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कंडम सीवर लाइनों से शहर को मिलेगी निजात, आज ओपन होंगे दो करोड़ के टेंडर
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। शहर के कंडम सीवर लाइनों से स्थानीय लोगों को जल्द निजात मिलने की उम्मीद है। क्षतिग्रस्त लाइनों को बदलने और नई लाइनें बिछाने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग आज दो करोड़ के टेंडर ओपन करेगा। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह प्रोजेक्ट पूरा होने पर कंडम सीवर लाइनों का स्थायी तौर पर समाधान हो जाएगा। इस प्रोजेक्ट पर 20 दिनों में काम शुरू करने की प्लानिंग अधिकारियों ने तैयार की है। शहर के एप्रूवड एरिया के जिन भागों में सीवर लाइनें नहीं है वहां भी जनस्वास्थ्य विभाग नई लाइनें बिछाएगा।
कई माह से सीवर की मेन लाइनों में ब्लॉकेज की समस्या चल रही है। करीब 50 प्रतिशत में इस समय यह समस्या बनी हुई है। विभाग कर्मचारी समय- समय पर छोटी सीवरेज लाइनों की तो सफाई कर देते हैं लेकिन इन मेन लाइनों की सफाई नहीं हो पाती। छोटी लाइनें इन मेन लाइनों से कनेक्ट है, ताकि मेन लाइनों के जरिए दूषित पानी को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाया जा सके। 35 साल पुरानी सीवरेज लाइनें ज्यादा परेशान कर रही हैं। बाद में बिछाई गई नई लाइनों और पुरानी लाइनों के ज्वाइंट भी ठीक से मेल नहीं खा रहे हैं। नई बिछाई गई लाइनों का जमीनी लेवल भी काफी जगह मैच नहीं करता। कहीं लाइन का लेवल ऊंचा है तो कही जगह काफी नीचा भी है। नई एप्रूवड हुई कालोनियों में करीब तीन साल से सीवरेज की सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। खासकर बारिश के मौसम में इन कालोनियों के लोगों को ज्यादा परेशानी होती है। जब तक सीवरेज व पेयजल लाइनें नहीं बिछ जाती तब सड़कें बनाने का प्रावधान भी नहीं है। लोगों को कच्ची गलियों से गुजरना पड़ता है। दूषित पानी की निकासी नहीं हो पाने की वजह से और भी दिक्कत होती है। गलियों में ही दूषित पानी का जमाव बना रहता है। जिससे स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को आने जाने में ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा शहर का काफी एरिया ऐसा भी है जो एप्रूवड होने के इंतजार में है। अब यह एरिया पूरी तरह से आबाद हो चुका है। ऐसे में इस एरिया को भी एप्रवूड कर यहां भी सीवरेज व पेयजल लाइनें बिछाए जाने की जरूरत बनी हुई है।
अब हर वार्ड की समस्या होगी दूर
अब शहर के प्रत्येक वार्ड में सीवर की लाइनें जरूरत के अनुसार बिछाई जाएंगी। इसके लिए पूरा खाका तैयार हो चुका है। इसके लिए टेंडर सात जनवरी को ओपन हो जाएंगे। ऐसे में करीब 20 दिनों में इस प्रोजेक्ट पर विभाग काम शुरू करने की प्लानिंग में है। शुरूआत में यह टेंडर दो करोड़ बजट के होने हैं। इस प्रोजेक्ट के नए वित्तीय वर्ष से पहले पूरा करने की योजना है।
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टेंडर ओपन होने के बाद करीब 15 दिन मेें इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा। इससे शहरवासियों को सीवरेज की लचर व्यवस्था से राहत मिल जाएगी। कंडम एवं पुरानी लाइनों से होने वाली समस्या भी दूर हो जाएगी। - लोकेश कुमार, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग
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चरखी दादरी। शहर के कंडम सीवर लाइनों से स्थानीय लोगों को जल्द निजात मिलने की उम्मीद है। क्षतिग्रस्त लाइनों को बदलने और नई लाइनें बिछाने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग आज दो करोड़ के टेंडर ओपन करेगा। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह प्रोजेक्ट पूरा होने पर कंडम सीवर लाइनों का स्थायी तौर पर समाधान हो जाएगा। इस प्रोजेक्ट पर 20 दिनों में काम शुरू करने की प्लानिंग अधिकारियों ने तैयार की है। शहर के एप्रूवड एरिया के जिन भागों में सीवर लाइनें नहीं है वहां भी जनस्वास्थ्य विभाग नई लाइनें बिछाएगा।
कई माह से सीवर की मेन लाइनों में ब्लॉकेज की समस्या चल रही है। करीब 50 प्रतिशत में इस समय यह समस्या बनी हुई है। विभाग कर्मचारी समय- समय पर छोटी सीवरेज लाइनों की तो सफाई कर देते हैं लेकिन इन मेन लाइनों की सफाई नहीं हो पाती। छोटी लाइनें इन मेन लाइनों से कनेक्ट है, ताकि मेन लाइनों के जरिए दूषित पानी को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाया जा सके। 35 साल पुरानी सीवरेज लाइनें ज्यादा परेशान कर रही हैं। बाद में बिछाई गई नई लाइनों और पुरानी लाइनों के ज्वाइंट भी ठीक से मेल नहीं खा रहे हैं। नई बिछाई गई लाइनों का जमीनी लेवल भी काफी जगह मैच नहीं करता। कहीं लाइन का लेवल ऊंचा है तो कही जगह काफी नीचा भी है। नई एप्रूवड हुई कालोनियों में करीब तीन साल से सीवरेज की सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। खासकर बारिश के मौसम में इन कालोनियों के लोगों को ज्यादा परेशानी होती है। जब तक सीवरेज व पेयजल लाइनें नहीं बिछ जाती तब सड़कें बनाने का प्रावधान भी नहीं है। लोगों को कच्ची गलियों से गुजरना पड़ता है। दूषित पानी की निकासी नहीं हो पाने की वजह से और भी दिक्कत होती है। गलियों में ही दूषित पानी का जमाव बना रहता है। जिससे स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को आने जाने में ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा शहर का काफी एरिया ऐसा भी है जो एप्रूवड होने के इंतजार में है। अब यह एरिया पूरी तरह से आबाद हो चुका है। ऐसे में इस एरिया को भी एप्रवूड कर यहां भी सीवरेज व पेयजल लाइनें बिछाए जाने की जरूरत बनी हुई है।
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अब हर वार्ड की समस्या होगी दूर
अब शहर के प्रत्येक वार्ड में सीवर की लाइनें जरूरत के अनुसार बिछाई जाएंगी। इसके लिए पूरा खाका तैयार हो चुका है। इसके लिए टेंडर सात जनवरी को ओपन हो जाएंगे। ऐसे में करीब 20 दिनों में इस प्रोजेक्ट पर विभाग काम शुरू करने की प्लानिंग में है। शुरूआत में यह टेंडर दो करोड़ बजट के होने हैं। इस प्रोजेक्ट के नए वित्तीय वर्ष से पहले पूरा करने की योजना है।
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टेंडर ओपन होने के बाद करीब 15 दिन मेें इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा। इससे शहरवासियों को सीवरेज की लचर व्यवस्था से राहत मिल जाएगी। कंडम एवं पुरानी लाइनों से होने वाली समस्या भी दूर हो जाएगी। - लोकेश कुमार, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग