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सांखोल गांव बना जिले का डिजिटल गांव 19-23-08
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़। सांखोल गांव झज्जर जिले का पहला डिजिटल गांव बनने जा रहा है। सरकार ने प्रदेश के हर जिले से एक गांव को डिजिटल बनाने का काम शुरू कर दिया है। गांव को डिजिटल बनाने के लिए बहादुरगढ़ उपमंडल के गांव सांखोल को डिजिटल बनाने के लिए चुना गया है। डिजिटल बनाने की दिशा में गांव को पूरी तरह से वाई फाई किया जाएगा। गांव को हाईटेक बनाने के लिए ग्रामीणों को नेट बैकिंग से भी जोड़ा जाएगा। सूचना प्रौद्योगिक मंत्रालय भारत सरकार ने प्रदेश में 22 गांवों को डिजिटल गांव घोषित किया हैं। देश-प्रदेश के साथ ही गांव में भी डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देेने के लिए सरकार लगातार इस पर काम भी कर रही है। सरकार ने देश के हर व्यक्ति को हाईटेक बनाने के लिए जिले के एक गांव में डिजिटल गांव बनाने का फैसला लिया है। इसी क्रम में जिले के एक गांव में कॉमन सर्विस सेंटर स्थापित किया जा रहा है। इस सेंटर के माध्यम से कोई भी व्यक्ति डिजिटल के माध्यम से सुविधाओं को लाभ ले सकता है। सेंटर के माध्यम से ग्रामीणों को नेट बैंकिंग से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही ग्रामीण राशन कार्ड बनवाना या फिर अन्य कई सरकारी सुविधा ले सकेंगे।
ग्रामीण उठा सकेंगे लाभ
डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार लगातार काम कर रही है। सरकारी सुविधाओं के लिए घर बैठे आवेदन करने का काम हो या फिर घर बैठे बिजली और पानी के बिल भरने का काम। हर काम जिसके लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं वो काम डिजिटल साक्षरता के तहत घर बैठे किए जा सकते हैं। इसी मकसद को पूरा करने के लिए हरियाणा के हर जिले के एक गांव को पूरी तरह डिजिटल करने का मिशन शुरू किया गया है। इस योजना का लाभ ग्रामीण उठा सकेंगे। बहादुरगढ़ के नजदीकी सांखोल गांव का चयन भी डिजिटल गांव के लिए किया गया है। सांखोल झज्जर जिले का पहला गांव होगा जो पूरी तरह डिजिटल हो जाएगा। इसके लिए कॉमन सर्विस सेंटर और जिला प्रशासन की तरह से गांव के सचिवालय में एक वर्कशॉप का आयोजन भी किया गया। प्रोजेक्ट को-ऑर्डिनेटर सुनील ने बताया कि डिजिटल गांव के तहत पूरे गांव को वाई-फाई किया जाएगा। गांव वालों को घर बैठे नेट बैंकिंग और बिल भरने जैसे काम भी सिखाए जाएंगे। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्र संचालक राजेश, मुख्य वक्ता अमित शर्मा, ब्रह्मानंद, कवलजीत, अनिता, रेनू, जसवंत व अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।
प्रदेश के ये गांव होंगे डिजिटल
जिला ब्लॉक गांव
जींद जींद सैंडल
हिसार बरवाला बहबलपुर
सिरसा रानियां ओटू
फतेहाबाद रतिया अलीपुर बरौटा
भिवानी तोशाम ईशरवाल
चरखी-दादरी चरखी-दादरी मिश्री
अंबाला बरारा मुलाना
पंचकूला बरवाला बरवाला
यमुनानगर जगाधरी बहरामपुर
कैथल कैथल सजुमा
रेवाड़ी जाटुसाना गुरुवारा
फरीदाबाद बल्लभगढ़ पियाला
गुरुग्राम सोहाना धौला
महेंद्रगढ़ कनीना बेवल
पलवल हथीन नांगलजट
मेवात नूहं फिरोजपुर नामक
झज्जर बहादुरगढ़ सांखोल
करनाल करनाल डाबरी
सोनीपत गन्नौर दातुली
पानीपत समालखा हथवाला
रोहतक महम खरकरा
डिजिटल गांव के मकसद को पूरा करने के लिए ग्राम सचिवालय में कॉमन सर्विस सेंटर की स्थापना भी की गई है। इसके जरिये गांव वाले अपने गांव में ही आधार कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड जैसी कई सारी सुविधाओं के लिए आवेदन कर सकेंगे। गांव वालों को मोबाइल और कंप्यूटर के जरिये काम करने के तरीके भी सिखाए जाएंगे। इसके लिए जिले की टीम के साथ मिलकर सीएसई संचालक गांव में लगातार वर्कशॉप भी लगाएंगे और घर-घर जाकर लोगों को डिजिटल गांव अभियान से जोड़ने का काम भी करेंगे।
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सुनील, प्रोजेक्ट को-ऑर्डिनेटर।
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बहादुरगढ़। सांखोल गांव झज्जर जिले का पहला डिजिटल गांव बनने जा रहा है। सरकार ने प्रदेश के हर जिले से एक गांव को डिजिटल बनाने का काम शुरू कर दिया है। गांव को डिजिटल बनाने के लिए बहादुरगढ़ उपमंडल के गांव सांखोल को डिजिटल बनाने के लिए चुना गया है। डिजिटल बनाने की दिशा में गांव को पूरी तरह से वाई फाई किया जाएगा। गांव को हाईटेक बनाने के लिए ग्रामीणों को नेट बैकिंग से भी जोड़ा जाएगा। सूचना प्रौद्योगिक मंत्रालय भारत सरकार ने प्रदेश में 22 गांवों को डिजिटल गांव घोषित किया हैं। देश-प्रदेश के साथ ही गांव में भी डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देेने के लिए सरकार लगातार इस पर काम भी कर रही है। सरकार ने देश के हर व्यक्ति को हाईटेक बनाने के लिए जिले के एक गांव में डिजिटल गांव बनाने का फैसला लिया है। इसी क्रम में जिले के एक गांव में कॉमन सर्विस सेंटर स्थापित किया जा रहा है। इस सेंटर के माध्यम से कोई भी व्यक्ति डिजिटल के माध्यम से सुविधाओं को लाभ ले सकता है। सेंटर के माध्यम से ग्रामीणों को नेट बैंकिंग से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही ग्रामीण राशन कार्ड बनवाना या फिर अन्य कई सरकारी सुविधा ले सकेंगे।
ग्रामीण उठा सकेंगे लाभ
डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार लगातार काम कर रही है। सरकारी सुविधाओं के लिए घर बैठे आवेदन करने का काम हो या फिर घर बैठे बिजली और पानी के बिल भरने का काम। हर काम जिसके लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं वो काम डिजिटल साक्षरता के तहत घर बैठे किए जा सकते हैं। इसी मकसद को पूरा करने के लिए हरियाणा के हर जिले के एक गांव को पूरी तरह डिजिटल करने का मिशन शुरू किया गया है। इस योजना का लाभ ग्रामीण उठा सकेंगे। बहादुरगढ़ के नजदीकी सांखोल गांव का चयन भी डिजिटल गांव के लिए किया गया है। सांखोल झज्जर जिले का पहला गांव होगा जो पूरी तरह डिजिटल हो जाएगा। इसके लिए कॉमन सर्विस सेंटर और जिला प्रशासन की तरह से गांव के सचिवालय में एक वर्कशॉप का आयोजन भी किया गया। प्रोजेक्ट को-ऑर्डिनेटर सुनील ने बताया कि डिजिटल गांव के तहत पूरे गांव को वाई-फाई किया जाएगा। गांव वालों को घर बैठे नेट बैंकिंग और बिल भरने जैसे काम भी सिखाए जाएंगे। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्र संचालक राजेश, मुख्य वक्ता अमित शर्मा, ब्रह्मानंद, कवलजीत, अनिता, रेनू, जसवंत व अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।
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प्रदेश के ये गांव होंगे डिजिटल
जिला ब्लॉक गांव
जींद जींद सैंडल
हिसार बरवाला बहबलपुर
सिरसा रानियां ओटू
फतेहाबाद रतिया अलीपुर बरौटा
भिवानी तोशाम ईशरवाल
चरखी-दादरी चरखी-दादरी मिश्री
अंबाला बरारा मुलाना
पंचकूला बरवाला बरवाला
यमुनानगर जगाधरी बहरामपुर
कैथल कैथल सजुमा
रेवाड़ी जाटुसाना गुरुवारा
फरीदाबाद बल्लभगढ़ पियाला
गुरुग्राम सोहाना धौला
महेंद्रगढ़ कनीना बेवल
पलवल हथीन नांगलजट
मेवात नूहं फिरोजपुर नामक
झज्जर बहादुरगढ़ सांखोल
करनाल करनाल डाबरी
सोनीपत गन्नौर दातुली
पानीपत समालखा हथवाला
रोहतक महम खरकरा
डिजिटल गांव के मकसद को पूरा करने के लिए ग्राम सचिवालय में कॉमन सर्विस सेंटर की स्थापना भी की गई है। इसके जरिये गांव वाले अपने गांव में ही आधार कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड जैसी कई सारी सुविधाओं के लिए आवेदन कर सकेंगे। गांव वालों को मोबाइल और कंप्यूटर के जरिये काम करने के तरीके भी सिखाए जाएंगे। इसके लिए जिले की टीम के साथ मिलकर सीएसई संचालक गांव में लगातार वर्कशॉप भी लगाएंगे और घर-घर जाकर लोगों को डिजिटल गांव अभियान से जोड़ने का काम भी करेंगे।
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सुनील, प्रोजेक्ट को-ऑर्डिनेटर।