह से गुुणवत्ता में कमी आती है।

होनी चाहिए नई भर्ती : रामबीर
रोडवेज की बीएमएस यूनियन के डिपो प्रधान रामबीर के अनुसार वर्कशॉप में स्थायी भर्ती होनी चाहिए। ताकि समय पर रोडवेज बसों की मरम्मत करवाई जा सके और रोडवेज का बेड़ा आगे बढ़ सके। झज्जर रोडवेज के डिपो में इस समय सबसे खराब हालात चल रहे हैं। डिपो की वर्कशॉप को अब पूरी तरह से अप्रेंटिस करने वाले छात्र चला रहे हैं।


वर्जन
रोडवेज डिपो में नई भर्ती नहीं होने की वजह से मैकेनिक की कमी चल रही है। डिपो में इस समय 20 स्थायी कर्मचारी कार्यरत हैं, लेकिन फिर भी अप्रेंटिस करने वाले छात्रों के सहारे कार्य चलाया जा रहा है।
- लेखराज, जीएम, झज्जर डिपो।
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