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रोडवेज कर्मियों के समर्थन में सड़कों पर उमड़ा जनसमूह, महिलाओं ने भाजपा सरकार के फाड़े पोस्टर, सचधिवालय में खाप प्रतिनिधियों ने स
Updated Thu, 01 Nov 2018 12:32 AM IST
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चरखी दादरी। रोडवेज कर्मियों की हड़ताल के समर्थन में बुधवार को शहर में बड़ा प्रदर्शन किया गया। इसमें विभिन्न विभागों की यूनियनों सहित जिले की सभी खापों, 50 पंचायतों और 60 से अधिक संगठनों ने भाग लिया। शहर में निकाले रोष जुलूस में महिलाओं ने चौराहों पर लगे भाजपा सरकार के पोस्टर फाड़ दिए। डीसी को ज्ञापन सौंपने लघु सचिवालय पहुंचे जनसमूह को संबोधित कर खाप प्रतिनिधियों ने सीएम रैली के बहिष्कार की भी चेतावनी दी है। एक मंच पर सरकारी कर्मियों, खाप प्रतिनिधियों, राजनेताओं, छात्र और सामाजिक संगठनों ने अगले दो दिन में रोडवेज कर्मचारियों की मांगें न मानने पर सीएम को शहर में न घुसने देने का एलान भी किया है। वहीं, मुख्यमंत्री के नाम इस संबंध में उपायुक्त अजय सिंह तोमर को प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन भी सौंपा। सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले दूसरे दिन भी विभिन्न विभागों के करीब 1400 कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए। इनमें पक्के और कच्चे दोनों तरह के कर्मचारी शामिल हैं। वहीं, अब तक जहां विभिन्न विभागों के कर्मचारी ही रोडवेज कर्मियों के समर्थन में आए थे तो वहीं, बुधवार को एकसाथ 50 पंचायतें, सभी खापें और अन्य संगठन भी उतर आए। इन पंचायतों ने रोडवेज कर्मियों को समर्थन दिया उनसे दो से तीन ट्रैक्टरों में सवार होकर ग्रामीण रोज गार्डन पहुंचे। हालांकि इन ग्रामीणों ने अपने ट्रैक्टरों को नगर परिषद कार्यालय के पिछली तरफ खाली पड़ी जगह पर खड़ा किया ताकि प्रमुख बस स्टैंड रोड की ट्रैफिक व्यवस्था बाधित न हो। इसके बाद सभी एक साथ सड़क पर उतर आए और शहर में रोष प्रदर्शन किया।
सुबह करीब 11 बजे ढाई से तीन हजार लोग बस स्टैंड रोड पर नारेबाजी कर लघु सचिवालय की तरफ बढ़ने लगे। साढ़े 11 बजे परशुराम चौक के पास पहुंचे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपना रोष जाहिर किया। वहीं, सरकार की रोडवेज कर्मियों की मांगों की अनदेखी करने से खफा महिलाओं का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने शहर के प्रमुख चौराहों पर लगे भाजपा और मुख्यमंत्री के पोस्टर फाड़कर अपना रोष जाहिर किया। हालांकि वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने महिलाओं से पोस्टर न फाड़ने की अपील की जिसे उन्होंने अनसुना कर दिया। इसके बाद लघु सचिवालय पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने अपना रोष जाहिर किया और ज्ञापन केवल जिला उपायुक्त अजय सिंह तोमर को सौंपने की ही शर्त रख दी। इसके करीब 20 मिनट बाद उपायुक्त नीचे आए और उन्होंने प्रदर्शनकारियों का ज्ञापन लिया।
जेब तराशता पकड़ा गया युवक, पुलिस को सौंपा
प्रदर्शनकारियों की भीड़ में कुछ जेब कतरे भी शामिल थे। उन्होंने लोगों की जेब तराशी का प्रयास किया। इसी दौरान एक प्रदर्शनकारी की जेब से पर्स निकालता मौके पर ही पकड़ा गया। इस दौरान उसे थप्पड़ जड़े और बाद में वहां मौजूद पुलिसकर्मियों के हवाले कर दिया गया। इसके बाद पुलिस टीम उक्त व्यक्ति को थाने ले गई।
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भाजपा नेता की भर्ती संबंधी वीडियो पर विपक्ष बनाएगा मुद्दा
कांग्रेस नेता राजू मान ने कहा कि जिले के एक भाजपा नेता की वीडियो उनके पास है। जिसे वे रोडवेज तालमेल कमेटी को सौंप देंगे। उन्होंने कहा कि यह वीडियो भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन का है। इसमें जवाहर यादव से उक्त नेता रोडवेज भर्ती में पुराने कार्यकर्ताओं के रिश्तेदारों को नौकरी देने की सिफारिश कर रहे हैं। उक्त भाजपा नेता का कहना है कि इस भर्ती में इंटरव्यू भी नहीं है और सरकार पुराने कार्यकर्ताओं की उम्मीदों को इसमें पूरा कर सकती है।
प्रदर्शन की चुटकियों और कटाक्षों पर एक नजर
चिड़िया खाप-25 के प्रधान राजबीर शास्त्री ने कहा कि अगर दो दिन में सरकार मांगें नहीं मानती हैं तो चार नवंबर को सीएम को शहर में नहीं घुसने देंगे।
सरपंच एसोसिएशन के प्रधान राजकरण ने कहा कि बसें खरीदने के लिए सरकार के पास धन नहीं है तो सरपंच अपने कोटे से 50 हजार देने को तैयार है।
पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान ने कहा कि ‘चुनाव में जिसी खराब माटी मेरी करी थी, उस तै घणा बुरा हाल भाजपा सरकार का अगले चुनावा मै थाम कर दियो’।
समाज सेवी उमेद पातुवास ने कहा कि जब कर्मी एक माह की तनख्वाह देने को तैयार हैं तो फिर भाजपा सरकार और मंत्री अपने हाथ पीछे क्यों खींच रहे हैं।
सतगामा खाप प्रतिनिधि मास्टर मोतीराम ने कहा कि चार नवंबर को सीएम चरखी दादरी में विकास नहीं विनाश करने आ रहे हैं।
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सुबह करीब 11 बजे ढाई से तीन हजार लोग बस स्टैंड रोड पर नारेबाजी कर लघु सचिवालय की तरफ बढ़ने लगे। साढ़े 11 बजे परशुराम चौक के पास पहुंचे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपना रोष जाहिर किया। वहीं, सरकार की रोडवेज कर्मियों की मांगों की अनदेखी करने से खफा महिलाओं का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने शहर के प्रमुख चौराहों पर लगे भाजपा और मुख्यमंत्री के पोस्टर फाड़कर अपना रोष जाहिर किया। हालांकि वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने महिलाओं से पोस्टर न फाड़ने की अपील की जिसे उन्होंने अनसुना कर दिया। इसके बाद लघु सचिवालय पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने अपना रोष जाहिर किया और ज्ञापन केवल जिला उपायुक्त अजय सिंह तोमर को सौंपने की ही शर्त रख दी। इसके करीब 20 मिनट बाद उपायुक्त नीचे आए और उन्होंने प्रदर्शनकारियों का ज्ञापन लिया।
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जेब तराशता पकड़ा गया युवक, पुलिस को सौंपा
प्रदर्शनकारियों की भीड़ में कुछ जेब कतरे भी शामिल थे। उन्होंने लोगों की जेब तराशी का प्रयास किया। इसी दौरान एक प्रदर्शनकारी की जेब से पर्स निकालता मौके पर ही पकड़ा गया। इस दौरान उसे थप्पड़ जड़े और बाद में वहां मौजूद पुलिसकर्मियों के हवाले कर दिया गया। इसके बाद पुलिस टीम उक्त व्यक्ति को थाने ले गई।
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कांग्रेस नेता राजू मान ने कहा कि जिले के एक भाजपा नेता की वीडियो उनके पास है। जिसे वे रोडवेज तालमेल कमेटी को सौंप देंगे। उन्होंने कहा कि यह वीडियो भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन का है। इसमें जवाहर यादव से उक्त नेता रोडवेज भर्ती में पुराने कार्यकर्ताओं के रिश्तेदारों को नौकरी देने की सिफारिश कर रहे हैं। उक्त भाजपा नेता का कहना है कि इस भर्ती में इंटरव्यू भी नहीं है और सरकार पुराने कार्यकर्ताओं की उम्मीदों को इसमें पूरा कर सकती है।
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चिड़िया खाप-25 के प्रधान राजबीर शास्त्री ने कहा कि अगर दो दिन में सरकार मांगें नहीं मानती हैं तो चार नवंबर को सीएम को शहर में नहीं घुसने देंगे।
सरपंच एसोसिएशन के प्रधान राजकरण ने कहा कि बसें खरीदने के लिए सरकार के पास धन नहीं है तो सरपंच अपने कोटे से 50 हजार देने को तैयार है।
पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान ने कहा कि ‘चुनाव में जिसी खराब माटी मेरी करी थी, उस तै घणा बुरा हाल भाजपा सरकार का अगले चुनावा मै थाम कर दियो’।
समाज सेवी उमेद पातुवास ने कहा कि जब कर्मी एक माह की तनख्वाह देने को तैयार हैं तो फिर भाजपा सरकार और मंत्री अपने हाथ पीछे क्यों खींच रहे हैं।
सतगामा खाप प्रतिनिधि मास्टर मोतीराम ने कहा कि चार नवंबर को सीएम चरखी दादरी में विकास नहीं विनाश करने आ रहे हैं।