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फसलों के अवशेष जलाते पकड़े जाने पर लगेगा जुर्माना
Updated Fri, 06 Apr 2018 01:52 AM IST
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फसलों के अवशेष जलाते पकड़े गए तो लगेगा जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
हरियाणा सरकार ने फसल अवशेषों को जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया हुआ है। इसलिए कोई भी व्यक्ति अपने खेत में लावणी का कार्य करने के पश्चात फसल अवशेष में आग न लगाएं। दोषी व्यक्ति के खिलाफ जुर्माना या अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।ये जानकारी कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. प्रताप सिंह सभ्रवाल ने दी। उन्होंने बताया कि कटी हुई फसल के फानों में आग लगाने से जमीन की उर्वरा शक्ति नष्ट हो जाती है और मित्र कीट जल जाते हैं। इससे प्रदूषण की समस्या फैलती है, जिससे श्वास रोगियों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।
धुएं की वजह से एलर्जी, आंखों में जलन जैसी परेशानी भी लोगों को झेलनी पड़ती है। उन्होंने बताया कि किसानों को फसल कटाई का काम होने के बाद कृषि विभाग के अथवा स्वयं खरीदे गए फसल अवशेष प्रबंधन यंत्रों का इस्तेमाल करना चाहिए। सहायक कृषि अभियंता नसीब सिंह धनखड़ ने बताया कि विभागीय आदेशानुसार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व कृषि विभाग के अधिकारी लगातार खेतों में चल रहे फसल कटाई के कार्य पर निगरानी रख रहे हैं। इस दौरान कोई व्यक्ति फसल में आग लगाते पाया गया तो उसके विरूद्ध सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। नसीब सिंह धनखड़ ने कृषि विकास अधिकारी दिनेश शर्मा के साथ आज दादरी जिला के कई गांवों का दौरा किया और किसानों को फसल अवशेष में आग नहीं लगाने के लिए जागरूक किया। यह अभियान गेहूं कटाई का कार्य पूरा होने तक जारी रहेगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
हरियाणा सरकार ने फसल अवशेषों को जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया हुआ है। इसलिए कोई भी व्यक्ति अपने खेत में लावणी का कार्य करने के पश्चात फसल अवशेष में आग न लगाएं। दोषी व्यक्ति के खिलाफ जुर्माना या अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।ये जानकारी कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. प्रताप सिंह सभ्रवाल ने दी। उन्होंने बताया कि कटी हुई फसल के फानों में आग लगाने से जमीन की उर्वरा शक्ति नष्ट हो जाती है और मित्र कीट जल जाते हैं। इससे प्रदूषण की समस्या फैलती है, जिससे श्वास रोगियों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।
धुएं की वजह से एलर्जी, आंखों में जलन जैसी परेशानी भी लोगों को झेलनी पड़ती है। उन्होंने बताया कि किसानों को फसल कटाई का काम होने के बाद कृषि विभाग के अथवा स्वयं खरीदे गए फसल अवशेष प्रबंधन यंत्रों का इस्तेमाल करना चाहिए। सहायक कृषि अभियंता नसीब सिंह धनखड़ ने बताया कि विभागीय आदेशानुसार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व कृषि विभाग के अधिकारी लगातार खेतों में चल रहे फसल कटाई के कार्य पर निगरानी रख रहे हैं। इस दौरान कोई व्यक्ति फसल में आग लगाते पाया गया तो उसके विरूद्ध सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। नसीब सिंह धनखड़ ने कृषि विकास अधिकारी दिनेश शर्मा के साथ आज दादरी जिला के कई गांवों का दौरा किया और किसानों को फसल अवशेष में आग नहीं लगाने के लिए जागरूक किया। यह अभियान गेहूं कटाई का कार्य पूरा होने तक जारी रहेगा।
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