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रजिस्ट्रार के पास पहुंचा नामदेव समिति का चुनावी मामला
Updated Sun, 25 Jun 2017 11:31 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
संत शिरोमणि संत नामदेव समिति में गुटबाजी और चुनाव कराने पर पैदा हुआ विवाद सोसायटी रजिस्ट्रार के पास पहुंच गया है। एक पक्ष ने इसकी शिकायत रजिस्ट्रार को दे दी है। साथ ही उनका कहना है कि इसके चुनाव सर्वसम्मति से हो चुके हैं। मगर कुछ लोग भाईचारा बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं जो सही नहीं है।
यहां जारी एक बयान में प्रधान राजेंद्र रोहिल्ला व नरेश रोहिल्ला ने संयुक्त रूप से बताया कि गत रविवार को समिति के चुनाव सर्वसम्मति से हुए थे जिसमें सर्वसम्मति से राजेंद्र रोहिल्ला को प्रधान पद की जिम्मेवारी सौंपी गई थी। मगर अब पूर्व प्रधान व उनके कुछ साथी पर्ची काटकर भाईचारे को खत्म करने का प्रयास कर रहे हैं। समिति का पिछला कार्यकाल समाप्त हो चुका है। इसलिए इस तरह की कार्यवाही करने का उनको कोई अधिकार नहीं। समिति के पूर्व पदाधिकारी व कुछ सदस्य समाज के लोगों को गुमराह कर रहे हैं और बार-बार चुनाव की घोषणा करके स्थगित करते रहते हैं। इससे समिति के उद्देश्य व कार्यों पर असर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि समिति के चुनाव सर्वसम्मति से हो चुके हैं और पदाधिकारियों ने कार्यभार भी संभाल लिया है। उधर दूसरी ओर राजबीर सिंह प्रधान व अन्य का कहना है कि जो चुनाव कराया गया था वह गलत था। उसका कोई आधार नहीं है। किसी पदाधिकारी को उसकी सूचना नहीं दी गई, यह चुनाव भी नियमानुसार नहीं हुआ।
रजिस्ट्रार के पास पहुंचा नामदेव समिति का चुनावी मामला
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बहादुरगढ़।
संत शिरोमणि संत नामदेव समिति में गुटबाजी और चुनाव कराने पर पैदा हुआ विवाद सोसायटी रजिस्ट्रार के पास पहुंच गया है। एक पक्ष ने इसकी शिकायत रजिस्ट्रार को दे दी है। साथ ही उनका कहना है कि इसके चुनाव सर्वसम्मति से हो चुके हैं। मगर कुछ लोग भाईचारा बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं जो सही नहीं है।
यहां जारी एक बयान में प्रधान राजेंद्र रोहिल्ला व नरेश रोहिल्ला ने संयुक्त रूप से बताया कि गत रविवार को समिति के चुनाव सर्वसम्मति से हुए थे जिसमें सर्वसम्मति से राजेंद्र रोहिल्ला को प्रधान पद की जिम्मेवारी सौंपी गई थी। मगर अब पूर्व प्रधान व उनके कुछ साथी पर्ची काटकर भाईचारे को खत्म करने का प्रयास कर रहे हैं। समिति का पिछला कार्यकाल समाप्त हो चुका है। इसलिए इस तरह की कार्यवाही करने का उनको कोई अधिकार नहीं। समिति के पूर्व पदाधिकारी व कुछ सदस्य समाज के लोगों को गुमराह कर रहे हैं और बार-बार चुनाव की घोषणा करके स्थगित करते रहते हैं। इससे समिति के उद्देश्य व कार्यों पर असर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि समिति के चुनाव सर्वसम्मति से हो चुके हैं और पदाधिकारियों ने कार्यभार भी संभाल लिया है। उधर दूसरी ओर राजबीर सिंह प्रधान व अन्य का कहना है कि जो चुनाव कराया गया था वह गलत था। उसका कोई आधार नहीं है। किसी पदाधिकारी को उसकी सूचना नहीं दी गई, यह चुनाव भी नियमानुसार नहीं हुआ।
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रजिस्ट्रार के पास पहुंचा नामदेव समिति का चुनावी मामला