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75 फीसदी पेयजल कनेक्षन वैध कराने पर ग्राम पंचायत को मिलेगी प्रोत्साहन राशि
Updated Wed, 21 Nov 2018 01:15 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। ग्रामीण क्षेत्र के पेयजल कनेक्शनों को वैध करने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग अब ग्राम पंचायतों की मदद लेगा। विभाग ने इसका खाका तैयार कर लिया है। गांव के 75 प्रतिशत कनेक्शन वैध कराने वाली पंचायत को प्रोत्साहन राशि भी सरकार द्वारा दी जाएगी। इस संबंध में विभाग के पास हेड ऑफिस से पत्र पहुंच चुका है। नई प्लानिंग के अनुसार पंचायत को गांव के हर नल पर टोंटी भी लगवानी होगी ताकि पेयजल की व्यर्थ बर्बादी रोकी जा सके।
अब जिस भी गांव में पंचायत 75 फीसदी पेयजल कनेक्शन को वैध करवा देगी और हर घर में पानी के नल पर टोंटी लगवाएगी उसे प्रोत्साहन के रूप में 20 से 50 हजार की राशि दी जाएगी। ग्राम पंचायत को यह राशि आबादी के अनुरूप मिलेगी। पानी की बर्बादी रोकने और सरकारी राजस्व में बढ़ोतरी के लिए विभाग ने यह पॉलिसी तैयार की है। गांवों में प्रति माह 40 रुपये पेयजल बिल लिया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले कई दशक से लोग फ्री में पानी पीते आ रहे हैं। लोग अपनी मर्जी से मेन लाइन और लोकल लाइन में कनेक्शन करते आ रहे हैं। कनेक्शन लेने के लिए विभाग से अनुमति तक भी नहीं ली जाती। एक घर में दो कनेक्शन भी लोगों ने लगा रखे हैं। ऐसे मेें ग्रामीण क्षेत्र से विभाग को सरकारी राजस्व के रूप में कुछ नहीं मिल पाता है।
अब करीब दो साल से जनस्वास्थ्य विभाग ने गांवों में पेयजल कनेक्शन वैध करने पर काम शुरू कर रखा है ताकि राजस्व में बढ़ोतरी की जा सके और पानी की बर्बादी भी रोकी जा सके। इसके लिए समक्ष युवाओं की मदद से गांवों में पेयजल कनेक्शन वैध करने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। इसके तहत 31 अक्तूबर 2018 तक 6322 पेयजल कनेक्शन वैध किए जा चुके हैं अभी यह सिलसिला जारी है। अब सरकार ने कनेक्शन वैध करवाने के लिए एक नई पॉलिसी तैयार की है। सरकार ने गांवों में पेयजल कनेक्शन वैध कर उनके नियमित रूप से बिल जमा करवाए जाने के लिए नई पॉलिसी तैयार की है। इस पॉलिसी के तहत अब ग्राम पंचायतों को इनसेंटिव दिए जाने का निर्णय लिया गया है।
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दो हजार की आबादी पर मिलेंगे 20 हजार
अब जिस भी गांव में 75 प्रतिशत पेयजल कनेक्शन वैध हो जाएंगे और हर पानी के नल पर टोंटी लगेगी उस गांव की पंचायत को आबादी के अनुरूप 20 हजार से 50 हजार रुपये तक इंसेंटिव दिया जाएगा। इंसेंटिव के रूप मेें दो हजार की आबादी वाले गांव को 20 हजार रुपये इंसेंटिव दिया जाएगा। इसी प्रकार दो हजार से ज्यादा व तीन हजार की आबादी पर 30 हजार रुपये इंसेंटिव दिया जाएगा। तीन हजार से ज्यादा व चार हजार की आबादी पर 40 हजार रुपये और चार हजार की आबादी से ज्यादा पर 50 हजार रुपये इंसेंटिव दिया जाएगा।
सरकार, विभाग और ग्राम पंचायत को होगा फायदा
ग्रामीणों द्वारा नियमित पेयजल बिल जमा नहीं कराने पर सरकार ने इस दिशा में काम करना शुरू किया है ताकि सरकारी राजस्व भी बढ़े और पंचायतों को भी पैसा मिल सके। इस पॉलिसी की पुष्टि कर जनस्वास्थ्य विभाग के बिल इंचार्ज रामरूप यादव ने बताया कि जल्द इस पर पॉलिसी पर काम शुरू किया जा रहा है इससे पंचायतों और सरकार दोनो को फायदा होगा। इससे पानी की बर्बादी पर भी अंकुश लग सकेगा।
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चरखी दादरी। ग्रामीण क्षेत्र के पेयजल कनेक्शनों को वैध करने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग अब ग्राम पंचायतों की मदद लेगा। विभाग ने इसका खाका तैयार कर लिया है। गांव के 75 प्रतिशत कनेक्शन वैध कराने वाली पंचायत को प्रोत्साहन राशि भी सरकार द्वारा दी जाएगी। इस संबंध में विभाग के पास हेड ऑफिस से पत्र पहुंच चुका है। नई प्लानिंग के अनुसार पंचायत को गांव के हर नल पर टोंटी भी लगवानी होगी ताकि पेयजल की व्यर्थ बर्बादी रोकी जा सके।
अब जिस भी गांव में पंचायत 75 फीसदी पेयजल कनेक्शन को वैध करवा देगी और हर घर में पानी के नल पर टोंटी लगवाएगी उसे प्रोत्साहन के रूप में 20 से 50 हजार की राशि दी जाएगी। ग्राम पंचायत को यह राशि आबादी के अनुरूप मिलेगी। पानी की बर्बादी रोकने और सरकारी राजस्व में बढ़ोतरी के लिए विभाग ने यह पॉलिसी तैयार की है। गांवों में प्रति माह 40 रुपये पेयजल बिल लिया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले कई दशक से लोग फ्री में पानी पीते आ रहे हैं। लोग अपनी मर्जी से मेन लाइन और लोकल लाइन में कनेक्शन करते आ रहे हैं। कनेक्शन लेने के लिए विभाग से अनुमति तक भी नहीं ली जाती। एक घर में दो कनेक्शन भी लोगों ने लगा रखे हैं। ऐसे मेें ग्रामीण क्षेत्र से विभाग को सरकारी राजस्व के रूप में कुछ नहीं मिल पाता है।
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अब करीब दो साल से जनस्वास्थ्य विभाग ने गांवों में पेयजल कनेक्शन वैध करने पर काम शुरू कर रखा है ताकि राजस्व में बढ़ोतरी की जा सके और पानी की बर्बादी भी रोकी जा सके। इसके लिए समक्ष युवाओं की मदद से गांवों में पेयजल कनेक्शन वैध करने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। इसके तहत 31 अक्तूबर 2018 तक 6322 पेयजल कनेक्शन वैध किए जा चुके हैं अभी यह सिलसिला जारी है। अब सरकार ने कनेक्शन वैध करवाने के लिए एक नई पॉलिसी तैयार की है। सरकार ने गांवों में पेयजल कनेक्शन वैध कर उनके नियमित रूप से बिल जमा करवाए जाने के लिए नई पॉलिसी तैयार की है। इस पॉलिसी के तहत अब ग्राम पंचायतों को इनसेंटिव दिए जाने का निर्णय लिया गया है।
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दो हजार की आबादी पर मिलेंगे 20 हजार
अब जिस भी गांव में 75 प्रतिशत पेयजल कनेक्शन वैध हो जाएंगे और हर पानी के नल पर टोंटी लगेगी उस गांव की पंचायत को आबादी के अनुरूप 20 हजार से 50 हजार रुपये तक इंसेंटिव दिया जाएगा। इंसेंटिव के रूप मेें दो हजार की आबादी वाले गांव को 20 हजार रुपये इंसेंटिव दिया जाएगा। इसी प्रकार दो हजार से ज्यादा व तीन हजार की आबादी पर 30 हजार रुपये इंसेंटिव दिया जाएगा। तीन हजार से ज्यादा व चार हजार की आबादी पर 40 हजार रुपये और चार हजार की आबादी से ज्यादा पर 50 हजार रुपये इंसेंटिव दिया जाएगा।
सरकार, विभाग और ग्राम पंचायत को होगा फायदा
ग्रामीणों द्वारा नियमित पेयजल बिल जमा नहीं कराने पर सरकार ने इस दिशा में काम करना शुरू किया है ताकि सरकारी राजस्व भी बढ़े और पंचायतों को भी पैसा मिल सके। इस पॉलिसी की पुष्टि कर जनस्वास्थ्य विभाग के बिल इंचार्ज रामरूप यादव ने बताया कि जल्द इस पर पॉलिसी पर काम शुरू किया जा रहा है इससे पंचायतों और सरकार दोनो को फायदा होगा। इससे पानी की बर्बादी पर भी अंकुश लग सकेगा।