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40 हॉर्स पावर की मोटर भी दे गई जवाब, ठप हुआ समसपुर एसटीपी सिस्टम
Updated Wed, 25 Jul 2018 01:05 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। डकैती के बाद से एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) ठप हो गया है। सीवरेज लाइनों से पानी के उठान के लिए जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा सोमवार शाम लगाई गई 40 हॉर्स पावर की मोटर भी कुछ घंटों में ही जवाब दे गई है। इसके चलते समसपुर एसटीपी सिस्टम पूर्णतया ठप हो गया। 60 हॉर्स पावर के बाद छोटी मोटर भी नकारा साबित होने पर विभाग के पास कोई विकल्प भी नहीं बचा है। वहीं, एसटीपी के काम छोड़ते ही कुछ देर बाद इसका असर बाजार और प्रमुख सड़कों पर भी नजर आया। एसटीपी पर लिफ्टिंग ठप होने से शहर की सीवरेज लाइनें बैक मार गई है और दूषित व बदबूदार पानी सड़कों पर जमा हो गया।
शहर के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का सिस्टम मंगलवार को पूरी तरह से ठप हो गया। इससे शहर की सभी सीवरेज मेन लाइनें बैक मारने लगी हैं। इस समय लिफ्टिंग के जरिए एसटीपी तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। शुक्र है मंगलवार को दिन के समय धूप खिल गई, अगर बारिश हो जाती है तो हालात और भी बदतर हो जाते। ज्ञात रहे कि एसटीपी सिस्टम का बिजली ट्रांसफार्मर गत शनिवार रात डकैतों ने डैमेज कर दिया था। इसके बाद विभाग ने जनरेटर चलाकर एसटीपी की 60 हॉर्स पावर की मोटर चालू की थी लेकिन लगातार चलने की वजह से कुछ घंटे बाद ही यह मोटर खराब हो गई। करीब 18 घंटे की मशक्कत के बाद विभाग ने 60 हॉर्स पावर की मोटर हटाकर 40 हॉर्स पावर की मोटर सोमवार शाम करीब छह बजे चालू की थी। विभाग का यह प्रयास भी सिस्टम को पटरी पर लाने में कामयाब नहीं हो पाया।
विभागीय सूत्रों की मानें तो सोमवार रात ही यह मोटर भी काम करना बंद कर गई। मंगलवार सुबह तो गर्म होने के चलते यह मोटर चालू ही नहीं हो पाई और इसके चलते एसटीपी सिस्टम पूरी तरह ठप हो गया। इसके चलते अब सीवरेज प्लांट तक शहर का बरसाती एवं दूषित पानी नहीं पहुंच पा रहा है। शहर की सीवरेज की मेन लाइनें भरी पड़ी हैं। जगह-जगह सीवरेज मैनहोल बैक मार रहे हैं जिससे शहर की सफाई व्यवस्था भी चरमराई गई है।
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ढाणी फाटक ओवरब्रिज तक पहुंचा सीवरेज का दूषित पानी
एसटीपी ठप होने से जगह-जगह दूषित पानी सड़कों पर गलियों में फैल रहा है। दूषित पानी की वजह से बीमारियां फैलने का भी अंदेशा बना हुआ है। ढाणी फाटक से एसटीपी तक जाने वाला बरसाती नाला ओवरफ्लो कर रहा है और दूषित पानी सड़कों पर फैल जाने से वाहन चालकों और दुकानदारों को भी परेशानी आ रही है। दुकानदारी का काम भी प्रभावित हो रहा है। आसपास का वातावरण दुर्गंधमय बना हुआ है। यहां करीब एक किलोमीटर की दूरी में दूषित पानी का जमाव बना हुआ है।
किसान की तरह विभाग ले रहा ट्रैक्टर का सहारा
एसटीपी पर पानी का उठान करने के लिए सोमवार को 40 हॉर्स पावर की मोटर लगाई थी जो कुछ देर बाद ही गर्म हो जाती है जिससे उसके जलने का खतरा बना रहता है इस वजह से इसे बार-बार बंद करना पड़ता है। विभाग ने एसटीपी पर ट्रैक्टर के जरिए छोटी मोटर चलाकर पानी का उठान शुरू किया है ताकि जैसे-तैसे शहर से पानी बरसाती एवं दूषित पानी की निकासी हो सके लेकिन खुद विभागीय अधिकारी इसे कारगर नहीं मान रहे हैं।
वार्डों की गलियों मेें असर पड़ने लगा
एसटीपी का सिस्टम ठप होने पर इसका असर अब वार्डों की गलियों में दिखने लगा है। वार्डों की गलियों की सीवरेज लाइनों से भी पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा है जिससे कई भागों में सीवरेज बैक मार रहे हैं। वैसे ही सीवरेज लाइनों की इस बार सफाई नहीं हो सकी जबकि मानसून से पहले सीवरेज की सफाई करना जरूरी होता है।
एसटीपी पर जल्द ही 60 हॉर्स पावर की मोटर लगवाई जाएगी। अब जैसे-तैसे थोड़ी क्षमता की मोटर लगाकर पानी का उठान किया जा रहा है। 40 हॉर्स पावर की मोटर कुछ मिनटों में ही गर्म हो जाती है इसके चलते बार-बार बंद करना पड़ता है।
-मुकेश कुमार, जेई जनस्वास्थ्य विभाग
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चरखी दादरी। डकैती के बाद से एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) ठप हो गया है। सीवरेज लाइनों से पानी के उठान के लिए जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा सोमवार शाम लगाई गई 40 हॉर्स पावर की मोटर भी कुछ घंटों में ही जवाब दे गई है। इसके चलते समसपुर एसटीपी सिस्टम पूर्णतया ठप हो गया। 60 हॉर्स पावर के बाद छोटी मोटर भी नकारा साबित होने पर विभाग के पास कोई विकल्प भी नहीं बचा है। वहीं, एसटीपी के काम छोड़ते ही कुछ देर बाद इसका असर बाजार और प्रमुख सड़कों पर भी नजर आया। एसटीपी पर लिफ्टिंग ठप होने से शहर की सीवरेज लाइनें बैक मार गई है और दूषित व बदबूदार पानी सड़कों पर जमा हो गया।
शहर के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का सिस्टम मंगलवार को पूरी तरह से ठप हो गया। इससे शहर की सभी सीवरेज मेन लाइनें बैक मारने लगी हैं। इस समय लिफ्टिंग के जरिए एसटीपी तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। शुक्र है मंगलवार को दिन के समय धूप खिल गई, अगर बारिश हो जाती है तो हालात और भी बदतर हो जाते। ज्ञात रहे कि एसटीपी सिस्टम का बिजली ट्रांसफार्मर गत शनिवार रात डकैतों ने डैमेज कर दिया था। इसके बाद विभाग ने जनरेटर चलाकर एसटीपी की 60 हॉर्स पावर की मोटर चालू की थी लेकिन लगातार चलने की वजह से कुछ घंटे बाद ही यह मोटर खराब हो गई। करीब 18 घंटे की मशक्कत के बाद विभाग ने 60 हॉर्स पावर की मोटर हटाकर 40 हॉर्स पावर की मोटर सोमवार शाम करीब छह बजे चालू की थी। विभाग का यह प्रयास भी सिस्टम को पटरी पर लाने में कामयाब नहीं हो पाया।
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विभागीय सूत्रों की मानें तो सोमवार रात ही यह मोटर भी काम करना बंद कर गई। मंगलवार सुबह तो गर्म होने के चलते यह मोटर चालू ही नहीं हो पाई और इसके चलते एसटीपी सिस्टम पूरी तरह ठप हो गया। इसके चलते अब सीवरेज प्लांट तक शहर का बरसाती एवं दूषित पानी नहीं पहुंच पा रहा है। शहर की सीवरेज की मेन लाइनें भरी पड़ी हैं। जगह-जगह सीवरेज मैनहोल बैक मार रहे हैं जिससे शहर की सफाई व्यवस्था भी चरमराई गई है।
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ढाणी फाटक ओवरब्रिज तक पहुंचा सीवरेज का दूषित पानी
एसटीपी ठप होने से जगह-जगह दूषित पानी सड़कों पर गलियों में फैल रहा है। दूषित पानी की वजह से बीमारियां फैलने का भी अंदेशा बना हुआ है। ढाणी फाटक से एसटीपी तक जाने वाला बरसाती नाला ओवरफ्लो कर रहा है और दूषित पानी सड़कों पर फैल जाने से वाहन चालकों और दुकानदारों को भी परेशानी आ रही है। दुकानदारी का काम भी प्रभावित हो रहा है। आसपास का वातावरण दुर्गंधमय बना हुआ है। यहां करीब एक किलोमीटर की दूरी में दूषित पानी का जमाव बना हुआ है।
किसान की तरह विभाग ले रहा ट्रैक्टर का सहारा
एसटीपी पर पानी का उठान करने के लिए सोमवार को 40 हॉर्स पावर की मोटर लगाई थी जो कुछ देर बाद ही गर्म हो जाती है जिससे उसके जलने का खतरा बना रहता है इस वजह से इसे बार-बार बंद करना पड़ता है। विभाग ने एसटीपी पर ट्रैक्टर के जरिए छोटी मोटर चलाकर पानी का उठान शुरू किया है ताकि जैसे-तैसे शहर से पानी बरसाती एवं दूषित पानी की निकासी हो सके लेकिन खुद विभागीय अधिकारी इसे कारगर नहीं मान रहे हैं।
वार्डों की गलियों मेें असर पड़ने लगा
एसटीपी का सिस्टम ठप होने पर इसका असर अब वार्डों की गलियों में दिखने लगा है। वार्डों की गलियों की सीवरेज लाइनों से भी पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा है जिससे कई भागों में सीवरेज बैक मार रहे हैं। वैसे ही सीवरेज लाइनों की इस बार सफाई नहीं हो सकी जबकि मानसून से पहले सीवरेज की सफाई करना जरूरी होता है।
एसटीपी पर जल्द ही 60 हॉर्स पावर की मोटर लगवाई जाएगी। अब जैसे-तैसे थोड़ी क्षमता की मोटर लगाकर पानी का उठान किया जा रहा है। 40 हॉर्स पावर की मोटर कुछ मिनटों में ही गर्म हो जाती है इसके चलते बार-बार बंद करना पड़ता है।
-मुकेश कुमार, जेई जनस्वास्थ्य विभाग