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अभी तक रोशन नहीं हुआ सांखोल से जाखोदा मार्ग
Updated Sat, 06 Jan 2018 01:33 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
दो महीने पहले पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों द्वारा बड़े-बड़े वादे किए गए थे कि नेशनल हाईवे पर स्थित सांखोल से जाखोदा मार्ग पर लगी लाइटों को अगले कुछ दिनों में चालू कर दिया जाएगा। अधिकारियों के ये दावे हवा हो रहे हैं। न तो लाइटें ही चालू हो पा रही हैं और न ही बिजली मीटर ही लग पाए हैं। सरकार के करोड़ों रुपये अधिकारियों की लापरवाही से पानी हो रहे हैं।
शहर के बीच से गुजरने वाले हाईवे पर सांखोल से जाखोदा तक डेढ़ करोड़ की लागत से लगाई गई लाइटें दो साल बाद भी चालू नहीं हो पा रही हैं। इन दिनों सुबह, शाम व रात के समय घना कोहरा पड़ रहा है। इससे वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल चलने वाले राहगीरों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लाइटें न चालू होने पर नगर परिषद और पीडब्ल्यूडी विभाग अलग-अलग तर्क दे रहे हैं। पीडब्ल्यूडी द्वारा जहां नप द्वारा बिजली मीटर न लगवाने की बात कही जा रही है। वहीं नगर परिषद अधिकारी इसमें अपना अलग ही राग अलाप रहे हैं। नप अधिकारियों का कहना है कि पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से जब तक लाइटों की टेस्टिंग करके उन्हें नहीं सौंपा जाता है तब तक नगर परिषद इनकी देखभाल नहीं कर सकती।
दो साल में भी नहीं लगा बिजली मीटर
इन लाइटों को लगे हुए दो साल से अधिक समय हो गया है। उसके बाद भी न तो नगर परिषद और न ही पीडब्ल्यूडी विभाग ने इन लाइटों को रोशन करने की जहमत उठाई है। इस तरफ ध्यान ही नहीं दिया गया। नगर परिषद अधिकारी पीडब्ल्यूडी की ओर से लाइटों की टेस्टिंग व चालू नहीं करवाने की बात कह रहे हैं।
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लगी हैं 200 लाइटें
दो वर्ष पहले सांखोल से लेकर जाखोदा बाईपास तक पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से सड़कों को रोशन करने के लिए 200 रोड लाइटें लगाई गई थी। मगर वे बिजली मीटर न लगने के कारण रोशन नहीं हो सकी। काफी लाइटों के शीशें भी टूट गए हैं।
शाम होते ही बन जाता है डार्क जोन
सांखोल से लेकर जाखोदा तक शाम होते ही यह मार्ग डार्क जोन में तब्दील हो जाता है। इससे हादसा होना खतरा भी लगातार बना रहता है। कोहरा भी इन दिनों अधिक हो रहा है। लोगों व वाहन चालकों के लिए इन दिनों समस्या गंभीर बनी हुई है।
अधिकारियों को नहीं पता, यहां लगी हैं कितने लाइटें
ऐसा नहीं है कि इस मार्ग से कोई नेता, प्रशासनिक अधिकारी न गुजरता हो, लेकिन दो साल से किसी का कोई भी ध्यान नहीं गया या फिर अधिकारी व नेता जानबूझकर आंखे मूंदे बैठे हैं। अधिकारियों को तो यह भी नहीं पता कि यहां पर कितनी लाइटें व इन लाइटों पर कितनी राशि खर्च हुई थी।
अधिकारियों से बार-बार शहरवासी मांग रहे जवाब
सामाजिक कार्यकर्ता सुधीर जैन ने कहा कि दो वर्ष से सांखोल से जाखोदा बाईपास तक लगी लाइटें आखिरकार क्यों रोशन नहीं हो पाई। क्या कारण रहे। इस बारे में अधिकारियों को जवाब देना चाहिए। शाम होने के बाद यह मार्ग पूरी तरह अंधेरे में तब्दील हो जाता है। प्रशासनिक अधिकारियों व नेताओं को चाहिए कि लोगों को सहूलियत देने के हिसाब से लगाई गई लाइटें जल्द रोशन हो और इसका लाभ लोगों को मिले।
नप अधिकारी नहीं लगा रहे बिजली मीटर : मलिक
पीडब्ल्यूडी विभाग के कार्यकारी अभियंता बिजेंद्र सिंह मलिक का कहना है कि दो वर्ष पहले लगी लाइटें तो उनके विभाग की ओर से लगा दी गई थी। मगर बिजली मीटर लगवाने की जिम्मेवारी नगर परिषद की है। आज तक बिजली मीटर क्यों नहीं लगा। इस बारे में नप अधिकारियों को जवाब देना चाहिए। इनकी टेस्टिंग भी की गई थी।
पीडब्ल्यूडी ने नहीं कराई लाइटों की टेस्टिंग : शर्मा
नगर परिषद के एमई रमेश शर्मा का कहना है कि दो वर्ष पहले यह लाइटें पीडब्ल्यूडी (बीएंडआर) की एचएसआरडीसी विंग ने लगाई थी। मगर उन्होंने नगर परिषद को हैंड ओवर नहीं किया। यदि बीएंडआर के अधिकारी इन लाइटों को चालू करके नगर परिषद को दें तो उसके बाद यहां पर बिजली मीटर लगवाया जाएगा और लाइटें रोशन होंगी।
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बहादुरगढ़।
दो महीने पहले पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों द्वारा बड़े-बड़े वादे किए गए थे कि नेशनल हाईवे पर स्थित सांखोल से जाखोदा मार्ग पर लगी लाइटों को अगले कुछ दिनों में चालू कर दिया जाएगा। अधिकारियों के ये दावे हवा हो रहे हैं। न तो लाइटें ही चालू हो पा रही हैं और न ही बिजली मीटर ही लग पाए हैं। सरकार के करोड़ों रुपये अधिकारियों की लापरवाही से पानी हो रहे हैं।
शहर के बीच से गुजरने वाले हाईवे पर सांखोल से जाखोदा तक डेढ़ करोड़ की लागत से लगाई गई लाइटें दो साल बाद भी चालू नहीं हो पा रही हैं। इन दिनों सुबह, शाम व रात के समय घना कोहरा पड़ रहा है। इससे वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल चलने वाले राहगीरों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लाइटें न चालू होने पर नगर परिषद और पीडब्ल्यूडी विभाग अलग-अलग तर्क दे रहे हैं। पीडब्ल्यूडी द्वारा जहां नप द्वारा बिजली मीटर न लगवाने की बात कही जा रही है। वहीं नगर परिषद अधिकारी इसमें अपना अलग ही राग अलाप रहे हैं। नप अधिकारियों का कहना है कि पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से जब तक लाइटों की टेस्टिंग करके उन्हें नहीं सौंपा जाता है तब तक नगर परिषद इनकी देखभाल नहीं कर सकती।
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दो साल में भी नहीं लगा बिजली मीटर
इन लाइटों को लगे हुए दो साल से अधिक समय हो गया है। उसके बाद भी न तो नगर परिषद और न ही पीडब्ल्यूडी विभाग ने इन लाइटों को रोशन करने की जहमत उठाई है। इस तरफ ध्यान ही नहीं दिया गया। नगर परिषद अधिकारी पीडब्ल्यूडी की ओर से लाइटों की टेस्टिंग व चालू नहीं करवाने की बात कह रहे हैं।
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लगी हैं 200 लाइटें
दो वर्ष पहले सांखोल से लेकर जाखोदा बाईपास तक पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से सड़कों को रोशन करने के लिए 200 रोड लाइटें लगाई गई थी। मगर वे बिजली मीटर न लगने के कारण रोशन नहीं हो सकी। काफी लाइटों के शीशें भी टूट गए हैं।
शाम होते ही बन जाता है डार्क जोन
सांखोल से लेकर जाखोदा तक शाम होते ही यह मार्ग डार्क जोन में तब्दील हो जाता है। इससे हादसा होना खतरा भी लगातार बना रहता है। कोहरा भी इन दिनों अधिक हो रहा है। लोगों व वाहन चालकों के लिए इन दिनों समस्या गंभीर बनी हुई है।
अधिकारियों को नहीं पता, यहां लगी हैं कितने लाइटें
ऐसा नहीं है कि इस मार्ग से कोई नेता, प्रशासनिक अधिकारी न गुजरता हो, लेकिन दो साल से किसी का कोई भी ध्यान नहीं गया या फिर अधिकारी व नेता जानबूझकर आंखे मूंदे बैठे हैं। अधिकारियों को तो यह भी नहीं पता कि यहां पर कितनी लाइटें व इन लाइटों पर कितनी राशि खर्च हुई थी।
अधिकारियों से बार-बार शहरवासी मांग रहे जवाब
सामाजिक कार्यकर्ता सुधीर जैन ने कहा कि दो वर्ष से सांखोल से जाखोदा बाईपास तक लगी लाइटें आखिरकार क्यों रोशन नहीं हो पाई। क्या कारण रहे। इस बारे में अधिकारियों को जवाब देना चाहिए। शाम होने के बाद यह मार्ग पूरी तरह अंधेरे में तब्दील हो जाता है। प्रशासनिक अधिकारियों व नेताओं को चाहिए कि लोगों को सहूलियत देने के हिसाब से लगाई गई लाइटें जल्द रोशन हो और इसका लाभ लोगों को मिले।
नप अधिकारी नहीं लगा रहे बिजली मीटर : मलिक
पीडब्ल्यूडी विभाग के कार्यकारी अभियंता बिजेंद्र सिंह मलिक का कहना है कि दो वर्ष पहले लगी लाइटें तो उनके विभाग की ओर से लगा दी गई थी। मगर बिजली मीटर लगवाने की जिम्मेवारी नगर परिषद की है। आज तक बिजली मीटर क्यों नहीं लगा। इस बारे में नप अधिकारियों को जवाब देना चाहिए। इनकी टेस्टिंग भी की गई थी।
पीडब्ल्यूडी ने नहीं कराई लाइटों की टेस्टिंग : शर्मा
नगर परिषद के एमई रमेश शर्मा का कहना है कि दो वर्ष पहले यह लाइटें पीडब्ल्यूडी (बीएंडआर) की एचएसआरडीसी विंग ने लगाई थी। मगर उन्होंने नगर परिषद को हैंड ओवर नहीं किया। यदि बीएंडआर के अधिकारी इन लाइटों को चालू करके नगर परिषद को दें तो उसके बाद यहां पर बिजली मीटर लगवाया जाएगा और लाइटें रोशन होंगी।