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नप ने नहीं दिए रंगीन डस्टबिन, पीएम को पत्र लिखने की तैयारी में पार्षद
Updated Mon, 25 Dec 2017 12:15 AM IST
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जनवरी तक नहीं मिले डस्टबिन तो पीएम को लिखेंगे पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
वार्ड दो के पार्षद महेश गुप्ता ने वार्ड में छोटे डस्टबिन उपलब्ध न कराए जाने की मांग को नजरअंदाज करने पर पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखने की चेतावनी नगर परिषद के अधिकारियों को दी है। पार्षद ने डस्टबिन मुहैया कराने के लिए नप अधिकारियों को एक सप्ताह का समय दिया है। ऐसा न होने पर जनवरी माह में वो पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखेंगे।
पार्षद का तर्क है कि प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाने के लिए वार्ड दो के पार्षद ने चार माह पहले 50 डस्टबिन रखवाने की मांग की थी। 31 जुलाई व 11 दिसंबर को नगर परिषद चेयरमैन व सचिव को दो बार लिखित में पत्र दे चुके है लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। 50 डस्टबिन रखे जाने के बाद वार्ड की सफाई व्यवस्था में काफी हद तक सुधार होगा। जनवरी माह तक डस्टबिन न रखे जाने पर वार्ड पार्षद पीएम को पत्र लिखेंगे। नप अधिकारियों द्वारा मांग की अनदेखी से वार्ड पार्षद और क्षेत्र के लोगों में रोष है। वार्ड दो में सफाई व्यवस्था को पटरी से उतरी देख वार्ड पार्षद महेश गुप्ता ने चार माह पहले नगर परिषद दो 50 डस्टबिन रखवाने की मांग की थी। पार्षद ने रंगीन छोटे डस्टबिन मांगे थे ताकि कूड़े को श्रेणी अनुसार इनमें डाला जा सके। नगर परिषद अधिकारियों ने वार्ड में सड़क के दूसरी तरफ बड़े डस्टबिन रखे हुए हैं जिसके कारण वार्डवासी दूर से ही कचरा फेंक देते है। इससे कूड़ा डस्टबिन के आसपास ही गिर जाता है। वार्ड की गलियों में 50 डस्टबिन रखे जाने से वार्ड के लोगों को कूड़ा निस्तारण में भी परेशानियां नहीं आएंगी और इससे वार्ड की सफाई व्यवस्था भी दुरुस्त रहेगी। दोनों रंगों के डस्टबिन से दो-तीन बाद कूड़े का उठान किया जा सकता है।
अधिकारी रखवा दे छोटे डस्टबिन, समस्याओं से मिलेगा निजात
1--वार्ड में बड़े डस्टबिन सड़क के दूसरी तरफ रखे हुए है जिससे डस्टबिन में कूड़ा डालने में काफी परेशानी होती है। गली के अंदर व घरों से थोड़ी दूर पर रखे छोटे डस्टबिनों में कूड़ा डालने में काफी आसानी होगी। नगर परिषद को जल्द ही छोटे डस्टबिन रखवा देने चाहिए।
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रामकुमार, वार्डवासी
2--वार्ड के लोग एक ही डस्टबिन में दोनों प्रकार का कूड़ा डाल देते हैं। तरल पदार्थ व सूखा कचरा एक ही डस्टबिन में डालने से दुर्गंध बनने लगती है जिससे स्थानीय लोगों का परेशानी होती है। नीले व हरे डस्टबिन में अलग-अलग कचरा डालने से लोगों को भी फायदा होगा।
अमर सिंह, वार्डवासी
3--छोटे डस्टबिन घरों के पास रखने के बाद लोगों को कूड़ा डालने के लिए ज्यादा दूर नहीं जाना पड़ेगा। सड़क के दूसरी तरफ डस्टबिन होने के कारण वार्डवासी दूर से कचरा फेंक देते है। जिससे सारा कचरा डस्टबिन के आसपास फैला रहता है। सफाई कर्मचारी भी नियमित रूप से कूड़े का उठान नहीं करते है।
हंसराज, वार्डवासी
4--एक ही डस्टबिन में दोनों प्रकार का कूड़ा डालने के कारण सफाई कर्मचारी भी ठीक प्रकार से कूड़े का उठान नहीं कर पाते है। नीले व हरे 50 डस्टबिन रखे जाने से वार्ड की सफाई व्यवस्था में बदल जाएगी। नगर परिषद अधिकारियों को जल्द से जल्द वार्ड में छोटे डसटबिन रखवा देने चाहिए।
वर्जन:::
चार माह पहले नगर परिषद चेयरमैन संजय छापरिया और सचिव संजय यादव को लिखित में पत्र दे चुका हूं। दिसंबर माह में दोबारा पत्र दिया है। जनवरी माह तक वार्ड में 50 डस्टबिन नहीं रखे गए तो पीएम को भी पत्र लिखूंगा। छोटे डस्टबिन से वार्ड के लोगों को अधिक फायदा होगा।
महेश गुप्ता, वार्ड पार्षद
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
वार्ड दो के पार्षद महेश गुप्ता ने वार्ड में छोटे डस्टबिन उपलब्ध न कराए जाने की मांग को नजरअंदाज करने पर पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखने की चेतावनी नगर परिषद के अधिकारियों को दी है। पार्षद ने डस्टबिन मुहैया कराने के लिए नप अधिकारियों को एक सप्ताह का समय दिया है। ऐसा न होने पर जनवरी माह में वो पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखेंगे।
पार्षद का तर्क है कि प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाने के लिए वार्ड दो के पार्षद ने चार माह पहले 50 डस्टबिन रखवाने की मांग की थी। 31 जुलाई व 11 दिसंबर को नगर परिषद चेयरमैन व सचिव को दो बार लिखित में पत्र दे चुके है लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। 50 डस्टबिन रखे जाने के बाद वार्ड की सफाई व्यवस्था में काफी हद तक सुधार होगा। जनवरी माह तक डस्टबिन न रखे जाने पर वार्ड पार्षद पीएम को पत्र लिखेंगे। नप अधिकारियों द्वारा मांग की अनदेखी से वार्ड पार्षद और क्षेत्र के लोगों में रोष है। वार्ड दो में सफाई व्यवस्था को पटरी से उतरी देख वार्ड पार्षद महेश गुप्ता ने चार माह पहले नगर परिषद दो 50 डस्टबिन रखवाने की मांग की थी। पार्षद ने रंगीन छोटे डस्टबिन मांगे थे ताकि कूड़े को श्रेणी अनुसार इनमें डाला जा सके। नगर परिषद अधिकारियों ने वार्ड में सड़क के दूसरी तरफ बड़े डस्टबिन रखे हुए हैं जिसके कारण वार्डवासी दूर से ही कचरा फेंक देते है। इससे कूड़ा डस्टबिन के आसपास ही गिर जाता है। वार्ड की गलियों में 50 डस्टबिन रखे जाने से वार्ड के लोगों को कूड़ा निस्तारण में भी परेशानियां नहीं आएंगी और इससे वार्ड की सफाई व्यवस्था भी दुरुस्त रहेगी। दोनों रंगों के डस्टबिन से दो-तीन बाद कूड़े का उठान किया जा सकता है।
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अधिकारी रखवा दे छोटे डस्टबिन, समस्याओं से मिलेगा निजात
1--वार्ड में बड़े डस्टबिन सड़क के दूसरी तरफ रखे हुए है जिससे डस्टबिन में कूड़ा डालने में काफी परेशानी होती है। गली के अंदर व घरों से थोड़ी दूर पर रखे छोटे डस्टबिनों में कूड़ा डालने में काफी आसानी होगी। नगर परिषद को जल्द ही छोटे डस्टबिन रखवा देने चाहिए।
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रामकुमार, वार्डवासी
2--वार्ड के लोग एक ही डस्टबिन में दोनों प्रकार का कूड़ा डाल देते हैं। तरल पदार्थ व सूखा कचरा एक ही डस्टबिन में डालने से दुर्गंध बनने लगती है जिससे स्थानीय लोगों का परेशानी होती है। नीले व हरे डस्टबिन में अलग-अलग कचरा डालने से लोगों को भी फायदा होगा।
अमर सिंह, वार्डवासी
3--छोटे डस्टबिन घरों के पास रखने के बाद लोगों को कूड़ा डालने के लिए ज्यादा दूर नहीं जाना पड़ेगा। सड़क के दूसरी तरफ डस्टबिन होने के कारण वार्डवासी दूर से कचरा फेंक देते है। जिससे सारा कचरा डस्टबिन के आसपास फैला रहता है। सफाई कर्मचारी भी नियमित रूप से कूड़े का उठान नहीं करते है।
हंसराज, वार्डवासी
4--एक ही डस्टबिन में दोनों प्रकार का कूड़ा डालने के कारण सफाई कर्मचारी भी ठीक प्रकार से कूड़े का उठान नहीं कर पाते है। नीले व हरे 50 डस्टबिन रखे जाने से वार्ड की सफाई व्यवस्था में बदल जाएगी। नगर परिषद अधिकारियों को जल्द से जल्द वार्ड में छोटे डसटबिन रखवा देने चाहिए।
वर्जन:::
चार माह पहले नगर परिषद चेयरमैन संजय छापरिया और सचिव संजय यादव को लिखित में पत्र दे चुका हूं। दिसंबर माह में दोबारा पत्र दिया है। जनवरी माह तक वार्ड में 50 डस्टबिन नहीं रखे गए तो पीएम को भी पत्र लिखूंगा। छोटे डस्टबिन से वार्ड के लोगों को अधिक फायदा होगा।
महेश गुप्ता, वार्ड पार्षद