{"_id":"59bd8d6d4f1c1b21688b4f5b","slug":"21505594733-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हर रोज आ आती हैं 40 शिकायतें, समाधान के लिए शहर भर में 5 कर्मचारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हर रोज आ आती हैं 40 शिकायतें, समाधान के लिए शहर भर में 5 कर्मचारी
Updated Sun, 17 Sep 2017 02:15 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
शहर में अगर बिजली व्यवस्था कहीं खराब हो जाती है तो बिजली निगम के द्वारा उसे ठीक करने में घंटे लगा देता है। जिससे शहर भर में लोग परेशान रहते हैं। इसके पीछे वजह यह है कि शहर के बिजली सिस्टम को सुचारु रखने के लिए निगम के पास हर शिफ्ट में केवल पांच कर्मचारी कार्यरत हैं। ऐसे में कुछ कर्मचारी अपने वीकली ऑफ तो कुछ मजबूरीवश छुट्टी पर रहते हैं। ऐसे में कर्मचारियों की कमी के चलते लोगों की समस्याओं का निराकरण के लिए काफी समय लग जाता है। शहरवासियों को दिक्कतों से छुटकारा दिलाने में बिजली निगम पूरी तरह से कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है।
हर रोज दर्ज होती हैं 40 शिकायतें
बिजली निगम के शिकायत केंद्र पर हर रोज करीब 40 शिकायतें दर्ज होती हैं। एक शिकायत को निपटाने में निगम के कर्मचारी कम से कम करीब एक घंटे का समय लगाते हैं। बिजली शिकायत केंद्र में आने वाली शिकायतों में अधिकतर फ्यूज उड़ने, ओवरलोड के चलते ट्रिपिंग, अधंड़ के चलते तार टकराने, वाहनों के द्वारा पोल क्षतिग्रस्त किए जाने, अघोषित कट या फिर लाइन में फाल्ट आने से संबंधित ही होती हैं। बिजली निगम की मानें तो शहरी फीडर से करीब 16 हजार उपभोक्ता जुड़े हुए हैं।
बारिश और रात के समय बढ़ती हैं दिक्कतें
बिजली निगम के शिकायत केंद्र पर तैनात कर्मियों की मानें तो बारिश व अधंड़ के सीजन में तारों के टूटने, टकराने या फिर फॉल्ट आने की शिकायतों काफी संख्या में आती हैं। वहीं गर्मी के मौसम में रात के समय शिकायत अधिक होती हैं। जून माह में शिकायत केंद्र के रजिस्टर में हर रोज 50 से अधिक शिकायतें दर्ज होती थी। ऐसा इसलिए होता था क्योंकि लोड बढ़ जाने के कारण बार कट लगते हैं।
विज्ञापन
सुविधा के नाम सीढ़ी तक नहीं मौजूद
बिजली निगम के कर्मियों के पास सुविधा के नाम पर सीढ़ी भी नहीं है। निगम के द्वारा केवल दस्ताने उपलब्ध करवाए गए हैं। वहीं रात के समय अगर कहीं दूर-दराज फॉल्ट आ जाए तो खुद के वाहन से ही पहुंचना पड़ता है। बिजली निगम के द्वारा कोई वाहन उपलब्ध नहीं करवाया गया है। सेफ्टी उपकरण नहीं होने के कारण दो माह पूर्व बिजली निगम के एक कर्मचारी की करंट लगने से मौत भी हो चुकी है।
टोल फ्री नंबर ने बढ़ाया वर्क लोड
बिजली निगम के द्वारा शिकायत केंद्र का नंबर जारी करने व साथ ही टोल फ्री नंबर जारी किए जाने के बाद से वर्क लोड बढ़ गया है। पूर्व में अधिकतर के लोगों के पास तो बिजली निगम के शिकायत केंद्र का नंबर ही नहीं होता था। जिसके चलते लोग समस्या आने पर शिकायत ही नहीं कर पाते थे। ऐसे में जब से टोल फ्री नंबर जारी हुआ है, तब से कर्मचारियों पर वर्कलोड बढ़ गया है।
इन नंबरों पर करें शिकायत
शिकायत केंद्र - 9354265802
एसडीएओ -9354726541
एक्सईएन -9354726544
वर्जन
स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इस समय 14 नए कर्मियों के ज्वाइन करने की प्रक्रिया चल रही है। जिसमें से छह कर्मियों ने ज्वाइन कर लिया है, सभी को शहरी फीडर की शिकायतें दूर करने के लिए लगाया जा रहा है।
- एसके चावला, एसई, झज्जर।
विज्ञापन
झज्जर।
शहर में अगर बिजली व्यवस्था कहीं खराब हो जाती है तो बिजली निगम के द्वारा उसे ठीक करने में घंटे लगा देता है। जिससे शहर भर में लोग परेशान रहते हैं। इसके पीछे वजह यह है कि शहर के बिजली सिस्टम को सुचारु रखने के लिए निगम के पास हर शिफ्ट में केवल पांच कर्मचारी कार्यरत हैं। ऐसे में कुछ कर्मचारी अपने वीकली ऑफ तो कुछ मजबूरीवश छुट्टी पर रहते हैं। ऐसे में कर्मचारियों की कमी के चलते लोगों की समस्याओं का निराकरण के लिए काफी समय लग जाता है। शहरवासियों को दिक्कतों से छुटकारा दिलाने में बिजली निगम पूरी तरह से कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है।
हर रोज दर्ज होती हैं 40 शिकायतें
बिजली निगम के शिकायत केंद्र पर हर रोज करीब 40 शिकायतें दर्ज होती हैं। एक शिकायत को निपटाने में निगम के कर्मचारी कम से कम करीब एक घंटे का समय लगाते हैं। बिजली शिकायत केंद्र में आने वाली शिकायतों में अधिकतर फ्यूज उड़ने, ओवरलोड के चलते ट्रिपिंग, अधंड़ के चलते तार टकराने, वाहनों के द्वारा पोल क्षतिग्रस्त किए जाने, अघोषित कट या फिर लाइन में फाल्ट आने से संबंधित ही होती हैं। बिजली निगम की मानें तो शहरी फीडर से करीब 16 हजार उपभोक्ता जुड़े हुए हैं।
विज्ञापन
बारिश और रात के समय बढ़ती हैं दिक्कतें
बिजली निगम के शिकायत केंद्र पर तैनात कर्मियों की मानें तो बारिश व अधंड़ के सीजन में तारों के टूटने, टकराने या फिर फॉल्ट आने की शिकायतों काफी संख्या में आती हैं। वहीं गर्मी के मौसम में रात के समय शिकायत अधिक होती हैं। जून माह में शिकायत केंद्र के रजिस्टर में हर रोज 50 से अधिक शिकायतें दर्ज होती थी। ऐसा इसलिए होता था क्योंकि लोड बढ़ जाने के कारण बार कट लगते हैं।
विज्ञापन
सुविधा के नाम सीढ़ी तक नहीं मौजूद
बिजली निगम के कर्मियों के पास सुविधा के नाम पर सीढ़ी भी नहीं है। निगम के द्वारा केवल दस्ताने उपलब्ध करवाए गए हैं। वहीं रात के समय अगर कहीं दूर-दराज फॉल्ट आ जाए तो खुद के वाहन से ही पहुंचना पड़ता है। बिजली निगम के द्वारा कोई वाहन उपलब्ध नहीं करवाया गया है। सेफ्टी उपकरण नहीं होने के कारण दो माह पूर्व बिजली निगम के एक कर्मचारी की करंट लगने से मौत भी हो चुकी है।
टोल फ्री नंबर ने बढ़ाया वर्क लोड
बिजली निगम के द्वारा शिकायत केंद्र का नंबर जारी करने व साथ ही टोल फ्री नंबर जारी किए जाने के बाद से वर्क लोड बढ़ गया है। पूर्व में अधिकतर के लोगों के पास तो बिजली निगम के शिकायत केंद्र का नंबर ही नहीं होता था। जिसके चलते लोग समस्या आने पर शिकायत ही नहीं कर पाते थे। ऐसे में जब से टोल फ्री नंबर जारी हुआ है, तब से कर्मचारियों पर वर्कलोड बढ़ गया है।
इन नंबरों पर करें शिकायत
शिकायत केंद्र - 9354265802
एसडीएओ -9354726541
एक्सईएन -9354726544
वर्जन
स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इस समय 14 नए कर्मियों के ज्वाइन करने की प्रक्रिया चल रही है। जिसमें से छह कर्मियों ने ज्वाइन कर लिया है, सभी को शहरी फीडर की शिकायतें दूर करने के लिए लगाया जा रहा है।
- एसके चावला, एसई, झज्जर।