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एसटीपी टैंक से ओवरफ्लो होकर खेतों में पहुंचा दूषित पानी, 200 एकड़ में खड़ी गेहूं, सरसों और धान की फसल जलमग्न

Wed, 20 Mar 2019 12:09 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 20 Mar 2019 12:09 AM IST
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एसटीपी टैंक से ओवरफ्लो होकर खेतों में पहुंचा दूषित पानी, 200 एकड़ में खड़ी गेहूं, सरसों और धान की फसल जलमग्न
अमर उजाला ब्यूरो
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चरखी दादरी। एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) से आगे पानी निकासी की व्यवस्था न होना समसपुर के किसानों की गले की फांस बन गई है। 15 दिनों से एसटीपी टैंक से दूषित पानी ओवरफ्लो होकर किसानों के खेतों में जमा हो रहा है। जन स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की अनदेखी से खफा किसानों ने मंगलवार सुबह रोष जताया और समाधान की मांग के लिए विधायक सुखविंद्र मांढ़ी से मिले। किसानों ने उन्हें बताया कि मंगलवार तक करीब 200 एकड़ पर खड़ी फसलें जलमग्न हो चुकी हैं। अभी भी दूषित पानी ओवरफ्लो होने का सिलसिला जारी है। किसानों का कहना है कि पिछले सात सालों से हर बार उनकी फसल खराब हो जाती है और सरकार या प्रशासन की तरफ से कोई मुआवजा नहीं दिया जाता। विधायक ने उनकी समस्याएं सुनने के बाद प्रभावी कदम उठाकर इनका समाधान करने का आश्वासन किसानों को दिया है।
मंगलवार सुबह करीब 11 बजे समसपुर के किसान एसटीपी के समीप एकत्र हुए। किसान रामचंद्र, देवीलाल, जयसिंह, होशियार सिंह, सतबीर, लीलाराम, देवेंद्र लीला, मांगेराम, बलबीर, सुरेश, राजेश, कृष्ण व रमेश आदि किसानों ने बताया कि वो पिछले 15 दिनों से विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन अब तक किसी ने ओवरफ्लो कर रहे टैंक का जायजा नहीं लिया है। इन किसानों ने बताया कि उनकी 200 एकड़ से अधिक में खड़ी गेहूं और सरसों की फसल जलमग्न हो चुकी हैं। इन किसानों ने बताया कि जिन किसानों ने कपास की हाल ही में बिजाई की थी, उनके खेतों में भी सीवर का दूषित और बदबूदार पानी जमा है।
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इन किसानों ने बताया कि बताया कि एसटीपी बनने के बाद से ही उनके खेतों में दूषित पानी पहुंच रहा है। इसके चलते पिछले सात सालों से उन्हें परेशानियां झेलनी पड़ती है। इन ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के समय तो एक हजार एकड़ से ज्यादा भूमि इसकी चपेट में आ जाती है और इसके चलते किसानों की फसल तबाह हो जाती है। वहीं, सरकार और जिला प्रशासन की तरफ से किसानों को मुआवजा तक नहीं दिया जाता। ग्रामीणों ने बताया कि इस बार भी स्थिति ऐसी ही बनी हुई है। पिछले दस दिनों से एसटीपी का स्टोरेज टैंक ओवरफ्लो कर रहा है और दूषित पानी किसानों के खेतों में जमा हो रहा है। जन स्वास्थ्य विभाग को सूचना देने के बाद भी ओवरफ्लो बंद करने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए हैं। इसके चलते ग्रामीणों में रोष है।
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विधायक साहब, न समाधान होता न मिल रहा मुआवजा
एसटीपी के समीप रोष जताने के बाद किसान एकत्र होकर लोहारू रोड स्थित विधायक सुखविंद्र मांढ़ी के आवास पर पहुंचे। इन किसानों ने बताया कि शहर से निकलने वाला दूषित पानी एसटीपी से आगे नहीं जा पा रहा। उन्होंने बताया कि लंबे समय से किसान प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उनकी समस्या नजरअंदाज की जा रही है। उन्होंने बताया कि अब तक न तो समस्या का स्थायी हल ढूंढा गया है और न ही किसानों को दूषित पानी जमा होने से बर्बाद फसलों का मुआवजा दिया गया है।

ड्रेन प्रोजेक्ट दिलाएगा समस्या से निजात
विभागीय सूत्रों की मानें तो एसटीपी से आगे पानी निकासी की व्यवस्था न होने से समस्या बनी हुई है। दिल्ली रोड एसटीपी पर 55 प्रतिशत शहर की सीवर लाइनों का पानी पहुंचता है। इस समस्या का समाधान ड्रेन प्रोजेक्ट ही है। जन स्वास्थ्य विभाग ने इसकी प्लान और एस्टिमेट भी तैयार कर फाइल हेड ऑफिस भेजी थी। फिलहाल इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू ही नहीं हो पाया है।


किसानों ने मुझे अपनी समस्या बताई है। इस संबंध में जन स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारियों से बातचीत करूंगा। जल्द से जल्द समस्या का समाधान कराने का आश्वासन किसानों को मैंने दिया है। किसानों का कहना है कि वो अधिकारियों को अवगत करवा चुके हैं लेकिन अभी तक समाधान नहीं हुआ है।
सुखविंद्र मांढ़ी, बाढड़ा विधायक
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