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‘विद्यार्थियों और स्टाफ पर नजर रखने के लिए विशेष टीमें बनाएं’
Updated Thu, 14 Sep 2017 12:59 AM IST
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‘विद्यार्थियों और स्टाफ पर नजर रखने के लिए विशेष टीमें बनाएं’
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
प्रत्येक विद्यालय में एक ऐसी टीम बनाई जाए जो छात्र-छात्राओं के साथ-साथ स्कूल स्टाफ की गतिविधियों पर भी निगाह रखें। जरा सा भी कहीं संदेह नजर आता है तो उस व्यक्ति के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए। बुधवार को केएन वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए जिलास्तरीय बैठक में एडीसी अजय सिंह तोमर ने दिशा-निर्देश जारी किए। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे हमेशा चालू हालत में होने चाहिए। स्कूल बस के चालक व परिचालक का पुलिस रिकार्ड से सत्यापन होना चाहिए। साथ ही स्कूल प्राचार्य यह सुनिश्चित करें कि कक्षा के कमरों और बच्चों के शौचालयों में गैर शिक्षण कर्मचारी प्रवेश न करे। बच्चों से समय-समय पर उनकी परेशानियों के बारे में बातचीत करनी चाहिए।
एडीसी ने कहा कि राजकीय और निजी विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए स्कूल प्रबंधन समितियां विशेष टीमों का गठन करें। इस टीम में शिक्षक, अभिभावक और वरिष्ठ छात्र-छात्राओं को शामिल किया जाए। इसमें राजकीय और निजी विद्यालयों के 100 से अधिक प्राचार्य और स्कूल संचालकों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि किसी भी स्कूल में विद्यार्थी के साथ अपराध की घटना होना सबसे अधिक चिंतनीय विषय है। अभिभावक अपने बच्चों को इस विश्वास के साथ विद्यालय में भेजते हैं कि वह छुट्टी के बाद सुरक्षित घर लौटकर आएगा। इस विश्वास को कायम रखना स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी है। जिलास्तरीय बैठक में खंड शिक्षा अधिकारी जयप्रकाश सभ्रवाल, बीईईओ कपूर सिंह राणा, पूर्व डीईओ जगजीत सिंह साहू, केएन स्कूल निदेशक प्रीतम सिंह, अजीत फौगाट मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
प्रत्येक विद्यालय में एक ऐसी टीम बनाई जाए जो छात्र-छात्राओं के साथ-साथ स्कूल स्टाफ की गतिविधियों पर भी निगाह रखें। जरा सा भी कहीं संदेह नजर आता है तो उस व्यक्ति के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए। बुधवार को केएन वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए जिलास्तरीय बैठक में एडीसी अजय सिंह तोमर ने दिशा-निर्देश जारी किए। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे हमेशा चालू हालत में होने चाहिए। स्कूल बस के चालक व परिचालक का पुलिस रिकार्ड से सत्यापन होना चाहिए। साथ ही स्कूल प्राचार्य यह सुनिश्चित करें कि कक्षा के कमरों और बच्चों के शौचालयों में गैर शिक्षण कर्मचारी प्रवेश न करे। बच्चों से समय-समय पर उनकी परेशानियों के बारे में बातचीत करनी चाहिए।
एडीसी ने कहा कि राजकीय और निजी विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए स्कूल प्रबंधन समितियां विशेष टीमों का गठन करें। इस टीम में शिक्षक, अभिभावक और वरिष्ठ छात्र-छात्राओं को शामिल किया जाए। इसमें राजकीय और निजी विद्यालयों के 100 से अधिक प्राचार्य और स्कूल संचालकों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि किसी भी स्कूल में विद्यार्थी के साथ अपराध की घटना होना सबसे अधिक चिंतनीय विषय है। अभिभावक अपने बच्चों को इस विश्वास के साथ विद्यालय में भेजते हैं कि वह छुट्टी के बाद सुरक्षित घर लौटकर आएगा। इस विश्वास को कायम रखना स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी है। जिलास्तरीय बैठक में खंड शिक्षा अधिकारी जयप्रकाश सभ्रवाल, बीईईओ कपूर सिंह राणा, पूर्व डीईओ जगजीत सिंह साहू, केएन स्कूल निदेशक प्रीतम सिंह, अजीत फौगाट मौजूद रहे।
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