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दुग्ध उद्यमिता विकास योजना की सब्सिडी नाबार्ड के माध्यम से मिलेगी पात्रों को: सोहनलाल
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
नाबार्ड के तत्वाधान में मंगलवार को शाखा प्रबंधकों के लिए दी भिवानी प्राथमिक कृषि और ग्रामीण विकास बैंक में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें सभी बैंकों के 40 कर्मचारियों ने भाग लिया। सहायक महाप्रबंधक सोहन लाल ने बताया कि भारत सरकार की दुग्ध उद्यमिता विकास योजना की सब्सिडी नाबार्ड के माध्यम से पात्र लोगों तक पहुंच रही है।
इसमें नौ अंग हैं जो दो से दस दुधारू पशु, बच्छियों का पालन, दुधारू पशु इकाई सहित वर्मीकम्पोस्ट, दूध निथारने वाली मशीन, चिलिंग प्लांट, डेरी प्रसंस्करण, दुग्ध उत्पाद परिवहन और कोल्ड चैन की स्थापना, दुध और दुध के उत्पादों के लिए कोल्ड स्टोरेज सुविधा, दुग्ध विपणन केंद्र/डेरी पालक आदि हैं। यह सुविधा बैंकों में उपलब्ध है जिसके अंतर्गत सामान्य वर्ग के लिए 25 प्रतिशत और अनुसूचित जाति जनजाति हेतु 33.33 प्रतिशत सब्सिडी उपलब्ध है। डीडीएम नाबार्ड ने बताया कि नाबार्ड द्वारा स्टेट क्रेडिट सेमिनार चंडीगढ़ में आयोजित किया गया था जिसमें एफपीओ निहालगढ़ और एमपीओ बहल को अच्छा कार्य करने पर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डीपी तलेजा, आरसीटी भिवानी करतार सिंह ने भी विचार रखे।
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चरखी दादरी।
नाबार्ड के तत्वाधान में मंगलवार को शाखा प्रबंधकों के लिए दी भिवानी प्राथमिक कृषि और ग्रामीण विकास बैंक में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें सभी बैंकों के 40 कर्मचारियों ने भाग लिया। सहायक महाप्रबंधक सोहन लाल ने बताया कि भारत सरकार की दुग्ध उद्यमिता विकास योजना की सब्सिडी नाबार्ड के माध्यम से पात्र लोगों तक पहुंच रही है।
इसमें नौ अंग हैं जो दो से दस दुधारू पशु, बच्छियों का पालन, दुधारू पशु इकाई सहित वर्मीकम्पोस्ट, दूध निथारने वाली मशीन, चिलिंग प्लांट, डेरी प्रसंस्करण, दुग्ध उत्पाद परिवहन और कोल्ड चैन की स्थापना, दुध और दुध के उत्पादों के लिए कोल्ड स्टोरेज सुविधा, दुग्ध विपणन केंद्र/डेरी पालक आदि हैं। यह सुविधा बैंकों में उपलब्ध है जिसके अंतर्गत सामान्य वर्ग के लिए 25 प्रतिशत और अनुसूचित जाति जनजाति हेतु 33.33 प्रतिशत सब्सिडी उपलब्ध है। डीडीएम नाबार्ड ने बताया कि नाबार्ड द्वारा स्टेट क्रेडिट सेमिनार चंडीगढ़ में आयोजित किया गया था जिसमें एफपीओ निहालगढ़ और एमपीओ बहल को अच्छा कार्य करने पर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डीपी तलेजा, आरसीटी भिवानी करतार सिंह ने भी विचार रखे।
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