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तीन गुना बढ़ी होली पर गुजिया की डिमांड, मिठाई मार्केट चमकने की उम्मीद
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। होली पर्व पर शहर के मिष्ठान भंडारों पर गुंजिया की डिमांड बढ़नी शुरू हो गई है। पिछले तीन दिनों के मुकाबले प्रतिदिन बिक्री तीन से चार गुना बढ़ गई है। मिष्ठान भंडार संचालकों का कहना है कि पहले प्रतिदिन छह से सात किलोग्राम गुजिया की डिमांड थी लेकिन अब यह बढ़कर 28 से 30 किलोग्राम पहुंच गई है। शहर में करीब 50 छोटे-बड़े मिष्ठान भंडार हैं और होली पर्व पर कारोबार 20 लाख से पार जाने की उम्मीद जताई जा रही है।
क्षेत्र में होली पर्व पर गुंजिया की डिमांड बढ़ गई है। 20 मार्च को होली पर्व को लेकर शहर में फिलहाल अन्य मिठाइयों की इतनी बिक्री नहीं बढ़ी है लेकिन गुंजिया की डिमांड बढ़ने लगी है। शहर मेें करीब 50 मिठाई की दुकानें हैं। पुराने समय में लोग अपने घरों में ही होली पर्व पर पकवान बनाकर खाते थे लेकिन आज का वातावरण बदलने पर सभी पकवान घर बाजार से पहुंचते हैं। रेडीमेड पकवान की ज्यादा डिमांड बढ़ने लगी है। फास्ट फूड, जंक फूड का सेवन ज्यादा मात्रा में किया जाने लगा है। इस बार होली पर्व पर मिठाई के रूप में खाद्य पदार्थ गुंजिया की डिमांड बढ़ी है। बिक्री में गुंजिया ने अन्य सब मिठाइयों को पीछे छोड़ दिया है। पिछले दो- तीन दिनों से मिठाई के रूप में गुंजिया की मांग ज्यादा बढ़ी है। खासकर शहरी व शहर से सटते गांवों के लोग इस मिठाई को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
गुंजिया में नारियल, दूध से बना खोया, ड्राई फ्रूट, बादाम, छुआरा, काजू आदि का मिश्रण होता है। इसमें मीठा की मात्रा काफी कम होती है। स्वास्थ्य के लिहाज से भी यह हानिकारक नहीं माना जाता है। इस मिठाई में पौष्टिकता ज्यादा मात्रा में है। शहर के हीरा चौक क्षेत्र निवासी मिठाई विक्रेता सम्मी स्वामी ने बताया कि होली पर्व पर गुंजिया मिठाई की डिमांड ज्यादा बढ़ी है। पहले उसकी दुकान पर यह मिठाई रोजाना सात से आठ किलोग्राम तक बिकती थी। अब पिछले दो-तीन रोज से 30-35 किलोग्राम तक इस मिठाई की बिक्री हो जाती है अन्य मिठाइयों की इतनी बिक्री नहीं है।
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पिछली बार भी गुंजिया की डिमांड थी अधिक
-इस बार गुजिया की डिमांड बढ़ी है। इस मिठाई का जायका एवं टेस्ट बढ़िया है। पिछले दो- तीन रोज से गुंजिया की ज्यादा मांग बढ़ी है। होली पर्व पर अन्य मिठाइयों की इतनी मांग नहीं है।
सम्मी स्वामी, मिठाई विक्रेता
-होली पर्व पर आम मिठाइयों की बिक्री सामान्य ही है। गुंजिया भी बिक रही है। आने वाले एक दो रोज में मिठाइयों की बिक्री बढ़ सकती है। मिठाइयों की दुकानों पर बिक्री में इतनी बढ़ोतरी नहीं हुई है।
शंकरलाल, मिठाई विक्रेता
--फिलहाल उनकी सभी प्रकार की मिठाइयां बिक रही हैं। दिवाली की अपेक्षा होली पर्व पर इतनी मात्रा में मिठाई की बिक्री नहीं होती। फिलहाल गुंजिया, पेड़ा, जलेबी, रस गुल्ला व गुलाब जामुन की बिक्री हो रही है।
सुरेंद्र कुमार, मिठाई विक्रेता
-होली पर्व पर वैसे तो सभी प्रकार की मिठाइयां बिकती हैं लेकिन उनकी दुकान पर पिछले दिनों से पतासा की बिक्री ज्यादा बढ़ी है। इस त्योहार पर मिठाइयों की कम ही डिमांड होती है।
बलबीर सिंह, मिष्ठान भंडार संचालक
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चरखी दादरी। होली पर्व पर शहर के मिष्ठान भंडारों पर गुंजिया की डिमांड बढ़नी शुरू हो गई है। पिछले तीन दिनों के मुकाबले प्रतिदिन बिक्री तीन से चार गुना बढ़ गई है। मिष्ठान भंडार संचालकों का कहना है कि पहले प्रतिदिन छह से सात किलोग्राम गुजिया की डिमांड थी लेकिन अब यह बढ़कर 28 से 30 किलोग्राम पहुंच गई है। शहर में करीब 50 छोटे-बड़े मिष्ठान भंडार हैं और होली पर्व पर कारोबार 20 लाख से पार जाने की उम्मीद जताई जा रही है।
क्षेत्र में होली पर्व पर गुंजिया की डिमांड बढ़ गई है। 20 मार्च को होली पर्व को लेकर शहर में फिलहाल अन्य मिठाइयों की इतनी बिक्री नहीं बढ़ी है लेकिन गुंजिया की डिमांड बढ़ने लगी है। शहर मेें करीब 50 मिठाई की दुकानें हैं। पुराने समय में लोग अपने घरों में ही होली पर्व पर पकवान बनाकर खाते थे लेकिन आज का वातावरण बदलने पर सभी पकवान घर बाजार से पहुंचते हैं। रेडीमेड पकवान की ज्यादा डिमांड बढ़ने लगी है। फास्ट फूड, जंक फूड का सेवन ज्यादा मात्रा में किया जाने लगा है। इस बार होली पर्व पर मिठाई के रूप में खाद्य पदार्थ गुंजिया की डिमांड बढ़ी है। बिक्री में गुंजिया ने अन्य सब मिठाइयों को पीछे छोड़ दिया है। पिछले दो- तीन दिनों से मिठाई के रूप में गुंजिया की मांग ज्यादा बढ़ी है। खासकर शहरी व शहर से सटते गांवों के लोग इस मिठाई को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
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गुंजिया में नारियल, दूध से बना खोया, ड्राई फ्रूट, बादाम, छुआरा, काजू आदि का मिश्रण होता है। इसमें मीठा की मात्रा काफी कम होती है। स्वास्थ्य के लिहाज से भी यह हानिकारक नहीं माना जाता है। इस मिठाई में पौष्टिकता ज्यादा मात्रा में है। शहर के हीरा चौक क्षेत्र निवासी मिठाई विक्रेता सम्मी स्वामी ने बताया कि होली पर्व पर गुंजिया मिठाई की डिमांड ज्यादा बढ़ी है। पहले उसकी दुकान पर यह मिठाई रोजाना सात से आठ किलोग्राम तक बिकती थी। अब पिछले दो-तीन रोज से 30-35 किलोग्राम तक इस मिठाई की बिक्री हो जाती है अन्य मिठाइयों की इतनी बिक्री नहीं है।
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पिछली बार भी गुंजिया की डिमांड थी अधिक
-इस बार गुजिया की डिमांड बढ़ी है। इस मिठाई का जायका एवं टेस्ट बढ़िया है। पिछले दो- तीन रोज से गुंजिया की ज्यादा मांग बढ़ी है। होली पर्व पर अन्य मिठाइयों की इतनी मांग नहीं है।
सम्मी स्वामी, मिठाई विक्रेता
-होली पर्व पर आम मिठाइयों की बिक्री सामान्य ही है। गुंजिया भी बिक रही है। आने वाले एक दो रोज में मिठाइयों की बिक्री बढ़ सकती है। मिठाइयों की दुकानों पर बिक्री में इतनी बढ़ोतरी नहीं हुई है।
शंकरलाल, मिठाई विक्रेता
--फिलहाल उनकी सभी प्रकार की मिठाइयां बिक रही हैं। दिवाली की अपेक्षा होली पर्व पर इतनी मात्रा में मिठाई की बिक्री नहीं होती। फिलहाल गुंजिया, पेड़ा, जलेबी, रस गुल्ला व गुलाब जामुन की बिक्री हो रही है।
सुरेंद्र कुमार, मिठाई विक्रेता
-होली पर्व पर वैसे तो सभी प्रकार की मिठाइयां बिकती हैं लेकिन उनकी दुकान पर पिछले दिनों से पतासा की बिक्री ज्यादा बढ़ी है। इस त्योहार पर मिठाइयों की कम ही डिमांड होती है।
बलबीर सिंह, मिष्ठान भंडार संचालक