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जसिया में 23 को होगी आंदोलन की रणनीति तैयार: मलिक
Updated Tue, 19 Dec 2017 01:21 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
गांव जसिया में 23 दिसंबर को अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की होने वाली बैठक में तय होगा कि आगामी आंदोलन की रूपरेखा क्या होगी और उसे किस तरह से चलाया जाएगा। यह बात जाट नेता यशपाल मलिक ने बीती देर शाम झज्जर के गांव रईया में एक निजी कार्यक्रम में भाग लेने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कही। यहां मलिक ने समिति से जुड़े पदाधिकारियों की बैठक भी ली।
उन्होंने कहा कि जसिया में होने वाली समिति की बैठक में आंदोलन के हर पहलू पर विचार होगा और बैठक में ही आगामी आंदोलन की तारीख का तय कर ऐलान कर दिया जाएगा। मलिक ने जसिया में होने वाली बैठक में दिल्ली और यूपी के पदाधिकारियों के भी शामिल होने की बात कही। उन्होंने कहा कि भाईचारा बिगाड़ना उनका मकसद नहीं है, बल्कि उनका मकसद यह है कि समाज को उनका अधिकार कैसे मिले। लेकिन ये सब समाज के मुट्ठीभर लोगों को रास नहीं आ रहा और वे विरोध कर समाज में आपसी भाईचारे को खराब करना चाहते हैं। लेकिन जाट समाज ऐसे लोगों की पहचान कर चुका है।
उन्होंने विरोधियों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा है कि विरोध करने वाले सरकार द्वारा प्रायोजित लोग है। विरोध करने वालों की संख्या पूरे हरियाणा में मात्र 150 है, जिनकी समाज भी पहचान कर चुका है। उन्होंने कहा कि पूरे हरियाणा में ही नहीं बल्कि अन्य प्रदेशों के जाट समाज के लोग भी जानते हैं कि यशपाल मलिक ने हमेशा समाज की भलाई के काम किए हैं। लेकिन भले के काम मुट्ठीभर लोगों के रास नहीं आ रहे है। जब विरोधियों की स्वार्थ की दुकान बंद हो गई तो वे फिर समाज के लोगों को उकसाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार में बैठे लोगों के रिश्तेदार ही समाज का विरोध कर रहे हैं। इस मौके पर उनके साथ समिति के झज्जर जिलाध्यक्ष जितेंद्र उर्फ बबला आदि मौजूद रहे।
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झज्जर।
गांव जसिया में 23 दिसंबर को अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की होने वाली बैठक में तय होगा कि आगामी आंदोलन की रूपरेखा क्या होगी और उसे किस तरह से चलाया जाएगा। यह बात जाट नेता यशपाल मलिक ने बीती देर शाम झज्जर के गांव रईया में एक निजी कार्यक्रम में भाग लेने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कही। यहां मलिक ने समिति से जुड़े पदाधिकारियों की बैठक भी ली।
उन्होंने कहा कि जसिया में होने वाली समिति की बैठक में आंदोलन के हर पहलू पर विचार होगा और बैठक में ही आगामी आंदोलन की तारीख का तय कर ऐलान कर दिया जाएगा। मलिक ने जसिया में होने वाली बैठक में दिल्ली और यूपी के पदाधिकारियों के भी शामिल होने की बात कही। उन्होंने कहा कि भाईचारा बिगाड़ना उनका मकसद नहीं है, बल्कि उनका मकसद यह है कि समाज को उनका अधिकार कैसे मिले। लेकिन ये सब समाज के मुट्ठीभर लोगों को रास नहीं आ रहा और वे विरोध कर समाज में आपसी भाईचारे को खराब करना चाहते हैं। लेकिन जाट समाज ऐसे लोगों की पहचान कर चुका है।
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उन्होंने विरोधियों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा है कि विरोध करने वाले सरकार द्वारा प्रायोजित लोग है। विरोध करने वालों की संख्या पूरे हरियाणा में मात्र 150 है, जिनकी समाज भी पहचान कर चुका है। उन्होंने कहा कि पूरे हरियाणा में ही नहीं बल्कि अन्य प्रदेशों के जाट समाज के लोग भी जानते हैं कि यशपाल मलिक ने हमेशा समाज की भलाई के काम किए हैं। लेकिन भले के काम मुट्ठीभर लोगों के रास नहीं आ रहे है। जब विरोधियों की स्वार्थ की दुकान बंद हो गई तो वे फिर समाज के लोगों को उकसाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार में बैठे लोगों के रिश्तेदार ही समाज का विरोध कर रहे हैं। इस मौके पर उनके साथ समिति के झज्जर जिलाध्यक्ष जितेंद्र उर्फ बबला आदि मौजूद रहे।
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