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स्टॉक ट्रैकिंग के चलते कैंटीन से नहीं मिला सामान, पूर्व सैनिकों ने नारेबाजी कर जताया रोष
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स्टॉक ट्रैकिंग के चलते कैंटीन से नहीं मिला सामान, पूर्व सैनिकों ने की नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। घिकाड़ा रोड स्थित चिंकारा कैंटीन में शनिवार को लिकर कोटा और ग्रॉसरी न मिलने पर पूर्व सैनिकों और नौसैनिकों ने विरोध जताया। पूर्व सैनिकों ने कैंटीन प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और अधिकारियों पर जानबूझकर परेशान करने का आरोप लगाया। इन पूर्व सैनिकों ने बताया कि वो पिछले तीन दिनों से कैंटीन के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें सामान नहीं मिल पा रहा। रविवार को कैंटीन की छुट्टी रहेगी और करीब 350 पूर्व सैनिकों का लिकर कोटा इस पर बार लैप्स हो जाएगा। वहीं, कैंटीन मैनेजर का कहना है कि स्टॉक ट्रैकिंग हर साल दिसंबर माह के अंत में होती है और इस दौरान किसी भी पूर्व सैनिक को सामान नहीं दिया जाता। इस बार रविवार आने के चलते यह प्रक्रिया तीन दिन तक बंद रहेगी।
शनिवार सुबह करीब 11 बजे पूर्व सैनिकों ने कैंटीन के सामने नारेबाजी करके रोष जताया। पूर्व सैनिक दीपक शर्मा, अजय कुमार, रामशरण, सत्यपाल, फूल कुमार, रामकुमार, रमेश, गुलजारी लाल, जयसिंह, सुखबीर सिंह, हरपाल सिंह, नरेश, राजू आदि ने बताया कि अभी भी करीब 350 पूर्व सैनिकों का लिकर कोटा पेंडिंग है और वो 27 दिसंबर से लगातार कैंटीन में पहुंच रहे हैं, लेकिन स्टॉक ट्रैकिंग की बात कहकर उन्हें वापस भेज दिया जाता है। इन्होंने बताया कि शनिवार को जब वो कैंटीन पहुंचे तो अधिकारियों ने लिकर और ग्रॉसरी देने से मना कर दिया। उन्होंने बताया कि रविवार को भी अवकाश रहेगा और इसके चलते उनका दिसंबर माह का लिकर कोटा लैप्स हो जाएगा। इन पूर्व सैनिकों ने कहा कि कैंटीन प्रबंधन समिति के खिलाफ वो जिला उपायुक्त को भी शिकायत सौंपेंगे। इन्होंने आरोपी लगाया कि धोखाधड़ी कर उन्हें लिकर कोटा से वंचित रखा जा रहा है। दिसंबर माह में पहले भी कैंटीन अधिकारियों ने लिकर को आउट ऑफ स्टॉक बताया था।
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स्टॉक ट्रैकिंग के चलते हर साल दिसंबर माह के अंतिम दो दिन दिन ग्रोसरी और लिकर कोटा नहीं दे पाते। इस बार रविवार भी आ गया और यह समयावधि बढ़कर तीन दिन की हो गई। कैंटीन प्रबंधन समिति किसी पूर्वसैनिक को गुमराह नहीं कर रही है।
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- कैप्टन एचके शर्मा, मैनेजर, चिंकारा कैंटीन
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। घिकाड़ा रोड स्थित चिंकारा कैंटीन में शनिवार को लिकर कोटा और ग्रॉसरी न मिलने पर पूर्व सैनिकों और नौसैनिकों ने विरोध जताया। पूर्व सैनिकों ने कैंटीन प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और अधिकारियों पर जानबूझकर परेशान करने का आरोप लगाया। इन पूर्व सैनिकों ने बताया कि वो पिछले तीन दिनों से कैंटीन के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें सामान नहीं मिल पा रहा। रविवार को कैंटीन की छुट्टी रहेगी और करीब 350 पूर्व सैनिकों का लिकर कोटा इस पर बार लैप्स हो जाएगा। वहीं, कैंटीन मैनेजर का कहना है कि स्टॉक ट्रैकिंग हर साल दिसंबर माह के अंत में होती है और इस दौरान किसी भी पूर्व सैनिक को सामान नहीं दिया जाता। इस बार रविवार आने के चलते यह प्रक्रिया तीन दिन तक बंद रहेगी।
शनिवार सुबह करीब 11 बजे पूर्व सैनिकों ने कैंटीन के सामने नारेबाजी करके रोष जताया। पूर्व सैनिक दीपक शर्मा, अजय कुमार, रामशरण, सत्यपाल, फूल कुमार, रामकुमार, रमेश, गुलजारी लाल, जयसिंह, सुखबीर सिंह, हरपाल सिंह, नरेश, राजू आदि ने बताया कि अभी भी करीब 350 पूर्व सैनिकों का लिकर कोटा पेंडिंग है और वो 27 दिसंबर से लगातार कैंटीन में पहुंच रहे हैं, लेकिन स्टॉक ट्रैकिंग की बात कहकर उन्हें वापस भेज दिया जाता है। इन्होंने बताया कि शनिवार को जब वो कैंटीन पहुंचे तो अधिकारियों ने लिकर और ग्रॉसरी देने से मना कर दिया। उन्होंने बताया कि रविवार को भी अवकाश रहेगा और इसके चलते उनका दिसंबर माह का लिकर कोटा लैप्स हो जाएगा। इन पूर्व सैनिकों ने कहा कि कैंटीन प्रबंधन समिति के खिलाफ वो जिला उपायुक्त को भी शिकायत सौंपेंगे। इन्होंने आरोपी लगाया कि धोखाधड़ी कर उन्हें लिकर कोटा से वंचित रखा जा रहा है। दिसंबर माह में पहले भी कैंटीन अधिकारियों ने लिकर को आउट ऑफ स्टॉक बताया था।
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स्टॉक ट्रैकिंग के चलते हर साल दिसंबर माह के अंतिम दो दिन दिन ग्रोसरी और लिकर कोटा नहीं दे पाते। इस बार रविवार भी आ गया और यह समयावधि बढ़कर तीन दिन की हो गई। कैंटीन प्रबंधन समिति किसी पूर्वसैनिक को गुमराह नहीं कर रही है।
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- कैप्टन एचके शर्मा, मैनेजर, चिंकारा कैंटीन