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नगर परिषद के पास नहीं खुद की जगह, ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए प्राइवेट पार्किंग का लेगी सहारा
Updated Mon, 16 Jul 2018 01:06 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। शहर की सड़कों पर जाम की स्थिति न बने इसके लिए नगर परिषद अधिकारी शहर को पहली पार्किंग की सौगात देने की तैयारियों में जुटे हुए हैं। यह पार्किंग प्राइवेट होगी और इसका शुल्क नगर परिषद की टीम निर्धारित करेगी। पार्किंग खोलने के इच्छुक व्यक्ति के पास शहर में कम से कम 1000 गज जगह होनी चाहिए। इसके बाद नप अधिकारी जगह का निरीक्षण करेंगे और अगर सब कुछ दुरुस्त मिला तो तुरंत ही शहर के बाजारों की पहली पार्किंग सेवा शुरू कर दी जाएगी। पार्किंग शुल्क नगर परिषद टीम निर्धारित करेगी। इस संबंध में डीसी अजय सिंह तोमर ने भी नगर परिषद को आदेश दे दिए हैं।
शहर को पार्किंग की कमी पिछले लंबे समय से खल रही है। बाजार में पार्किंग न होने से दिनभर सड़कों पर वाहन खड़े नजर आते हैं। सुबह दस से एक बजे तक शहर की प्रमुख कोर्ट रोड, बस स्टैंड रोड, रेलवे रोड, पुरानी सब्जी मंडी, पुराना दिल्ली रोड व काठ मंडी में तो जाम की स्थिति रहती है। इसका बाजारों में खरीददारी करने आने वाले लोगों को वाहन खड़ा करने की सुविधा न होना है। मजबूरी में लोग अपने वाहन सड़क पर ही खड़े करके अपने काम निपटाने चले जाते हैं और आधी सड़क से ही वाहनों को आवागमन हो पाता है। हालांकि पुलिस अधीक्षक ने पार्किंग की कमी को देखते हुए व्यवस्था बनाने के लिए 12 पैंथर्स पर 24 पुलिस कर्मियों व दस सदस्यीय ट्रैफिक पुलिस टीम की तैनाती भी कर रखी है। ये पुलिस कर्मी बाजार की सड़कों पर खड़े होने वाले वाहनों को हटवाते भी हैं लेकिन पार्किंग व्यवस्था न होने से वाहन चालकों के लिए बड़ी परेशानी पैदा हो जाती है। पुलिस का यह प्रयास वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर तो ठीक है लेकिन इसका स्थाई समाधान शहर में पार्किंग निर्माण ही है।
गत दिनों जिला उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने रोड सेफ्टी विषय पर सभी विभागों के अधिकारियों की बैठक ली थी। इस बैठक में भी शहर के पार्किंग मसले पर चर्चा की गई। उपायुक्त ने नगर परिषद को पार्किंग की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए थे। इसके बाद नगर परिषद अधिकारियों ने बाजार के समीप अपनी जगहों का डाटा खंगाला तो कोई जगह पार्किंग के लिए पर्याप्त नहीं मिली। इसके चलते एक बार तो इस प्रोजेक्ट पर विराम लगा लेकिन फिर नप अधिकारियों ने इस समाधान का हल प्राइवेट पार्किंग निकाला।
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पार्किंग से आमदनी पर देना पड़ेगा नप शुल्क
नप सचिव रामकरण भारद्वाज ने बताया कि जिस व्यक्ति के पास 1000 या इससे अधिक गज जगह है तो वह इस संबंध में नप कार्यालय में संपर्क कर सकता है। उन्होंने बताया कि अगर लोकेशन ठीक लगी तो तुरंत प्रभाव से ही वहां पार्किंग शुरू करा दी जाएगी। उन्होंने बताया कि पार्किंग शुल्क नगर परिषद टीम निर्धारित करेगी। शुल्क के जरिए जो आमदनी होगी वो जमीन मालिक की ही होगी। इसमें से नप शुल्क उसे जमा करना होगा और सब फाइनल होने के बाद उच्चाधिकारियों से विचार-विमर्श के बाद यह शुल्क राशि भी बता दी जाएगी।
हमने अपनी सभी जगहों का जायजा ले लिया है लेकिन पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। इसलिए हम शहर में प्राइवेट पार्किंग खोलेंगे। डीसी के आदेशानुसार हम जल्द 9 पार्किंग व्यवस्था कर देंगे।
रामकरण भारद्वाज, सचिव, नगर परिषद
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चरखी दादरी। शहर की सड़कों पर जाम की स्थिति न बने इसके लिए नगर परिषद अधिकारी शहर को पहली पार्किंग की सौगात देने की तैयारियों में जुटे हुए हैं। यह पार्किंग प्राइवेट होगी और इसका शुल्क नगर परिषद की टीम निर्धारित करेगी। पार्किंग खोलने के इच्छुक व्यक्ति के पास शहर में कम से कम 1000 गज जगह होनी चाहिए। इसके बाद नप अधिकारी जगह का निरीक्षण करेंगे और अगर सब कुछ दुरुस्त मिला तो तुरंत ही शहर के बाजारों की पहली पार्किंग सेवा शुरू कर दी जाएगी। पार्किंग शुल्क नगर परिषद टीम निर्धारित करेगी। इस संबंध में डीसी अजय सिंह तोमर ने भी नगर परिषद को आदेश दे दिए हैं।
शहर को पार्किंग की कमी पिछले लंबे समय से खल रही है। बाजार में पार्किंग न होने से दिनभर सड़कों पर वाहन खड़े नजर आते हैं। सुबह दस से एक बजे तक शहर की प्रमुख कोर्ट रोड, बस स्टैंड रोड, रेलवे रोड, पुरानी सब्जी मंडी, पुराना दिल्ली रोड व काठ मंडी में तो जाम की स्थिति रहती है। इसका बाजारों में खरीददारी करने आने वाले लोगों को वाहन खड़ा करने की सुविधा न होना है। मजबूरी में लोग अपने वाहन सड़क पर ही खड़े करके अपने काम निपटाने चले जाते हैं और आधी सड़क से ही वाहनों को आवागमन हो पाता है। हालांकि पुलिस अधीक्षक ने पार्किंग की कमी को देखते हुए व्यवस्था बनाने के लिए 12 पैंथर्स पर 24 पुलिस कर्मियों व दस सदस्यीय ट्रैफिक पुलिस टीम की तैनाती भी कर रखी है। ये पुलिस कर्मी बाजार की सड़कों पर खड़े होने वाले वाहनों को हटवाते भी हैं लेकिन पार्किंग व्यवस्था न होने से वाहन चालकों के लिए बड़ी परेशानी पैदा हो जाती है। पुलिस का यह प्रयास वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर तो ठीक है लेकिन इसका स्थाई समाधान शहर में पार्किंग निर्माण ही है।
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गत दिनों जिला उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने रोड सेफ्टी विषय पर सभी विभागों के अधिकारियों की बैठक ली थी। इस बैठक में भी शहर के पार्किंग मसले पर चर्चा की गई। उपायुक्त ने नगर परिषद को पार्किंग की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए थे। इसके बाद नगर परिषद अधिकारियों ने बाजार के समीप अपनी जगहों का डाटा खंगाला तो कोई जगह पार्किंग के लिए पर्याप्त नहीं मिली। इसके चलते एक बार तो इस प्रोजेक्ट पर विराम लगा लेकिन फिर नप अधिकारियों ने इस समाधान का हल प्राइवेट पार्किंग निकाला।
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पार्किंग से आमदनी पर देना पड़ेगा नप शुल्क
नप सचिव रामकरण भारद्वाज ने बताया कि जिस व्यक्ति के पास 1000 या इससे अधिक गज जगह है तो वह इस संबंध में नप कार्यालय में संपर्क कर सकता है। उन्होंने बताया कि अगर लोकेशन ठीक लगी तो तुरंत प्रभाव से ही वहां पार्किंग शुरू करा दी जाएगी। उन्होंने बताया कि पार्किंग शुल्क नगर परिषद टीम निर्धारित करेगी। शुल्क के जरिए जो आमदनी होगी वो जमीन मालिक की ही होगी। इसमें से नप शुल्क उसे जमा करना होगा और सब फाइनल होने के बाद उच्चाधिकारियों से विचार-विमर्श के बाद यह शुल्क राशि भी बता दी जाएगी।
हमने अपनी सभी जगहों का जायजा ले लिया है लेकिन पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। इसलिए हम शहर में प्राइवेट पार्किंग खोलेंगे। डीसी के आदेशानुसार हम जल्द 9 पार्किंग व्यवस्था कर देंगे।
रामकरण भारद्वाज, सचिव, नगर परिषद