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ट्रैक्टर को कमर्शियल श्रेणी में शामिल करने पर जताया विरोध, डीसी को सौंपा ज्ञापन
Updated Tue, 28 Nov 2017 02:34 AM IST
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किसानों ने किया लघु सचिवालय पर प्रदर्शन
चरखी दादरी।
ट्रैक्टर को नॉन कामर्शियल श्रेणी से बाहर करने की मांग के लिए सोमवार को भड़के किसानों ने सचिवालय में कांग्रेसी नेता राजू मान की अगुवाई में प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने नारेबाजी कर रोष जताया। इस दौरान ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम उपायुक्त विजय कुमार सिद्प्पा को ज्ञापन भी सौंपा।
राजू मान ने कहा कि सरकार के इस फैसले से किसान अधिक कर्जदार हो जाएगा। उसे न केवल ट्रक की भांति ट्रैक्टर का टोल शुल्क अदा करना पड़ेगा बल्कि दूसरे राज्य में अपना ट्रैक्टर लाने ले जाने के लिए अलग से टैक्स देना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आधुनिक खेती के चलते आज किसान पूरी तरह से ट्रैक्टर पर आश्रित है। फसल बोने से लेकर कटने के बाद अनाज को मंडी लाने ले जाने के लिए ट्रैक्टर का उपयोग होता है। इस बीच खाद बीज या घरेलू सामान लाने के लिए भी किसान इस पर ही निर्भर है। किसान वर्ग इतना संपन्न नहीं है कि वह इन सब कामों के लिए किसी अन्य साधन का सहारा ले सके। इस फैसले से न केवल उसे टोल चुकाना पड़ेगा अपितु बार-बार टैक्स भरने के साथ साल में एक बार पासिंग भी करवानी पड़ेगी। इस मौके पर पूर्व सरपंच सहीराम यादव, भरपूर श्योराण, पारस दुधवा, इन्द्रजीत सांगवान, जयप्रकाश मिश्री,ओमप्रकाश, सज्जन बिंद्राबन, विकास, वेदप्रकाश चिड़िया, रविन्द्र शर्मा, विजय सांगवान, राजेश बेरला, अशोक साहू, अजय सांगवान, प्रदीप चंदेनी, धारानंद सनवाल, प्रवीण सांगवान, महीपाल आर्यनगर, पवन मंदोला, मंजीत, रमेश समेत अनेक ग्रामीण मौजूद थे।
फोटो 03
ट्रैक्टर को कमर्शियल श्रेणी में शामिल करने के विरोध में डीसी को ज्ञापन सौंपते किसान।
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चरखी दादरी।
ट्रैक्टर को नॉन कामर्शियल श्रेणी से बाहर करने की मांग के लिए सोमवार को भड़के किसानों ने सचिवालय में कांग्रेसी नेता राजू मान की अगुवाई में प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने नारेबाजी कर रोष जताया। इस दौरान ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम उपायुक्त विजय कुमार सिद्प्पा को ज्ञापन भी सौंपा।
राजू मान ने कहा कि सरकार के इस फैसले से किसान अधिक कर्जदार हो जाएगा। उसे न केवल ट्रक की भांति ट्रैक्टर का टोल शुल्क अदा करना पड़ेगा बल्कि दूसरे राज्य में अपना ट्रैक्टर लाने ले जाने के लिए अलग से टैक्स देना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आधुनिक खेती के चलते आज किसान पूरी तरह से ट्रैक्टर पर आश्रित है। फसल बोने से लेकर कटने के बाद अनाज को मंडी लाने ले जाने के लिए ट्रैक्टर का उपयोग होता है। इस बीच खाद बीज या घरेलू सामान लाने के लिए भी किसान इस पर ही निर्भर है। किसान वर्ग इतना संपन्न नहीं है कि वह इन सब कामों के लिए किसी अन्य साधन का सहारा ले सके। इस फैसले से न केवल उसे टोल चुकाना पड़ेगा अपितु बार-बार टैक्स भरने के साथ साल में एक बार पासिंग भी करवानी पड़ेगी। इस मौके पर पूर्व सरपंच सहीराम यादव, भरपूर श्योराण, पारस दुधवा, इन्द्रजीत सांगवान, जयप्रकाश मिश्री,ओमप्रकाश, सज्जन बिंद्राबन, विकास, वेदप्रकाश चिड़िया, रविन्द्र शर्मा, विजय सांगवान, राजेश बेरला, अशोक साहू, अजय सांगवान, प्रदीप चंदेनी, धारानंद सनवाल, प्रवीण सांगवान, महीपाल आर्यनगर, पवन मंदोला, मंजीत, रमेश समेत अनेक ग्रामीण मौजूद थे।
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ट्रैक्टर को कमर्शियल श्रेणी में शामिल करने के विरोध में डीसी को ज्ञापन सौंपते किसान।