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बिजली बिल ज्यादा आने से उपभोक्ताओं में रोष
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अमर उजाला ब्यूरो
बादली। गांव गुभाना व माजरी के बिजली उपभोक्ताओं को इस बार बिल देखकर जोरदार झटका लगा है। बिजली के बिल कई गुणा ज्यादा आए हैं, इससे लोगों में रोष है। मंगलवार की बादली स्थित निगम कार्यालय पर गुभाना और माजरी सहित कई अन्य गांवों के उपभोक्ता अपने बिल को सही करवाने के लिए पहुंचे।
उपभोक्ताओं ने कार्यालय पहुंचकर निगम के जेई और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की। उपभोक्ताओं ने अधिकारियों को बताया कि उनका बिजली बिल मीटर रीडिंग के आधार पर नहीं बनाया गया है। बिना रीडिंग की जांच के ही बिल तैयार किया गया है। जहां प्रतिमाह उन्हें 300 से 500 रुपये बिल देना होता था वहीं इस बार 15 हजार से 30 हजार रुपये का बिल भेज दिया गया है। उपभोक्ता राजेश, कुलदीप, नानू, कुलदीप और देवेंद्र ने बताया कि बिजली बिल में दर्ज की गई रीडिंग अभी तक मीटर में नहीं है। कई उपभोक्ताओं के बिल लाल रंग के भेजे गए है जो कि डिफाल्टर की निशानी होते हैं। इसके अतिरिक्त उपभोक्ताओं को समय पर बिल नहीं मिले। बिल न मिलने की स्थिति में अधिकतर उपभोक्ता बिल भरने से वंचित रह गए।
बढ़ा दी बिल भरने की तिथि
उपभोक्ताओं का गुस्सा और कर्मचारियों की खामियों को देखते हुए निगम की ओर से बिल भरने की अंतिम तिथि दो दिन और बढ़ा दी गई। बिल भरने की अंतिम तिथि पहले 26 मार्च थी जो कि अब 28 मार्च तक होगी। उपभोक्ताओं को बिल न मिलने और गलत बिलों को ठीक करवाने के लिए दो दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है।
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मीटर रीडिंग और बिल वितरण का ठेका एक निजी कंपनी को दिया गया है। उपभोक्ताओं की ओर से मिली शिकायतों के आधार पर संबंधित कंपनी के अधिकारियों से बातचीत की जा रही है। बिलों को ठीक भी करवाया जा रहा है।
विनोद कुमार, एसडीई, बिजली निगम।
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बादली। गांव गुभाना व माजरी के बिजली उपभोक्ताओं को इस बार बिल देखकर जोरदार झटका लगा है। बिजली के बिल कई गुणा ज्यादा आए हैं, इससे लोगों में रोष है। मंगलवार की बादली स्थित निगम कार्यालय पर गुभाना और माजरी सहित कई अन्य गांवों के उपभोक्ता अपने बिल को सही करवाने के लिए पहुंचे।
उपभोक्ताओं ने कार्यालय पहुंचकर निगम के जेई और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की। उपभोक्ताओं ने अधिकारियों को बताया कि उनका बिजली बिल मीटर रीडिंग के आधार पर नहीं बनाया गया है। बिना रीडिंग की जांच के ही बिल तैयार किया गया है। जहां प्रतिमाह उन्हें 300 से 500 रुपये बिल देना होता था वहीं इस बार 15 हजार से 30 हजार रुपये का बिल भेज दिया गया है। उपभोक्ता राजेश, कुलदीप, नानू, कुलदीप और देवेंद्र ने बताया कि बिजली बिल में दर्ज की गई रीडिंग अभी तक मीटर में नहीं है। कई उपभोक्ताओं के बिल लाल रंग के भेजे गए है जो कि डिफाल्टर की निशानी होते हैं। इसके अतिरिक्त उपभोक्ताओं को समय पर बिल नहीं मिले। बिल न मिलने की स्थिति में अधिकतर उपभोक्ता बिल भरने से वंचित रह गए।
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बढ़ा दी बिल भरने की तिथि
उपभोक्ताओं का गुस्सा और कर्मचारियों की खामियों को देखते हुए निगम की ओर से बिल भरने की अंतिम तिथि दो दिन और बढ़ा दी गई। बिल भरने की अंतिम तिथि पहले 26 मार्च थी जो कि अब 28 मार्च तक होगी। उपभोक्ताओं को बिल न मिलने और गलत बिलों को ठीक करवाने के लिए दो दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है।
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मीटर रीडिंग और बिल वितरण का ठेका एक निजी कंपनी को दिया गया है। उपभोक्ताओं की ओर से मिली शिकायतों के आधार पर संबंधित कंपनी के अधिकारियों से बातचीत की जा रही है। बिलों को ठीक भी करवाया जा रहा है।
विनोद कुमार, एसडीई, बिजली निगम।