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राजकीय स्कूल के समीप के डंपिंग प्वाइंट बंद हुए न कचरा उठान हुआ
Updated Thu, 04 Oct 2018 01:20 AM IST
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चरखी दादरी। शहर के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के मेन गेट के बाहर लंबे समय से बने कचरे का जमाव हटवाने के लिए अब प्रधानाचार्य और छात्राएं आगेे आई हैं। प्रधानाचार्य ने इसे लेकर जल्द ही नगर परिषद को पत्र लिखने और परिषद चेयरमैन से मिलने की बात कही है। स्कूल गेट के बाहर कचरे का जमाव होने से बीमारियां फैलने का अंदेशा बना हुआ है।
गांधी जयंती पर स्कूली छात्राओं ने शहर में जागरूकता रैली के साथ डोर-टू-डोर जाकर अभियान चलाया था। इस दौरान छात्राओं ने घरों में जाकर खासकर महिलाओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया था। उनके स्कूल के समीप बनाए अस्थाई डंपिंग प्वाइंटों पर कूड़ा ने डालने की मांग की थी। हालांकि इसके बावजूद बुधवार को भी न तो लोग यहां कूड़ा डालने से बाज आए और न ही नप अधिकारियों ने यहां पड़े कूड़े को उठाने की जहमत उठाई। अमर उजाला की टीम बुधवार सुबह जब स्थिति का जायजा लेने स्कूल के बैक साइड बनाए डंपिंग प्वाइंट पर पहुंची तो वहां के हालात जस के तस मिले। इस संबंध में स्कूल प्रधानाचार्य श्रीभगवान और स्कूल की छात्राओं से बातचीत भी की गई। स्कूल प्रधानाचार्य श्रीभगवान ने बताया कि स्कूल मेन गेट के बाहर कूड़े का काफी समय से जमावड़ा बना हुआ है। आसपास के लोग यहां कूड़ा डालते हैं। नगर परिषद के सफाई कर्मचारी भी यहां से कचरे का उठान नहीं करते। इससे दिनभर यहां दुर्गंध बनी रहती है। स्कूली बच्चों को आवागमन में परेशानी होती है। बीमारियां फैलने का भी अंदेशा बना हुआ है। इसे लेकर वे जल्द ही नगर परिषद को पत्र लिख परिषद के चेयरमैन से भी मिलकर यह समस्या उनके समक्ष रखेंगे ताकि इस समस्या का स्थायी तौर पर समाधान हो सके। कचरे का ठीक जगह पर समायोजन करना चाहिए। शिक्षण संस्था के समीप तो साफ- सफाई होना अति आवश्यक है।
छात्राएं बोलीं: हमारी परेशानियों पर प्रशासन दे ध्यान
स्कूल के मेन गेट के बाहर पड़े कचरे का प्रबंधन करना चाहिए। आसपास के लोगों को भी इसके लिए जागरूक होना होगा। कचरे का स्थाई तौर निपटान होना चाहिए ताकि छात्राओं व शिक्षकों को परेशानी न हो। इस समस्या का जल्द ही समाधान होना चाहिए। - सपना, कक्षा आठवीं
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आसपास के लोगों को यहां कूड़ा नहीं डालना चाहिए। सफाई कर्मचारियों को यहां से कचरे का उठान करना चाहिए। स्कूली छात्राओं व शिक्षकों को रोजाना दुर्गंध का सामना करना पड़ता है। बीमारियां फैलने का भी अंदेशा बना रहता है। - अल्पा, कक्षा सातवीं
परिषद को डस्टबिन रखवाने चाहिए। लोगों को यहां कूड़ा नहीं डालना चाहिए। सफाई कर्मचारियों को विशेष ध्यान देना चाहिए। स्कूल परिसर व आसपास का एरिया तो पूरी तरह से पवित्र होना चाहिए। - दीपिका, कक्षा आठवीं
कचरे का काफी समय से जमाव बने रहने से प्रदूषण खराब हो रहा है। आसपास की आबोहवा खराब हो रही है। शहर के बीचोबीच स्कूल होने की वजह से आसपास की बस्ती के लोगों को भी परेशानी होती है। परिषद कर्मचारियों को यहां से कचरे का उठान करना चाहिए। - वर्षा, छात्रा
आज भी डंपिंग प्वाइंट के हालात पहले जैसे ही है। मैं इस संबंध में नगर परिषद अधिकारी को पत्र लिखूंगा और खुद चेयरमैन से मुलाकात कर डंपिंग प्वाइंट का स्थायी समाधान कराने की मांग करूंगा। - श्रीभगवान, प्रधानाचार्य, राजकीय कन्या स्कूल
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गांधी जयंती पर स्कूली छात्राओं ने शहर में जागरूकता रैली के साथ डोर-टू-डोर जाकर अभियान चलाया था। इस दौरान छात्राओं ने घरों में जाकर खासकर महिलाओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया था। उनके स्कूल के समीप बनाए अस्थाई डंपिंग प्वाइंटों पर कूड़ा ने डालने की मांग की थी। हालांकि इसके बावजूद बुधवार को भी न तो लोग यहां कूड़ा डालने से बाज आए और न ही नप अधिकारियों ने यहां पड़े कूड़े को उठाने की जहमत उठाई। अमर उजाला की टीम बुधवार सुबह जब स्थिति का जायजा लेने स्कूल के बैक साइड बनाए डंपिंग प्वाइंट पर पहुंची तो वहां के हालात जस के तस मिले। इस संबंध में स्कूल प्रधानाचार्य श्रीभगवान और स्कूल की छात्राओं से बातचीत भी की गई। स्कूल प्रधानाचार्य श्रीभगवान ने बताया कि स्कूल मेन गेट के बाहर कूड़े का काफी समय से जमावड़ा बना हुआ है। आसपास के लोग यहां कूड़ा डालते हैं। नगर परिषद के सफाई कर्मचारी भी यहां से कचरे का उठान नहीं करते। इससे दिनभर यहां दुर्गंध बनी रहती है। स्कूली बच्चों को आवागमन में परेशानी होती है। बीमारियां फैलने का भी अंदेशा बना हुआ है। इसे लेकर वे जल्द ही नगर परिषद को पत्र लिख परिषद के चेयरमैन से भी मिलकर यह समस्या उनके समक्ष रखेंगे ताकि इस समस्या का स्थायी तौर पर समाधान हो सके। कचरे का ठीक जगह पर समायोजन करना चाहिए। शिक्षण संस्था के समीप तो साफ- सफाई होना अति आवश्यक है।
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छात्राएं बोलीं: हमारी परेशानियों पर प्रशासन दे ध्यान
स्कूल के मेन गेट के बाहर पड़े कचरे का प्रबंधन करना चाहिए। आसपास के लोगों को भी इसके लिए जागरूक होना होगा। कचरे का स्थाई तौर निपटान होना चाहिए ताकि छात्राओं व शिक्षकों को परेशानी न हो। इस समस्या का जल्द ही समाधान होना चाहिए। - सपना, कक्षा आठवीं
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आसपास के लोगों को यहां कूड़ा नहीं डालना चाहिए। सफाई कर्मचारियों को यहां से कचरे का उठान करना चाहिए। स्कूली छात्राओं व शिक्षकों को रोजाना दुर्गंध का सामना करना पड़ता है। बीमारियां फैलने का भी अंदेशा बना रहता है। - अल्पा, कक्षा सातवीं
परिषद को डस्टबिन रखवाने चाहिए। लोगों को यहां कूड़ा नहीं डालना चाहिए। सफाई कर्मचारियों को विशेष ध्यान देना चाहिए। स्कूल परिसर व आसपास का एरिया तो पूरी तरह से पवित्र होना चाहिए। - दीपिका, कक्षा आठवीं
कचरे का काफी समय से जमाव बने रहने से प्रदूषण खराब हो रहा है। आसपास की आबोहवा खराब हो रही है। शहर के बीचोबीच स्कूल होने की वजह से आसपास की बस्ती के लोगों को भी परेशानी होती है। परिषद कर्मचारियों को यहां से कचरे का उठान करना चाहिए। - वर्षा, छात्रा
आज भी डंपिंग प्वाइंट के हालात पहले जैसे ही है। मैं इस संबंध में नगर परिषद अधिकारी को पत्र लिखूंगा और खुद चेयरमैन से मुलाकात कर डंपिंग प्वाइंट का स्थायी समाधान कराने की मांग करूंगा। - श्रीभगवान, प्रधानाचार्य, राजकीय कन्या स्कूल