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बरसात ने भिगोया मंडी में पड़ा सोना
Updated Sat, 07 Apr 2018 01:36 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
पिछले पांच दिनों से अनाज मंडी में पीले सोने की खरीद चल रही है। एजेंसियों द्वारा खरीदा गया गेहूं खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है। शुक्रवार की शाम अचानक मौसम बदलने से उन किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें छा गई जिनका सोना अभी खेतों से नहीं उठा है। अनाज मंडी में एजेंसियों द्वारा खरीदा गया गेहूं शाम के समय हुई हल्की-फुल्की बूंदाबांदी से भीग गया। ऐसे में यदि तेज बारिश होती है तो किसानों को काफी नुकसान होगा।
दो दिन से तापमान लगातार बढ़ रहा था। शुक्रवार की सुबह से मौसम का मिजाज बदला-बदला रहा। दोपहर के समय आसमान में घने बादल घिर आए और शाम होते-होते आसमान पूरी तरह काले बादलों से ढक गया। एक बार तो यह लगा कि तेज बारिश होगी। मगर शाम के समय करीब साढ़े पांच बजे इंद्र देव बिना बरसे ही आगे निकल गए। इसके बाद तेज हवाएं चलने लगी। हवाओं के कारण बादल छट गए। डेढ़ घंटे बाद करीब 7 बजे अचानक बादल फिर उमड़ आए और आसमान में बिजली चमकने लगी। इससे कुछ देर तक हल्की-फुल्की बूंदाबांदी हुई। जिससे अनाज मंडी में रखी गेहूं की बोरियों में रखा अनाज भीग गया। फिलहाल अनाज मंडी में गेहूं की खरीद जोरों पर चल रही है और किसानों द्वारा मंडी में लाया जा रहा गेहूं व एजेंसियों द्वारा खरीद की गई अनाज की सभी बोरियां खुले आसमान के नीचे पड़ी है। यदि तेज बारिश हो जाती तो कई सौ क्विंटल गेहूं में नुकसान होता।
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बहादुरगढ़।
पिछले पांच दिनों से अनाज मंडी में पीले सोने की खरीद चल रही है। एजेंसियों द्वारा खरीदा गया गेहूं खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है। शुक्रवार की शाम अचानक मौसम बदलने से उन किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें छा गई जिनका सोना अभी खेतों से नहीं उठा है। अनाज मंडी में एजेंसियों द्वारा खरीदा गया गेहूं शाम के समय हुई हल्की-फुल्की बूंदाबांदी से भीग गया। ऐसे में यदि तेज बारिश होती है तो किसानों को काफी नुकसान होगा।
दो दिन से तापमान लगातार बढ़ रहा था। शुक्रवार की सुबह से मौसम का मिजाज बदला-बदला रहा। दोपहर के समय आसमान में घने बादल घिर आए और शाम होते-होते आसमान पूरी तरह काले बादलों से ढक गया। एक बार तो यह लगा कि तेज बारिश होगी। मगर शाम के समय करीब साढ़े पांच बजे इंद्र देव बिना बरसे ही आगे निकल गए। इसके बाद तेज हवाएं चलने लगी। हवाओं के कारण बादल छट गए। डेढ़ घंटे बाद करीब 7 बजे अचानक बादल फिर उमड़ आए और आसमान में बिजली चमकने लगी। इससे कुछ देर तक हल्की-फुल्की बूंदाबांदी हुई। जिससे अनाज मंडी में रखी गेहूं की बोरियों में रखा अनाज भीग गया। फिलहाल अनाज मंडी में गेहूं की खरीद जोरों पर चल रही है और किसानों द्वारा मंडी में लाया जा रहा गेहूं व एजेंसियों द्वारा खरीद की गई अनाज की सभी बोरियां खुले आसमान के नीचे पड़ी है। यदि तेज बारिश हो जाती तो कई सौ क्विंटल गेहूं में नुकसान होता।
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