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सरसों नहीं खरीदने पर किसानों ने लगाया जाम

Wed, 15 May 2019 01:19 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 15 May 2019 01:19 AM IST
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सरसों नहीं खरीदने पर किसानों ने लगाया जाम
झज्जर। सरसों की खरीद पुराने कटे टोकन के आधार पर न होने से आक्रोशित किसानों ने मंगलवार को मातनहेल अनाज मंडी के सामने करीब आधे घंटे तक जाम लगा दिया। जाम की सूचना मिलते ही मातनहेल चौकी प्रभारी रामपाल व साल्हावास पुलिस थाना प्रभारी बिजेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और किसानों व आढ़तियों को समझाया कि सरकार के आदेशानुसार सरसों की खरीद बंद हो चुकी है। अगर सरकार का कोई आगामी आदेश आता है तो सरसों की खरीद होगी अन्यथा अब सरसों नहीं खरीदी जाएगी। उनकी समस्या को प्रशासन के पास भेज दिया जाएगा। उन्होंने तहसीलदार व एसडीएम से भी इस संबंध में बात की है। इस दौरान कुछ आढ़ती व किसान एसडीएम से मिलने के लिए झज्जर भी पहुंचे। उन्होंने भी किसानों व आढ़तियों को यही जवाब दिया। हालांकि इसके बाद काटे गए टोकन के बारे में स्थिति भी चेक की गई कि कितने टोकन बचे हुए हैं। इसके बाद जाम खोल दिया गया। जाम के कारण सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइन लग गई। वहीं, मातनहेल से पुलिस ने वाहनों को निमली के रास्ते डायवर्ट कर दिया था। शुक्रवार को झज्जर के राव तुलाराम चौक पर भी किसान करीब आधे घंटे तक जाम लगा चुके हैं।
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पिछले साल से 18 हजार एमटी सरसों खरीदी अधिक
अगर पिछले साल की सरसों की खरीद के आंकड़ों को देखा जाए तो इस बार एक लाख 80 हजार क्विंटल सरसों अधिक खरीदी जा चुकी है। पिछले साल जिले में करीब 2 लाख 90 हजार क्विंटल सरसों खरीदी गई थी। इस बार चार लाख 70 हजार क्विंटल से अधिक सरसों की खरीद हो चुकी है। अगर झज्जर की अनाज मंडी के आढ़तियों की बात मानी जाए तो अभी भी करीब 50 हजार क्विंटल सरसों बिना खरीदी पड़ी । झज्जर की अनाज मंडी से भी टोकन की डिटेल मार्केट कमेटी ने आढ़तियों से मांगी है। ताकि सरकार को स्थिति से अवगत कराया जा सके। अगर सरकार ने आदेश दिये तो सरसों की खरीद हो सकती है अन्यथा किसानों को प्राइवेट खरीद के माध्यम से सरसों बेचनी पडे़गी या फिर उसे वापस अपने घर ले जाना पड़ेगा।
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गेहूं की खरीद का आज अंतिम दिन
केंद्र सरकार के नियमानुसार गेहूं की खरीद का बुधवार को अंतिम दिन है। इसके बाद गेहूं की सरकारी खरीद भी बंद हो जाएगी। इस बार गेहूं की खरीद को देखा जाए तो जिला में गेहूं 2.15 लाख एमटी गेहूं खरीदा गया था। इस बार भी यही लक्ष्य गेहूं खरीद के लिए रखा गया है। लेकिन फिलहाल तक 18 लाख क्विंटल से अधिक गेहूं खरीदा जा चुका है। फिलहाल की स्थिति को देखा जाए तो गेहूं खरीद का पिछले साल का रिकार्ड टूटता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है।
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गेहूं भरने के लिए आढ़तियों के पास नहीं बारदाना
आढ़तियों का आरोप है कि झज्जर की अनाज मंडी में वेयर हाउस व हैफेड की तरफ से गेहूं को कट्टों में भरने के लिए बारदाना भी पूरा नहीं दिया जा रहा है। जिसकी अगर कभी दिया भी जाता है तो कभी 200 तो कभी 300 कट्टे बारदाना दिया जा रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी वेयर हाउस कॉरपोरेशन की तरफ से आ रही है। इस एजेंसी की तरफ से खरीदे गए गेहूं का उठान भी नहीं किया जा हा है। जिसके कारण किसानों के अनाज का भुगतान भी रुका हुआ है। जब तक गोदाम पर अनाज नहीं पहुंचेगा उस समय तक किसानों को पैसे भी नहीं मिल पाएंगे।

आढ़तियों को न तो पूरा बारदाना दिया जा रहा है और वेयर हाउस की तरफ से आढ़तियों के बिल भी रोके जा रहे है। जिससे उनकी परेशानी बढ़ रही है। इस एजेंसी की तरफ से खरीदे गए गेहूं को भी नहीं उठाया जा रहा है। कई बार प्रचेजर से मिला भी जा चुका है। लेकिन कोई संतुष्टि जनक जवाब नहीं मिल रहा है। वहीं टोकन काटने के बाद भी किसानों की सरसों नहीं खरीदी जा रहा है।

- चांद सिंह पहलवान, प्रधान आढ़ती एसोसिएशन, झज्जर।

सरसों की खरीद के लिए अभी तक सरकार के कोई आदेश नहीं आए हैं। अगर सरकार ने कोई आदेश जारी किये तो खरीद की जा सकती है। वहीं गेहूं की खरीद का बुधवार को अंतिम दिन है।
- अशोक शर्मा, डीएफएससी, झज्जर।
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