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50 हजार यात्रियों के लिए व्यवस्थाएं रही नाकाफी
Updated Mon, 07 Aug 2017 12:17 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो ़
चरखी दादरी।
रक्षाबंधन पर महिलाओं को रविवार दोपहर बाद निशुल्क सेवा तो रोडवेज ने दी लेकिन यात्रियों की संख्या के लिहाज बस सेवाएं नाकाफी साबित हुई। बसों के इंतजार से उब चुके यात्रियों ने मजबूरीवश ट्रेन सेवा व निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। रोडवेज में करीब 35 हजार यात्रियों ने सफर किया जबकि रेलवे स्टेशन से भी करीब दस हजार यात्रियों ने अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान किया। यात्रियों की भीड़ रहने से दिनभर निजी वाहन चालकों ने भी चांदी कूटी। जिले में रक्षाबंधन की पूर्व संध्या करीब पचास हजार लोगों ने सफर किया लेकिन ज्यादातर अधूरे इंतजामात से खफा ही नजर आए। रोडवेज विभाग के अधिकारियों ने 12 अतिरिक्त बसें चलाने के दावें तो किए लेकिन वर्कशॉप परिसर में टायरों के अभाव में खड़ी बसों को ही कंडम बताकर जिम्मेवारी से ल्ला झाड़ लिया। इसके अलावा चालक प्रशिक्षण केंद्र की बसों को भी समीपवर्ती गांवों में चलाने से भी रोडवेज अधिकारी गुरेज कर गए। हालांकि अधिकारी बस स्टैंड से हर 15 मिनट बाद एक बस निकलने का दावा कर रहे हैं लेकिन ज्यादातर समय खाली नजर आए बूथ इन दोवों की पोल खोल रहे हैं।
दादरी डिपो से राखी पर्व पर 88 बसें चलाई गई। सामान्यत बस स्टैंड परिसर से 80-82 बसें चलाई जाती हैं। लोहारू सब डिपो से करीब 50 बसें रक्षाबंधन की पूर्व संध्या चलाई गई। इनमें भी छह बसें अतिरिक्त शामिल हैं। रोडवेज अधिकारियों की मानें आम दिन के मुकाबले रविवार को करीब ढाई गुणा अतिरिक्त यात्रियों ने सफर किया। दादरी डिपो से करीब 27 हजार और लोहारू सब डिपो से करीब आठ हजार यात्रियों ने सफर किया। रोडवेज अधिकारियों का कहना है अतिरिक्त चलाई गई बसों ने विभिन्न रूटों पर करीब 36 ट्रिप लगाईं और निर्धारित की बजाय जरूरत के मुताबिक रूटों पर इन बसों को भेजा गया। दादरी डिपो की करीब 136 बसों ने दिनभर में 260 ट्रिप लगाईं। सबसे अधिक ट्रिप दादरी-रोहतक रूट की मारी गई। विभाग ने रक्षाबंधन की तैयारियां पहले ही शुरू कर दी थी। विभाग ने चालकों और परिचालकों की छुट्टियां भी रद्द कर दी थी। दादरी बेड़े में दिनभर रोडवेज ट्रेनिंग स्कूल की एक दर्जन बसें खड़ी रहीं। इन्हें किसी रूट पर नहीं चलाया गया।
किस रूट पर कितने बसें दौड़ीं
डीआई शाखा के कर्मचारी सत्यप्रकाश ने बताया कि दादरी-दिल्ली रूट पर बसों ने 20 ट्रिप, दादरी-रोहतक रूट पर 30 ट्रिप, दादरी-नारनौल रूट पर 24 ट्रिप, दादरी-बेरी रूट पर 16 ट्रिप, दादरी-भिवानी रूट पर 30 ट्रिप, दादरी-कनीना रूट पर 24 ट्रिप बसों ने लगाईं। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त बसों को भी जरूरत के अनुसार इन विभिन्न रूटों पर भेजा गया। उन्होंने बताया कि दिनभर में 250 से अधिक ट्रिप बसों ने मारी है।
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ट्रेनिंग स्कूल की बसें चलाने में नहीं दिखाई दिलचस्पी
दादरी रोडवेज ट्रेनिंग स्कूल में 12 बसे हैं। रविवार को अवकाश होने के चलते दिनभर ये बसें बस स्टैंड परिसर में खड़ी रही लेकिन अधिकारियों ने इन्हें रूटों पर चलाने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। इसका कारण विभागीय अधिकारी इन बसों में सवारियों के मुताबिक व्यवस्थाएं न होना बता रहे हैं।
हमने दादरी डिपो व लोहारू सब डिपो की सभी बसें चला रखी है। करीब 12 अतिरिक्त बसे आज हमने चलाई हैं। इनके रूट निर्धारित नहीं है, जरूरत के अनुसार इन्हें अलग-अलग रूटों पर भेजा जा रहा है। लगभग हर 15 मिनट बाद एक बस यहां से रवाना हो रही है। इतनी भीड़ में थोड़ी बहुत परेशानी होनी लाजमी है। जो बसें वर्कशॉप में खड़ी हैं उनमें टायरों की कमी नहीं है, बल्कि वो बसें कंडम हो चुकी हैं। शनिवार को हमारे पास टायर पहुंच गए थे।
आरएस पूनिया, जीएम रोडवेज, दादरी डिपो
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चरखी दादरी।
रक्षाबंधन पर महिलाओं को रविवार दोपहर बाद निशुल्क सेवा तो रोडवेज ने दी लेकिन यात्रियों की संख्या के लिहाज बस सेवाएं नाकाफी साबित हुई। बसों के इंतजार से उब चुके यात्रियों ने मजबूरीवश ट्रेन सेवा व निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। रोडवेज में करीब 35 हजार यात्रियों ने सफर किया जबकि रेलवे स्टेशन से भी करीब दस हजार यात्रियों ने अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान किया। यात्रियों की भीड़ रहने से दिनभर निजी वाहन चालकों ने भी चांदी कूटी। जिले में रक्षाबंधन की पूर्व संध्या करीब पचास हजार लोगों ने सफर किया लेकिन ज्यादातर अधूरे इंतजामात से खफा ही नजर आए। रोडवेज विभाग के अधिकारियों ने 12 अतिरिक्त बसें चलाने के दावें तो किए लेकिन वर्कशॉप परिसर में टायरों के अभाव में खड़ी बसों को ही कंडम बताकर जिम्मेवारी से ल्ला झाड़ लिया। इसके अलावा चालक प्रशिक्षण केंद्र की बसों को भी समीपवर्ती गांवों में चलाने से भी रोडवेज अधिकारी गुरेज कर गए। हालांकि अधिकारी बस स्टैंड से हर 15 मिनट बाद एक बस निकलने का दावा कर रहे हैं लेकिन ज्यादातर समय खाली नजर आए बूथ इन दोवों की पोल खोल रहे हैं।
दादरी डिपो से राखी पर्व पर 88 बसें चलाई गई। सामान्यत बस स्टैंड परिसर से 80-82 बसें चलाई जाती हैं। लोहारू सब डिपो से करीब 50 बसें रक्षाबंधन की पूर्व संध्या चलाई गई। इनमें भी छह बसें अतिरिक्त शामिल हैं। रोडवेज अधिकारियों की मानें आम दिन के मुकाबले रविवार को करीब ढाई गुणा अतिरिक्त यात्रियों ने सफर किया। दादरी डिपो से करीब 27 हजार और लोहारू सब डिपो से करीब आठ हजार यात्रियों ने सफर किया। रोडवेज अधिकारियों का कहना है अतिरिक्त चलाई गई बसों ने विभिन्न रूटों पर करीब 36 ट्रिप लगाईं और निर्धारित की बजाय जरूरत के मुताबिक रूटों पर इन बसों को भेजा गया। दादरी डिपो की करीब 136 बसों ने दिनभर में 260 ट्रिप लगाईं। सबसे अधिक ट्रिप दादरी-रोहतक रूट की मारी गई। विभाग ने रक्षाबंधन की तैयारियां पहले ही शुरू कर दी थी। विभाग ने चालकों और परिचालकों की छुट्टियां भी रद्द कर दी थी। दादरी बेड़े में दिनभर रोडवेज ट्रेनिंग स्कूल की एक दर्जन बसें खड़ी रहीं। इन्हें किसी रूट पर नहीं चलाया गया।
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किस रूट पर कितने बसें दौड़ीं
डीआई शाखा के कर्मचारी सत्यप्रकाश ने बताया कि दादरी-दिल्ली रूट पर बसों ने 20 ट्रिप, दादरी-रोहतक रूट पर 30 ट्रिप, दादरी-नारनौल रूट पर 24 ट्रिप, दादरी-बेरी रूट पर 16 ट्रिप, दादरी-भिवानी रूट पर 30 ट्रिप, दादरी-कनीना रूट पर 24 ट्रिप बसों ने लगाईं। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त बसों को भी जरूरत के अनुसार इन विभिन्न रूटों पर भेजा गया। उन्होंने बताया कि दिनभर में 250 से अधिक ट्रिप बसों ने मारी है।
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ट्रेनिंग स्कूल की बसें चलाने में नहीं दिखाई दिलचस्पी
दादरी रोडवेज ट्रेनिंग स्कूल में 12 बसे हैं। रविवार को अवकाश होने के चलते दिनभर ये बसें बस स्टैंड परिसर में खड़ी रही लेकिन अधिकारियों ने इन्हें रूटों पर चलाने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। इसका कारण विभागीय अधिकारी इन बसों में सवारियों के मुताबिक व्यवस्थाएं न होना बता रहे हैं।
हमने दादरी डिपो व लोहारू सब डिपो की सभी बसें चला रखी है। करीब 12 अतिरिक्त बसे आज हमने चलाई हैं। इनके रूट निर्धारित नहीं है, जरूरत के अनुसार इन्हें अलग-अलग रूटों पर भेजा जा रहा है। लगभग हर 15 मिनट बाद एक बस यहां से रवाना हो रही है। इतनी भीड़ में थोड़ी बहुत परेशानी होनी लाजमी है। जो बसें वर्कशॉप में खड़ी हैं उनमें टायरों की कमी नहीं है, बल्कि वो बसें कंडम हो चुकी हैं। शनिवार को हमारे पास टायर पहुंच गए थे।
आरएस पूनिया, जीएम रोडवेज, दादरी डिपो