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किसानों ने रखी 72 लाख प्रति अकड़ के कलेक्टर रेट की मांग
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़। जमीन अधिग्रहण मामले में उचित मुआवजे की मांग के लिए पिछले 17 दिन से धरना दे रहे किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को अधिकारियों से मिला। किसानों ने अधिकारियों से 72 लाख रुपये प्रति एकड़ से कलेक्टर रेट की मांग की है। धरने का नेत्वृत कर रहे रमेश दलाल ने बताया कि बुधवार शाम 5 बजे किसानों के प्रतिनिधिमंडल व अधिकारियों के बीच वार्ता शुरू हुई। लंबी चली इस वार्ता में किसानों ने दस्तावेजों व कानूनी तर्कों के आधार पर अधिकारियों के समक्ष छारा गांव के लिए 72 लाख प्रति एकड़ कलेक्टर रेट की मांग को रखा। दलाल ने बताया की जहां भापड़ोदा गांव व गिरावड़ गांव का प्रति एकड़ कलेक्टर रेट 38.5 लाख व 40 लाख रुपये है, वहीं छारा गांव का कलेक्टर रेट 72 लाख प्रति एकड़ बनता है। अब समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपेगी। जहां एक तरफ किसानों को उम्मीद है कि सरकार उनके साथ न्याय करेगी। वहीं, दूसरी तरफ वह किसी भी अप्रत्याशित स्थिति के लिए भी तैयार हैं।
किसानों ने रविवार को महापंचायत कर सरकार को पहले ही 22 फरवरी तक का अल्टीमेटम दिया हुआ है। ऐसे में अब सबकी नजर रेट सुधार के लिए बनाई गई समिति की रिपोर्ट पर है। गौरतलब है कि रविवार की महापंचायत कर सरकार को चेताया था कि अगर सरकार ने छारा गांव के किसानों के साथ न्याय नहीं किया तो आंदोलन के नेता रमेश दलाल सैकड़ों किसानों को भूख हड़ताल पर बैठेंगे व बाद में जरूरत पडने पर किसान 28 फरवरी से रोहतक- दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग, दिल्ली-भटिंडा रेल व गुरुग्राम नहर को रोकेंगे। इस दौरान जय सिंह प्रधान दादा बूढ़ा मंदिर कमेटी, महेंद्र दलाल, दयानंद दलाल, जय सिंह, अत्रे पंडित, हरपाल, विक्रम दलाल, कृष्ण उर्फ भूंडू, रामकुंवार उर्फ ढीलू, दयानंद, रामफल, कपूरे, बलवान, कुलवंते आदि मौजूद रहे।
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बहादुरगढ़। जमीन अधिग्रहण मामले में उचित मुआवजे की मांग के लिए पिछले 17 दिन से धरना दे रहे किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को अधिकारियों से मिला। किसानों ने अधिकारियों से 72 लाख रुपये प्रति एकड़ से कलेक्टर रेट की मांग की है। धरने का नेत्वृत कर रहे रमेश दलाल ने बताया कि बुधवार शाम 5 बजे किसानों के प्रतिनिधिमंडल व अधिकारियों के बीच वार्ता शुरू हुई। लंबी चली इस वार्ता में किसानों ने दस्तावेजों व कानूनी तर्कों के आधार पर अधिकारियों के समक्ष छारा गांव के लिए 72 लाख प्रति एकड़ कलेक्टर रेट की मांग को रखा। दलाल ने बताया की जहां भापड़ोदा गांव व गिरावड़ गांव का प्रति एकड़ कलेक्टर रेट 38.5 लाख व 40 लाख रुपये है, वहीं छारा गांव का कलेक्टर रेट 72 लाख प्रति एकड़ बनता है। अब समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपेगी। जहां एक तरफ किसानों को उम्मीद है कि सरकार उनके साथ न्याय करेगी। वहीं, दूसरी तरफ वह किसी भी अप्रत्याशित स्थिति के लिए भी तैयार हैं।
किसानों ने रविवार को महापंचायत कर सरकार को पहले ही 22 फरवरी तक का अल्टीमेटम दिया हुआ है। ऐसे में अब सबकी नजर रेट सुधार के लिए बनाई गई समिति की रिपोर्ट पर है। गौरतलब है कि रविवार की महापंचायत कर सरकार को चेताया था कि अगर सरकार ने छारा गांव के किसानों के साथ न्याय नहीं किया तो आंदोलन के नेता रमेश दलाल सैकड़ों किसानों को भूख हड़ताल पर बैठेंगे व बाद में जरूरत पडने पर किसान 28 फरवरी से रोहतक- दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग, दिल्ली-भटिंडा रेल व गुरुग्राम नहर को रोकेंगे। इस दौरान जय सिंह प्रधान दादा बूढ़ा मंदिर कमेटी, महेंद्र दलाल, दयानंद दलाल, जय सिंह, अत्रे पंडित, हरपाल, विक्रम दलाल, कृष्ण उर्फ भूंडू, रामकुंवार उर्फ ढीलू, दयानंद, रामफल, कपूरे, बलवान, कुलवंते आदि मौजूद रहे।
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