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उपमंडल के कई गांवों में हुई बेमौसमी ओलावृष्टि, कपास और बाजरे की फसल को हुआ नुकसान
Updated Tue, 02 Oct 2018 11:55 PM IST
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बाढड़ा। पहले ही सफेद मक्खी के रोग से परेशान किसानों के लिए मंगलवार को हुई बेमौसमी ओलावृष्टि और बरसात आफत बनकर गिरी। ओलावृष्टि ने उमरवास गांव के किसानों की कपास की फसल को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव राजू मान ने उमरवास गांव में जाकर किसानों से ओलावृष्टि के चलते हुए खराबे पर बातचीत की। उन्होंने कहा कि सरकार को अविलंब स्पेशल गिरदावरी करवाने के आदेश कर सभी प्रभावित किसानों को 40 हजार प्रति एकड़ मुआवजा देना चाहिए।
उमरवास के साथ हड़ौदा, हड़ौदी, मांढी हरिया, मांढी केहर, बेरला, जगरामबास व हुई गांवों में ओलों ने कहर बरपाया है। उन्होंने कहा कि बहुत से किसान तो ऐसे हैं जिनकी कपास के साथ बाजरे की फसल भी चौपट हो गई है। उन्होंने कहा कि किसानों ने अपनी फसल के लिए काफी खर्चा किया था। बेमौसमी बारिश व ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है और वे बर्बादी की कगार पर है। उन्होंने कहा कि सरकार के इशारे पर प्रधानमंत्री फसल बीमा की आड़ में बैंकों ने किसानों के क्रेडिट कार्डों से बिना उनकी सहमति के पैसे काट बीमा कंपनियों को मालामाल कर दिया है। लेकिन किसानों को कोई राहत नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि स्पेशल गिरदावरी के वक्त कृषि और राजस्व विभाग के अधिकारी भी साथ होने चाहिए ताकि किसान वर्ग की संतुष्टि हो सके। इस अवसर पर कपूर सिंह, रमेश , सुरेश कुमार, वीरेन्द्र, सुरेंद्र कालिया, कालिया, नरेन्द्र, राजेश, सुरेंद्र सिंह, दीपक, कर्मबीर समेत अनेक ग्रामीण मौजूद थे।
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उमरवास के साथ हड़ौदा, हड़ौदी, मांढी हरिया, मांढी केहर, बेरला, जगरामबास व हुई गांवों में ओलों ने कहर बरपाया है। उन्होंने कहा कि बहुत से किसान तो ऐसे हैं जिनकी कपास के साथ बाजरे की फसल भी चौपट हो गई है। उन्होंने कहा कि किसानों ने अपनी फसल के लिए काफी खर्चा किया था। बेमौसमी बारिश व ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है और वे बर्बादी की कगार पर है। उन्होंने कहा कि सरकार के इशारे पर प्रधानमंत्री फसल बीमा की आड़ में बैंकों ने किसानों के क्रेडिट कार्डों से बिना उनकी सहमति के पैसे काट बीमा कंपनियों को मालामाल कर दिया है। लेकिन किसानों को कोई राहत नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि स्पेशल गिरदावरी के वक्त कृषि और राजस्व विभाग के अधिकारी भी साथ होने चाहिए ताकि किसान वर्ग की संतुष्टि हो सके। इस अवसर पर कपूर सिंह, रमेश , सुरेश कुमार, वीरेन्द्र, सुरेंद्र कालिया, कालिया, नरेन्द्र, राजेश, सुरेंद्र सिंह, दीपक, कर्मबीर समेत अनेक ग्रामीण मौजूद थे।
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