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जून माह में खूब बरसे बादल, टूटा आठ साल का रिकार्ड
Updated Sun, 02 Jul 2017 01:05 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
इस बार जून के महीने में इलाके में रिकार्ड तोड़ बरसात हुई। जून में कुल 180 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई। मानसून से पूर्व हुई बरसात ने पिछले आठ साल का रिकार्ड तोड़ दिया है। मौसम विभाग के अनुसार इस बार मानसून में ज्यादा बरसात होगी। पिछले कई वर्षों के रिकार्ड टूटने की पूरी-पूरी संभावना है।
जुलाई शुरू होने के साथ ही इलाके में मानसून की शुरुआत हो गई है। मौसम के मिजाज को देखते इस बार मानसून में अच्छी बरसात होने की संभावना है। अहम बात ये कि इस बार मानसून से पहले ही जून के महीने में इलाके में काफी बरसात हुई। इससे लोगों को गर्मी से तो राहत मिली ही, पिछले वर्षों पुराने रिकार्ड भी टूट गए।
दरअसल, बहादुरगढ़ इलाके में जून के महीने में औसतन 85 एमएम ही बरसात होती है। आखिरी बार वर्ष 2009 में जून के महीने में इलाके में 190 मिलीमीटर बरसात हुई थी। इसके बाद जून के महीने में बरसात की स्थिति कुछ खास नहीं रही। बीच में एकाध वर्ष ऐसा भी आया है कि नाममात्र बरसात हुई। वर्ष-2016 में तो यह आंकड़ा 100 एमएम के आसपास था। इस बार 180 एमएम बरसात दर्ज की गई है। जोकि सामान्य औसत (85एमएम) से दोगुणा से भी ज्यादा है।
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गत 30 जून को ही करीब डेढ़ घंटे में क्षेत्र में 31 एमएम बरसात हो गई। इससे पहले 28 जून की रात को भी 35 एमएम बरसात हुई थी। एक जुलाई को सुबह के वक्त तो हल्की बूंदाबांदी हुई, मगर बाद में मौसम खुल गया। बीच-बीच में बादल भी गहराए, बरसात होने की पूरी-पूरी संभावना बनी हुई थी। लेकिन शाम 4 बजे तक बरसात नहीं हुई थी।
उपमंडल कृषि अधिकारी डॉ. सुनील कौशिक के मुताबिक, जितनी बरसात होगी उतना ही भूमि को लाभ होगा। इस बार मानसून सीजन में पिछले कई वर्षों का रिकार्ड टूटने की संभावना है।
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बहादुरगढ़।
इस बार जून के महीने में इलाके में रिकार्ड तोड़ बरसात हुई। जून में कुल 180 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई। मानसून से पूर्व हुई बरसात ने पिछले आठ साल का रिकार्ड तोड़ दिया है। मौसम विभाग के अनुसार इस बार मानसून में ज्यादा बरसात होगी। पिछले कई वर्षों के रिकार्ड टूटने की पूरी-पूरी संभावना है।
जुलाई शुरू होने के साथ ही इलाके में मानसून की शुरुआत हो गई है। मौसम के मिजाज को देखते इस बार मानसून में अच्छी बरसात होने की संभावना है। अहम बात ये कि इस बार मानसून से पहले ही जून के महीने में इलाके में काफी बरसात हुई। इससे लोगों को गर्मी से तो राहत मिली ही, पिछले वर्षों पुराने रिकार्ड भी टूट गए।
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दरअसल, बहादुरगढ़ इलाके में जून के महीने में औसतन 85 एमएम ही बरसात होती है। आखिरी बार वर्ष 2009 में जून के महीने में इलाके में 190 मिलीमीटर बरसात हुई थी। इसके बाद जून के महीने में बरसात की स्थिति कुछ खास नहीं रही। बीच में एकाध वर्ष ऐसा भी आया है कि नाममात्र बरसात हुई। वर्ष-2016 में तो यह आंकड़ा 100 एमएम के आसपास था। इस बार 180 एमएम बरसात दर्ज की गई है। जोकि सामान्य औसत (85एमएम) से दोगुणा से भी ज्यादा है।
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गत 30 जून को ही करीब डेढ़ घंटे में क्षेत्र में 31 एमएम बरसात हो गई। इससे पहले 28 जून की रात को भी 35 एमएम बरसात हुई थी। एक जुलाई को सुबह के वक्त तो हल्की बूंदाबांदी हुई, मगर बाद में मौसम खुल गया। बीच-बीच में बादल भी गहराए, बरसात होने की पूरी-पूरी संभावना बनी हुई थी। लेकिन शाम 4 बजे तक बरसात नहीं हुई थी।
उपमंडल कृषि अधिकारी डॉ. सुनील कौशिक के मुताबिक, जितनी बरसात होगी उतना ही भूमि को लाभ होगा। इस बार मानसून सीजन में पिछले कई वर्षों का रिकार्ड टूटने की संभावना है।