{"_id":"5c100dc0bdec2241742be005","slug":"71544555968-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओवरफ्लो से कंडम हुईं 50 लाख से बनी गलियां, नप ने जन स्वास्थ्य विभाग को लिखा पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ओवरफ्लो से कंडम हुईं 50 लाख से बनी गलियां, नप ने जन स्वास्थ्य विभाग को लिखा पत्र
Updated Wed, 12 Dec 2018 12:49 AM IST
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। सीवर ओवरफ्लो से वार्ड-21 में कंडम हो रही नवनिर्मित गलियों की तरफ आखिरकार नप अधिकारियों ने ध्यान दिया है। सोमवार के अंक में ही अमर उजाला ने इस संबंध में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। इस पर संज्ञान लेकर नगर परिषद के एमई ने संबंधित ठेकेदार को अपने कार्यालय में बुलाकर स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने जन स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा है। इसमें सीवर ओवरफ्लो का समाधान जल्द न करने पर डीसी अजय सिंह तोमर से इसकी शिकायत करने की चेतावनी दी है। विभाग को पत्र भेजने की पुष्टि एमई हरिकिशन शर्मा ने की है।
पार्षद रोहित के वार्ड-21 में नगर परिषद ने करीब एक से डेढ़ माह पूर्व ही नई इंटर लॉकिंग गलियों का निर्माण कराया है। इन गलियों के निर्माण पर करीब 50 लाख रुपये की लागत आई है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद से ही इन गलियों में सीवर मैनहोल ओवरफ्लो कर रहे हैं। इस कारण गलियों में बदबूदार पानी जमा है। इतना ही नहीं पानी का जमाव होने से कई जगहों से इन गलियों में टाइलें धंस चुकी हैं। एक पाठक के इसकी सूचना देने के बाद रविवार को अमर उजाला टीम ने इन गलियों की ग्राउंड रिपोर्ट का जायजा लिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस संबंध में कई दफा शिकायत कर चुके हैं लेकिन जन स्वास्थ्य विभाग ध्यान ही नहीं दे रही। वहीं, लीकेज के चलते हाल ही में बनाई गई गलियां कंडम हो रही हैं और नप अधिकारी भी इस मसले को गंभीरता से नहीं ले रहे। अमर उजाला ने 10 दिसंबर के संस्करण में ‘सीवर व्यवस्था ठप, एक माह पहले 50 लाख रुपये से बनी गलियां धंसीं’ नामक शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर प्रकाशित होते ही एमई हरिकिशन शर्मा ने इस पर संज्ञान लिया और ठेकेदार संजय शर्मा को अपने कार्यालय बुलाकर इस संबंध में पूछताछ की। ठेकेदार ने बताया कि गली निर्माण में कोई लापरवाही नहीं बरती गई थी। सभी मानकों को ध्यान में रखकर ही निर्माण सामग्री प्रयोग की गई थी। ठेकेदार ने एमई को बताया कि यहां सीवर ओवरफ्लो कर रहे हैं और इसके चलते कई दिनों से पानी गली में जमा है। इस संबंध में वो जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी अवगत करवा चुके हैं लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
ठीक करवाई जाएंगी सभी गलियां
एमई हरिकिशन शर्मा ने बताया कि सीवर ओवरफ्लो की समस्या का समाधान करने के लिए उन्होंने जन स्वास्थ्य विभा को पत्र लिख दिया है। जो टाइलें धंसीं हुई हैं उन्हें जल्द दुरुस्त करवा दिया जाएगा। इसके लिए ठेकेदार से बातचीत हो चुकी है। एमई ने बताया कि अगर जन स्वास्थ्य विभाग ने अब भी इस ओर ध्यान नहीं दिया तो फिर इसकी शिकायत डीसी अजय सिंह तोमर से की जाएगी और इसका जिक्र बाकायदा पत्र में भी किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
चरखी दादरी। सीवर ओवरफ्लो से वार्ड-21 में कंडम हो रही नवनिर्मित गलियों की तरफ आखिरकार नप अधिकारियों ने ध्यान दिया है। सोमवार के अंक में ही अमर उजाला ने इस संबंध में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। इस पर संज्ञान लेकर नगर परिषद के एमई ने संबंधित ठेकेदार को अपने कार्यालय में बुलाकर स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने जन स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा है। इसमें सीवर ओवरफ्लो का समाधान जल्द न करने पर डीसी अजय सिंह तोमर से इसकी शिकायत करने की चेतावनी दी है। विभाग को पत्र भेजने की पुष्टि एमई हरिकिशन शर्मा ने की है।
पार्षद रोहित के वार्ड-21 में नगर परिषद ने करीब एक से डेढ़ माह पूर्व ही नई इंटर लॉकिंग गलियों का निर्माण कराया है। इन गलियों के निर्माण पर करीब 50 लाख रुपये की लागत आई है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद से ही इन गलियों में सीवर मैनहोल ओवरफ्लो कर रहे हैं। इस कारण गलियों में बदबूदार पानी जमा है। इतना ही नहीं पानी का जमाव होने से कई जगहों से इन गलियों में टाइलें धंस चुकी हैं। एक पाठक के इसकी सूचना देने के बाद रविवार को अमर उजाला टीम ने इन गलियों की ग्राउंड रिपोर्ट का जायजा लिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस संबंध में कई दफा शिकायत कर चुके हैं लेकिन जन स्वास्थ्य विभाग ध्यान ही नहीं दे रही। वहीं, लीकेज के चलते हाल ही में बनाई गई गलियां कंडम हो रही हैं और नप अधिकारी भी इस मसले को गंभीरता से नहीं ले रहे। अमर उजाला ने 10 दिसंबर के संस्करण में ‘सीवर व्यवस्था ठप, एक माह पहले 50 लाख रुपये से बनी गलियां धंसीं’ नामक शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर प्रकाशित होते ही एमई हरिकिशन शर्मा ने इस पर संज्ञान लिया और ठेकेदार संजय शर्मा को अपने कार्यालय बुलाकर इस संबंध में पूछताछ की। ठेकेदार ने बताया कि गली निर्माण में कोई लापरवाही नहीं बरती गई थी। सभी मानकों को ध्यान में रखकर ही निर्माण सामग्री प्रयोग की गई थी। ठेकेदार ने एमई को बताया कि यहां सीवर ओवरफ्लो कर रहे हैं और इसके चलते कई दिनों से पानी गली में जमा है। इस संबंध में वो जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी अवगत करवा चुके हैं लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
विज्ञापन
ठीक करवाई जाएंगी सभी गलियां
एमई हरिकिशन शर्मा ने बताया कि सीवर ओवरफ्लो की समस्या का समाधान करने के लिए उन्होंने जन स्वास्थ्य विभा को पत्र लिख दिया है। जो टाइलें धंसीं हुई हैं उन्हें जल्द दुरुस्त करवा दिया जाएगा। इसके लिए ठेकेदार से बातचीत हो चुकी है। एमई ने बताया कि अगर जन स्वास्थ्य विभाग ने अब भी इस ओर ध्यान नहीं दिया तो फिर इसकी शिकायत डीसी अजय सिंह तोमर से की जाएगी और इसका जिक्र बाकायदा पत्र में भी किया गया है।
विज्ञापन