{"_id":"5a70cc984f1c1b83268b77e9","slug":"41517341848-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूनियनों का दावा: 2444 को गिरफ्तार किया, प्रबंध नहीं थे तो छोड़ा, तहसीलदार बोले: केवल हिरासत में लेकर पुलिस लाइन में छोड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूनियनों का दावा: 2444 को गिरफ्तार किया, प्रबंध नहीं थे तो छोड़ा, तहसीलदार बोले: केवल हिरासत में लेकर पुलिस लाइन में छोड़ा
Updated Wed, 31 Jan 2018 01:20 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर मंगलवार को कर्मचारियों के द्वारा किए गए सत्याग्रह आंदोलन के दौरान खूब ड्रामा देखने को मिला। सर्व कर्मचारी संघ, हरियाणा कर्मचारी महासंघ व सीटू के बैनर तले एकत्र सैकड़ों कर्मचारियों ने लघु सचिवालय में धरना देकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नारेबाजी के बाद गिरफ्तारी को लेकर करीब दो घंटे तक खूब ड्रामा किया।
करीब एक बजे कर्मचारियों ने गिरफ्तारी के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को कहा तो ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार मनमोहन सिंह ने उन्हें बसों में बैठाकर पुलिस लाइन में भिजवा दिया। कुछ देर बाद ही वहां से उन्हें छोड़ दिया। मामले में प्रशासन कह रहा है कि पुलिस ने किसी को गिरफ्तार नहीं किया केवल लगभग 1100 लोगों को हिरासत में लिया था। वहीं, यूनियनों का दावा है कि 2444 कर्मचारियों ने गिरफ्तारी दी है।
इन्होंने निभाई मुख्य भूमिका
लघु सचिवालय में मंगलवार को अलग-अलग यूनियनों के कर्मचारी सुबह 10 बजे ही जुटना शुरू हो गए थे। करीब 11 बजे धरने को विधिवत तौर पर शुरू किया गया। धरने का नेतृत्व सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव राजेंद्र जुलाना, एचकेएमएस के प्रांतीय नेता जयकुंवार, इंटक प्रदेशाध्यक्ष अनूप सहरावत ने किया। धरने की अध्यक्षता सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान जयपाल गुढ़ा, एचकेएमएस के कृष्ण, सीटू की सरोज दुजाना, एआईयूटीयूसी के सतीश कुमार, एआईकेएस के जयप्रकाश बैनीवाल ने की। धरने का संचालन प्रदेश सचिव राजेंद्र जुलाना ने किया
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बसें रह गई कम तो प्रशासन के पसीने छूटे
कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान प्रशासन ने 12 बसों का इंतजाम कर रखा था। जब 12 बसें भरकर जाने के बाद भी काफी संख्या में कर्मचारी रह गए तो ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने अतिरिक्त बसें मंगवाने के लिए फोन किया। इसी बीच यूनियन नेताओं ने घोषणा कर दी कि अगर 10 मिनट में बसें नहीं आई तो वे डीसी ऑफिस में चले जाएंगे। 10 मिनट में जब बसें नहीं आई तो कर्मचारियों ने डीसी कार्यालय का रुख कर लिया। इस पर प्रशासनिक अधिकारियों के पसीने छूट गए। पुलिस कर्मियों ने बैरिकेट लगाकर उन्हें रोक लिया। इसके बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने पहले वाली बसों के ही अतिरिक्त फेरे लगवाए।
कर्मियों की ये हैं मुख्य मांगें
- महंगाई पर रोक लगाओ, राशन प्रणाली को सर्वव्यापी बनाओ
- बेरोजगारी खत्म करो, सभी को पक्की नौकरी दो
- श्रम कानूनों को सख्ती से लागू करो, सामाजिक सुरक्षा सभी को मिले
- न्यूनतम वेतन 18 हजार किया जाए, ट्रेड यूनियनों को पंजीकरण 45 दिन में हो जाए
- रेलवे, डिफेंस और बैंकिंग में एफडीआई बंद की जाए
- नौकरी से हटाए गए मजदूर तुरंत वापस लिए जाएं
सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव राजेंद्र जुलाना से सीधी बातचीत
सवाल : कितने कर्मचारियों ने गिरफ्तारी दी?
जवाब : 2444 कर्मचारियों ने गिरफ्तारी दी है।
सवाल : ड्यूटी मजिस्ट्रेट तो गिरफ्तारी से मना कर रहे हैं?
जवाब : उनके प्रबंध कम पड़े तो उन्होंने पुलिस लाइन में ले जाकर सबको छोड़ दिया।
सवाल : प्रशासन हिरासत में लिए कर्मचारियों की संख्या 1100 बता रहा है?
जवाब : अब प्रशासन कुछ भी कह सकता हैं, 27 बसों में 1100 नहीं 2444 कर्मचारी लेकर गए थे।
ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार मनमोहन सिंह से सीधी बातचीत
सवाल : कितने कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है?
जवाब : कर्मचारियों को गिरफ्तार नहीं केवल हिरासत में लिया था।
सवाल : कितने कर्मचारी हिरासत में लिए थे?
जवाब : करीब 1100 कर्मचारी हिरासत में लिए गए।
सवाल : क्या प्रशासन के प्रबंध कम पड़ गए थे?
जवाब : संख्या के हिसाब से बसें पूरी थी लेकिन बसों में कम कर्मचारी जा रहे थे।
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झज्जर।
ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर मंगलवार को कर्मचारियों के द्वारा किए गए सत्याग्रह आंदोलन के दौरान खूब ड्रामा देखने को मिला। सर्व कर्मचारी संघ, हरियाणा कर्मचारी महासंघ व सीटू के बैनर तले एकत्र सैकड़ों कर्मचारियों ने लघु सचिवालय में धरना देकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नारेबाजी के बाद गिरफ्तारी को लेकर करीब दो घंटे तक खूब ड्रामा किया।
करीब एक बजे कर्मचारियों ने गिरफ्तारी के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को कहा तो ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार मनमोहन सिंह ने उन्हें बसों में बैठाकर पुलिस लाइन में भिजवा दिया। कुछ देर बाद ही वहां से उन्हें छोड़ दिया। मामले में प्रशासन कह रहा है कि पुलिस ने किसी को गिरफ्तार नहीं किया केवल लगभग 1100 लोगों को हिरासत में लिया था। वहीं, यूनियनों का दावा है कि 2444 कर्मचारियों ने गिरफ्तारी दी है।
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इन्होंने निभाई मुख्य भूमिका
लघु सचिवालय में मंगलवार को अलग-अलग यूनियनों के कर्मचारी सुबह 10 बजे ही जुटना शुरू हो गए थे। करीब 11 बजे धरने को विधिवत तौर पर शुरू किया गया। धरने का नेतृत्व सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव राजेंद्र जुलाना, एचकेएमएस के प्रांतीय नेता जयकुंवार, इंटक प्रदेशाध्यक्ष अनूप सहरावत ने किया। धरने की अध्यक्षता सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान जयपाल गुढ़ा, एचकेएमएस के कृष्ण, सीटू की सरोज दुजाना, एआईयूटीयूसी के सतीश कुमार, एआईकेएस के जयप्रकाश बैनीवाल ने की। धरने का संचालन प्रदेश सचिव राजेंद्र जुलाना ने किया
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बसें रह गई कम तो प्रशासन के पसीने छूटे
कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान प्रशासन ने 12 बसों का इंतजाम कर रखा था। जब 12 बसें भरकर जाने के बाद भी काफी संख्या में कर्मचारी रह गए तो ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने अतिरिक्त बसें मंगवाने के लिए फोन किया। इसी बीच यूनियन नेताओं ने घोषणा कर दी कि अगर 10 मिनट में बसें नहीं आई तो वे डीसी ऑफिस में चले जाएंगे। 10 मिनट में जब बसें नहीं आई तो कर्मचारियों ने डीसी कार्यालय का रुख कर लिया। इस पर प्रशासनिक अधिकारियों के पसीने छूट गए। पुलिस कर्मियों ने बैरिकेट लगाकर उन्हें रोक लिया। इसके बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने पहले वाली बसों के ही अतिरिक्त फेरे लगवाए।
कर्मियों की ये हैं मुख्य मांगें
- महंगाई पर रोक लगाओ, राशन प्रणाली को सर्वव्यापी बनाओ
- बेरोजगारी खत्म करो, सभी को पक्की नौकरी दो
- श्रम कानूनों को सख्ती से लागू करो, सामाजिक सुरक्षा सभी को मिले
- न्यूनतम वेतन 18 हजार किया जाए, ट्रेड यूनियनों को पंजीकरण 45 दिन में हो जाए
- रेलवे, डिफेंस और बैंकिंग में एफडीआई बंद की जाए
- नौकरी से हटाए गए मजदूर तुरंत वापस लिए जाएं
सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव राजेंद्र जुलाना से सीधी बातचीत
सवाल : कितने कर्मचारियों ने गिरफ्तारी दी?
जवाब : 2444 कर्मचारियों ने गिरफ्तारी दी है।
सवाल : ड्यूटी मजिस्ट्रेट तो गिरफ्तारी से मना कर रहे हैं?
जवाब : उनके प्रबंध कम पड़े तो उन्होंने पुलिस लाइन में ले जाकर सबको छोड़ दिया।
सवाल : प्रशासन हिरासत में लिए कर्मचारियों की संख्या 1100 बता रहा है?
जवाब : अब प्रशासन कुछ भी कह सकता हैं, 27 बसों में 1100 नहीं 2444 कर्मचारी लेकर गए थे।
ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार मनमोहन सिंह से सीधी बातचीत
सवाल : कितने कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है?
जवाब : कर्मचारियों को गिरफ्तार नहीं केवल हिरासत में लिया था।
सवाल : कितने कर्मचारी हिरासत में लिए थे?
जवाब : करीब 1100 कर्मचारी हिरासत में लिए गए।
सवाल : क्या प्रशासन के प्रबंध कम पड़ गए थे?
जवाब : संख्या के हिसाब से बसें पूरी थी लेकिन बसों में कम कर्मचारी जा रहे थे।