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स्वतंत्रता सेनानी परिवारों ने मांगों के लिए रोष प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन
Updated Thu, 06 Sep 2018 01:18 AM IST
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चरखी दादरी। नेताजी सुभाष जनकल्याण संगठन के सदस्यों ने नगर में रोष प्रदर्शन के उपरांत अपनी मांगों का ज्ञापन जिला उपायुक्त को राज्यपाल व पीएम के नाम सौंपा। जनकल्याण संगठन प्रदेश अध्यक्ष सुमेर सांगवान व प्रदेश महासचिव उमेद सिंह यादव के नेतृत्व में शहर में रोष प्रदर्शन किया गया।
ज्ञापन में कहा गया कि सरकार के चार वर्ष के कार्यकाल के बाद भी स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के कल्याण के लिए हरियाणा सम्मान समिति का गठन नहीं किया गया है। स्वतंत्रता सेनानियों की पौत्री के कन्यादान शगुन राशि की तर्ज पर उनकी दोहती को भी विवाह पर 51 हजार की राशि कन्यादान शगुन के रूप में प्रदान करनी चाहिए। स्वतंत्रता सेनानियों की भांति कम से कम 5000 हजार रुपए बतौर पेंशन उनके उत्तराधिकारियों की प्रथम पीढ़ी को मिलनी चाहिए। ज्ञापन के माध्यम से स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के आश्रितों को प्रत्येक राजकीय भर्ती में दो प्रतिशत खुला आरक्षण प्रदान करने की भी मांग की गई। ज्ञापन के माध्यम से चेतावनी दी गई कि अगर इन मांगों को नौ अक्तूबर तक पूरा नहीं किया जाता है तो 10 अक्टूबर से दिल्ली के जंतर- मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया जाएगा। इस अवसर पर बलराज, हरेंद्र, सतबीर, रामनिवास, हरिसिंह, शमशेर, वीर बहादुर, रतनलाल, मुख्तयार सिंह, सूूबे सिंह, अतर सिंह यादव, भान सिंह, जयभगवान रानीला, मदन लाल, मीर सिंह अचीना, जगदीश, सतबीर पांडवान, सुमेर सिंह अटेला, पृथ्वी सिंह, धर्मबीर, विजय, हिम्मत सिंह, राजेंद्र अटेला, महेंद्र सिंह, रणधीर सिंह, रोशन लाल, कृष्ण कुमार, बीएस लांबा आदि उपस्थित थे।
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ज्ञापन में कहा गया कि सरकार के चार वर्ष के कार्यकाल के बाद भी स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के कल्याण के लिए हरियाणा सम्मान समिति का गठन नहीं किया गया है। स्वतंत्रता सेनानियों की पौत्री के कन्यादान शगुन राशि की तर्ज पर उनकी दोहती को भी विवाह पर 51 हजार की राशि कन्यादान शगुन के रूप में प्रदान करनी चाहिए। स्वतंत्रता सेनानियों की भांति कम से कम 5000 हजार रुपए बतौर पेंशन उनके उत्तराधिकारियों की प्रथम पीढ़ी को मिलनी चाहिए। ज्ञापन के माध्यम से स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के आश्रितों को प्रत्येक राजकीय भर्ती में दो प्रतिशत खुला आरक्षण प्रदान करने की भी मांग की गई। ज्ञापन के माध्यम से चेतावनी दी गई कि अगर इन मांगों को नौ अक्तूबर तक पूरा नहीं किया जाता है तो 10 अक्टूबर से दिल्ली के जंतर- मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया जाएगा। इस अवसर पर बलराज, हरेंद्र, सतबीर, रामनिवास, हरिसिंह, शमशेर, वीर बहादुर, रतनलाल, मुख्तयार सिंह, सूूबे सिंह, अतर सिंह यादव, भान सिंह, जयभगवान रानीला, मदन लाल, मीर सिंह अचीना, जगदीश, सतबीर पांडवान, सुमेर सिंह अटेला, पृथ्वी सिंह, धर्मबीर, विजय, हिम्मत सिंह, राजेंद्र अटेला, महेंद्र सिंह, रणधीर सिंह, रोशन लाल, कृष्ण कुमार, बीएस लांबा आदि उपस्थित थे।
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