{"_id":"6a996c12142f0bc83d0ab84c","slug":"janmashtami-celebrated-at-vaish-arya-mahila-mahavidyalaya-bahadurgarh-news-c-200-1-bgh1002-126838-2026-09-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhajjar-Bahadurgarh News: वैश्य आर्य महिला महाविद्यालय में मनाई गई जन्माष्टमी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhajjar-Bahadurgarh News: वैश्य आर्य महिला महाविद्यालय में मनाई गई जन्माष्टमी
Thu, 03 Sep 2026 06:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Thu, 03 Sep 2026 06:16 PM IST
विज्ञापन
-फोटो 85 : वैश्य महाविद्यालय में आयोजित दही-हांडी कार्यक्रम में मौजूद छात्राएं व प्राचार्य डॉ.
बहादुरगढ़। वैश्य आर्य शिक्षण महिला महाविद्यालय में भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई गई। मुख्य आकर्षण दही-हांडी रहा। बीएड द्वितीय वर्ष की छात्रा प्रियंका और एसबीडी प्ले स्कूल के विद्यार्थी वैदिक और विहान ने श्रीकृष्ण का, जबकि दिव्यांशी ने राधा का रूप धारण किया। सभी ने पारंपरिक अंदाज में दही-हांडी फोड़कर उपस्थितजनों का मन मोह लिया।
प्राचार्य डॉ. आशा शर्मा ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन शिक्षा, विवेक, कर्तव्य और कर्मयोग का अनुपम संदेश देता है। शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि उसे व्यवहार में उतारकर सही निर्णय लेने, कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने और कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने की क्षमता विकसित करना है।
इस अवसर पर सभी ने श्रीकृष्ण के आदर्शों को जीवन में अपनाने तथा समाज में प्रेम, एकता और सहयोग की भावना बढ़ाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का आयोजन सांस्कृतिक प्रकोष्ठ, एनएसएस एवं वाईआरसी इकाई द्वारा किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्राचार्य डॉ. आशा शर्मा ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन शिक्षा, विवेक, कर्तव्य और कर्मयोग का अनुपम संदेश देता है। शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि उसे व्यवहार में उतारकर सही निर्णय लेने, कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने और कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने की क्षमता विकसित करना है।
विज्ञापन
इस अवसर पर सभी ने श्रीकृष्ण के आदर्शों को जीवन में अपनाने तथा समाज में प्रेम, एकता और सहयोग की भावना बढ़ाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का आयोजन सांस्कृतिक प्रकोष्ठ, एनएसएस एवं वाईआरसी इकाई द्वारा किया गया।
विज्ञापन