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Jhajjar-Bahadurgarh News: दो एटीएम से 45.62 नकदी का गबन, चार आरोपियों पर केस दर्ज
Sat, 09 Dec 2023 11:57 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sat, 09 Dec 2023 11:57 PM IST
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झज्जर। एटीएम मशीनों में धनराशि डालने वाली सीएमएस इंफो सिस्टम्स लिमिटेड के कर्मचारियों सहित चार लोगों ने शहर में लगे दो एटीएम से 45 लाख 62 हजार 500 रुपये की नकदी का गबन किया है। इनके पास ही सॉफ्टवेयर से पासवर्ड बनाकर एटीएम में रकम डालने का प्रावधान था। आरोपियों के पास सात एटीएम थे। दो एटीएम से गबन हुआ है बाकी को लेकर भी जांच की जा रही है। पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस संबध में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जनपद के मंडौला गांव कर मूल और हाल में रोहतक निवासी अमित शर्मा ने पुलिस में शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि वह सीएमएस इंफो सिस्टम्स लिमिटेड रोहतक शाखा में दिसंबर 2022 से शाखा प्रबंधक के रूप में कार्यरत है। सीएमएस इंफो सिस्टम्स लिमिटेड एटीएम नकदी प्रबंधन सेवाओं का काम करती है। एक नवंबर को उसे रूट नंबर-एक के संरक्षक साहिल का फोन आया। उसने उसने रवींद्र और सुमित से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों के बारे में जानकारी दी और आरोप लगाया कि उक्त लोग आवंटित नकदी के गबन में लगे हैं। इस कारण नकदी कीकमी हो गई थी।
यह सूचना मिलने पर वे झज्जर गए और इसमें शामिल सभी पक्षों से पूछताछ की। उक्त लोगों ने उनके जवाबों से नकदी की कमी के लिए कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया। इसके बाद उसने इसकी सूचना चंडीगढ़ स्थित क्षेत्रीय कार्यालय को दी। क्षेत्रीय कार्यालय के निर्देशों के अनुसार उसने इस विशिष्ट मार्ग पर एटीएम का ऑडिट शुरू किया। एक नवंबर को उसने छह एटीएम का ऑडिट किया, जिसमें रुपये की नकदी की कमी का खुलासा हुआ। एक एटीएम से 22 लाख 52 हजार और दूसरे एटीएम से 23 लाख 10 हजार 500 रुपये की कमी पाई गई। ऐसे में इन लोगों ने लगभग 45 लाख 62 हजार 500 रुपये का गबन किया है। पुलिस ने शिकायत पर रवींद्र, साहिल, सुमित और शंकर के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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आरोपियों पर 7 एटीएम की जिम्मेदारी
शिकायत में अमित कुमार ने बताया है कि कंपनी की प्राथमिक जिम्मेदारी में विभिन्न बैंकों द्वारा संचालित कई एटीएम में पैसे की सुरक्षित जमा कराना शामिल है। इसे पूरा करने के लिए कंपनी ने झज्जर क्षेत्र में दो अलग-अलग मार्गों के लिए संरक्षक नियुक्त किए हैं। पहला मार्ग रविंद्र और साहिल तथा दूसरे रूट को सुमित और शंकरा देखते हैं। आरोपियों के अधीन 7 एटीएम थे। इन लोगों के पास मोबाइल सॉफ्टवेयर के माध्यम से एटीएम ऑपरेशन पासवर्ड बनाने का अधिकार भी था। इसी का फायदा उठाकर उन्होंने ऐसा किया। इस मामले में फिलहाल कंपनी अपनी जांच कर रही है। फिलहाल दो एटीएम में 45 लाख से ज्यादा का गबन मिला है। बाकी पांच एटीएम की भी जांच की जा रही है।
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इस संबध में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जनपद के मंडौला गांव कर मूल और हाल में रोहतक निवासी अमित शर्मा ने पुलिस में शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि वह सीएमएस इंफो सिस्टम्स लिमिटेड रोहतक शाखा में दिसंबर 2022 से शाखा प्रबंधक के रूप में कार्यरत है। सीएमएस इंफो सिस्टम्स लिमिटेड एटीएम नकदी प्रबंधन सेवाओं का काम करती है। एक नवंबर को उसे रूट नंबर-एक के संरक्षक साहिल का फोन आया। उसने उसने रवींद्र और सुमित से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों के बारे में जानकारी दी और आरोप लगाया कि उक्त लोग आवंटित नकदी के गबन में लगे हैं। इस कारण नकदी कीकमी हो गई थी।
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यह सूचना मिलने पर वे झज्जर गए और इसमें शामिल सभी पक्षों से पूछताछ की। उक्त लोगों ने उनके जवाबों से नकदी की कमी के लिए कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया। इसके बाद उसने इसकी सूचना चंडीगढ़ स्थित क्षेत्रीय कार्यालय को दी। क्षेत्रीय कार्यालय के निर्देशों के अनुसार उसने इस विशिष्ट मार्ग पर एटीएम का ऑडिट शुरू किया। एक नवंबर को उसने छह एटीएम का ऑडिट किया, जिसमें रुपये की नकदी की कमी का खुलासा हुआ। एक एटीएम से 22 लाख 52 हजार और दूसरे एटीएम से 23 लाख 10 हजार 500 रुपये की कमी पाई गई। ऐसे में इन लोगों ने लगभग 45 लाख 62 हजार 500 रुपये का गबन किया है। पुलिस ने शिकायत पर रवींद्र, साहिल, सुमित और शंकर के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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आरोपियों पर 7 एटीएम की जिम्मेदारी
शिकायत में अमित कुमार ने बताया है कि कंपनी की प्राथमिक जिम्मेदारी में विभिन्न बैंकों द्वारा संचालित कई एटीएम में पैसे की सुरक्षित जमा कराना शामिल है। इसे पूरा करने के लिए कंपनी ने झज्जर क्षेत्र में दो अलग-अलग मार्गों के लिए संरक्षक नियुक्त किए हैं। पहला मार्ग रविंद्र और साहिल तथा दूसरे रूट को सुमित और शंकरा देखते हैं। आरोपियों के अधीन 7 एटीएम थे। इन लोगों के पास मोबाइल सॉफ्टवेयर के माध्यम से एटीएम ऑपरेशन पासवर्ड बनाने का अधिकार भी था। इसी का फायदा उठाकर उन्होंने ऐसा किया। इस मामले में फिलहाल कंपनी अपनी जांच कर रही है। फिलहाल दो एटीएम में 45 लाख से ज्यादा का गबन मिला है। बाकी पांच एटीएम की भी जांच की जा रही है।