फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   निरीक्षण में मिलीं खामियां, विभाग ने बंद की आठ खेल नर्सरियां

निरीक्षण में मिलीं खामियां, विभाग ने बंद की आठ खेल नर्सरियां

Thu, 14 Feb 2019 12:18 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 14 Feb 2019 12:18 AM IST
विज्ञापन
निरीक्षण में मिलीं खामियां, विभाग ने बंद की आठ खेल नर्सरियां

विज्ञापन
सरकार से मान्यता प्राप्त खेल नर्सरियों में अभ्यासरत खिलाड़ियों को खेल विभाग ने झटका दिया है। जिले में करीब डेढ़ साल पहले शुरू की गई 13 खेल नर्सरियों में से आठ को विभाग ने बंद कर दिया है। नर्सरी संचालकों को विभाग की तरफ से इस बाबत बीती आठ फरवरी को पत्र भी जारी किया गया है। नर्सरियों में खेल सुविधाओं और खिलाड़ियों की कम संख्या को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। दो खेल नर्सरियां शुरुआत में ही बंद हो गई थी। अब जिले में महज तीन सरकारी खेल नर्सरियां ही वर्किंग में हैं। सरकार ने 13 खेल नर्सरियों के लिए 18 लाख का बजट जारी किया था। निरीक्षण के दौरान खामियां मिलने पर 16 जुलाई, 2018 को नर्सरी संचालकों और 24 अगस्त को शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखकर बंद करने संबंधी निर्देश जारी किए थे।
ये खेल नर्सरियां सरकारी और प्राइवेट शिक्षण संस्थाओं में चल रही थीं। इनमें कबड्डी, तीरंदाजी, वॉलीबाल, खो-खो, फुटबॉल, एथलीट, हॉकी आदि खेलों का प्रशिक्षण शुरू किया गया था। इनमें खिलाड़ियों और कोच को सरकार की ओर राशि और अन्य सुविधाएं दी जाती हैं। अब जिला खेल विभाग ने आठ शिक्षण संस्थाओं के मुखिया को पत्र क्रमांक=2019/79-86 दिनांक 8/2/19 के तहत नर्सरी बंद करने संबंधी आदेश जारी किए हैं।
विज्ञापन

इन खेल नर्सरियों का समय-समय पर खेल विभाग के अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया गया था ताकि सुविधाओं और खिलाड़ियों के प्रदर्शन का आंकलन किया जा सके। निरीक्षण के दौरान खिलाड़ियों की संख्या बेहद कम मिली। अधिकारियों के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान एक नर्सरी में 16 खिलाड़ियों की उपस्थिति अनिवार्य थी लेकिन ज्यादातर में दस से कम संख्या मिली।
विज्ञापन
विज्ञापन

खेल नर्सरियों में अभ्यासरत खिलाड़ियों को सरकार की तरफ से डाइट मनी देने का प्रावधान है। यहां अभ्यास कराने वाले कोच की तनख्वाह भी सरकार ही देती है। खिलाड़ियों की डाइट मनी भी दो श्रेणी में दी जाती है। इसमें 1500 और 2000 रुपये मासिक का प्रावधान है। खिलाड़ियों की डाइट मनी और कोच की तनख्वाह के लिए सरकार खेल विभाग को 18 लाख रुपये दे चुकी है। यह राशि खिलाड़ियों और कोचों के खाते में डाली जानी है लेकिन फिलहाल ट्रेजरी की तरफ से फाइल पर आपत्ति लगाई गई हैं।
विभाग ने ट्रस्टिन स्कूल ऑफ साइंस मंदोला, आर्यन मॉडल स्कूल दादरी, राजकीय हाई स्कूल बास-रानीला, आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल बौंद कलां, डायमंड वेली स्कूल अचिना ताल, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल डोहका मौजी, नव चेतना स्कूल बाढड़ा, एसबीएस स्कूल बधवाना में चल रही खेल नर्सरियों को बंद करने के निर्देश जारी किए हैं। खेल विभाग के पत्र में कहा गया कि इन खेल नर्सरियों के संचालकों को समय- समय पर खामियों और खिलाड़ियों की संख्या के बारे में अवगत कराया गया था। इन खेल नर्सरियों में खिलाड़ियों का चयन ट्रायल के आधार पर किया गया था। बाद में यहां कोच भी तैनात किए गए थे ताकि खिलाड़ियों को खेल अभ्यास करवाते रहे लेकिन यह नर्सरियां सरकारी मापदंड के अनुरूप खरी नहीं उतर पाई।

सरकार द्वारा निर्धारित मापदंड पर खरा न उतरने के चलते आठ खेल नर्सरियों को बंद किया गया है। संचालकों को हमने गत आठ फरवरी को ही पत्र जारी कर दिया था।
विकास कुमार, जिला खेल अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed